शुक्रवार, 4 अगस्त 2023

राम जन्म भूमि

 05 अगस्त 2020 भारत के इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली एक ऐसी तारीख है, जो 500 साल से ज्यादा समय से चले आ रहे विवाद काअंतिम पन्ना था. आस्था की भावना और जमीन के विवाद में उलझे अयोध्या को लेकर देश ने दर्द और विभेद का बहुत बड़ा खामियाजा भुगत चुका है. देश की न्यायपालिका से आस्था को मिले आदेश के बाद, अब जन भावनाओं के उस उम्मीद को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जो हिन्दुस्तान की बड़ी आबादी के लिए उसकी आस्था की आजादी है. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अगस्त को ही अयोध्या में बनने वाले मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होकर मंदिर निर्माण का कार्य शुभरंभ् कर आधारशिला रखी थी. 5 अगस्त की तारीख और पूजन का समय वैदिक विधि से निकाला गया है. लेकिन भाजपा के शुभ अंक 5 अगस्त को ही यह होगा. यह बड़े संयोग की बात कही जा सकती है क्योंकि भाजपा के लिए यह शुभ तारीख है.आजपीएम नरेंद्र मोदी ने मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन कर आधारशिला रखी थी। उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। राम मंदिर का इतिहास 1या2 साल का नहीं ब्लकि 492 साल पुराना है।

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