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शनिवार, 10 जून 2023

गिरीश कर्नाड

*🎂जन्म की तारीख और समय: 19 मई 1938,*
*⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 10 जून 2019,*
*महान अभिनेता,कवि,लेखक,रंगकर्मी, नाटककार एवं फ़िल्म निर्देशक गिरीश कर्नाड की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धांजलि*

गिरीश कर्नाड  एक जाने माने कवि, रंगमंच कर्मी, कहानी लेखक, नाटककार, फ़िल्म निर्देशक और फ़िल्म अभिनेता हैं। गिरीश कर्नाड को 1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार के अलावा पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने हिन्दी में उत्सव, मंथन, इक़बाल, डोर जैसी फ़िल्मों में काम किया।

जीवन_परिचय

गिरीश कर्नाड का जन्म 19 मई, 1938 को माथेरान, महाराष्ट्र में हुआ था। बचपन से उनकी रुचि नाटकों की तरफ थी। महाराष्ट्र में जन्में गिरीश ने स्कूल के समय से ही थियेटर से जुड़कर काम करना शुरू कर दिया था। कर्नाटक आर्ट कॉलेज से स्नातक करने के बाद वह इंग्लैण्ड चले गए। जहाँ उन्होंने आगे की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद गिरीश कर्नाड भारत लौट आए और चेन्नई में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में सात साल तक काम करने के बाद इस्तीफा दे दिया। इस दौरान वह चेन्नई के कई आर्ट और थियेटर क्लबों से जुड़े रहे। इसके बाद वह शिकागो चले गए जहाँ उन्होंने यूनिवर्सिटी और शिकागो में बतौर प्रोफ़ेसर काम किया। तत्पश्चात् गिरीश भारत दुबारा वापस लौट आए और अपने साहित्य के अपार ज्ञान से क्षेत्रीय भाषाओं में कई फ़िल्में भी बनाईं और साथ ही कई फ़िल्मों की पटकथा भी लिखी।

कार्यक्षेत्र

गिरीश कर्नाड केवल नाटककार ही नहीं, अभिनेता, फ़िल्म निर्माता, कहानी लेखक और समाज की आधुनिक समस्याओं को उजागर करने वाले महान् साहित्यकार हैं।

साहित्य

उनका विचार था कि वे कवि बनेंगे, परन्तु जब छात्रवृत्ति लेकर आक्सफ़ोर्ड गए, तो उन्होंने नाटकों की ओर रुझान दर्शाया। उन्होंने पहला नाटक कन्नड़ में लिखा और उसके बाद उसका अंग्रेज़ी अनुवाद किया। उनके नाटकों में 'ययाति', 'तुग़लक', 'हयवदन', 'अंजु मल्लिगे', 'अग्निमतु माले', 'नागमंडल', 'अग्नि और बरखा' आदि बहुत प्रसिद्ध हैं। गिरीश ने कन्नड़ भाषा में अपनी रचनाएं लिखीं। जिस समय उन्होंने कन्नड़ में लिखना शुरू किया, उस समय कन्नड़ लेखकों पर पश्चिमी साहित्यिक पुनर्जागरण का गहरा प्रभाव था। लेखकों के बीच किसी ऐसी चीज़ के बारे में लिखने की होड़ थी जो स्थानीय लोगों के लिए बिल्कुल नयी थी। इसी समय कर्नाड ने ऐतिहासिक तथा पौराणिक पात्रों से तत्कालीन व्यवस्था को दर्शाने का तरीका अपनाया तथा काफ़ी लोकप्रिय हुए। गिरीश कर्नाड के नाटक ययाति (1961, प्रथम नाटक) तथा तुग़लक़ (1964) ऐसे ही नाटकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। तुगलक से कर्नाड को बहुत प्रसिद्धि मिली और इसका कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ। इनकी कृतियों में जहाँ भारत का पुरातन झाँकता है, वहाँ आधुनिकता का भी सम्मिश्रण है। इस प्रकार साहित्य से सम्बन्धित अनेक क्षेत्रों में काम करने के कारण गिरीश कर्नाड ने कन्नड़ साहित्य को ही समृद्ध नहीं किया, हिन्दी साहित्य भी उनकी देन से अछूता नहीं है।

सिनेमा

गिरीश कर्नाड एक सफल पटकथा लेखक होने के साथ एक बेहतरीन फ़िल्म निर्देशक भी हैं। गिरीश कर्नाड ने वर्ष 1970 में कन्नड़ फ़िल्म 'संस्कार' से अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत की जिसकी पटकथा उन्होंने ही लिखी थी। इस फ़िल्म को कई पुरस्कार मिले जिसके बाद गिरीश ने कई फ़िल्में की। उन्होंने कई हिन्दी फ़िल्मों में भी काम किया, जिसमें निशांत, मंथन, पुकार आदि प्रमुख हैं। गिरीश कर्नाड ने छोटे परदे पर भी अनेक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम और 'सुराजनामा' आदि सीरियल पेश किए हैं। उनके कुछ नाटक जिनमें 'तुग़लक' आदि आते हैं, सामान्य नाटकों से कुछ भिन्न हैं। गिरीश कर्नाड संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

सम्मान_और_पुरस्कार

1972 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
1974 में पद्मश्री
1992 में पद्मभूषण
1992 में कन्नड़ साहित्य अकादमी पुरस्कार
1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार
1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार
1998 में कालिदास सम्मान
इसके अतिरिक्त गिरीश कर्नाड को कन्नड़ फ़िल्म ‘संस्कार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

निधन

मशहूर एक्टर गिरीश कर्नाड का 10 जून 2019, सोमवार को 81 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार थे।

मीका सिंह

मीका सिंह 
*🎂जन्म 10 जून 1977*

मीका सिंह एक भारतीय पार्श्व गायक और लाइव कलाकार हैं।
गीतों की एक विस्तृत सूची में, प्रमुख हैं "बस एक राजा" (सिंह इज किंग), "मौजा ही मौजा" (जब वी मेट), "इब्न-ए-बतूता" (इश्किया), और "धन्नो" (हाउसफुल) ). मीका ने कम उम्र में अपना करियर शुरू किया और कई एकल एल्बम जारी किए।
उन्होंने विभिन्न रियलिटी शो में भी काम किया और देश में एक मामूली स्टार बन गए।
मीका सिंह पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के छोटे भाई हैं।
उनके गाने सावन में लग गई आग को यूएस बेस्ड सिंगर पिंकी पारस ने रीमिक्स किया था।

सिंह का जन्म 10 जून 1977 को अमरीक सिंह के रूप में दुर्गापुर , पश्चिम बंगाल में हुआ था।  वह छह भाइयों में सबसे छोटा है। सिंह और उनके बड़े भाई दलेर मेहंदी उनके पिता अजमेर सिंह से प्रेरित थे, जो एक प्रशिक्षित शास्त्रीय संगीतकार थे, जो बचपन से ही पटना साहिब गुरुद्वारे में कीर्तन गाते थे। 

2014 में, सिंह ने अर्जुन कपूर , सोनाक्षी सिन्हा , जैकलिन फर्नांडीज , शाहिद कपूर , अली जफर के साथ O2 एरिना में बॉलीवुड शोस्टॉपर्स में लाइव प्रदर्शन किया और बॉलीवुड डांस ग्रुप बॉली फ्लेक्स द्वारा समर्थित, जो Sky1 के डांस प्रतियोगिता शो में दिखाई दिया, डांस करना है । 

सिंह ने 2016 में डैनी सिंह के सैंडवेल और बर्मिंघम मेला में अपने सबसे बड़े आउटडोर संगीत कार्यक्रम में भी प्रदर्शन किया, जिसमें मेले की कुल अवधि 80,000 थी।

राखी सावंत ने 11 जून 2006 को मीका के खिलाफ जबरन किस करने का मामला दर्ज कराया। 

2018 में सिंह को यूएई में तब गिरफ्तार किया गया था जब उनके खिलाफ ब्राजील की एक किशोर मॉडल द्वारा कथित रूप से यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया और बाद में भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद रिहा कर दिया गया। 

ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने 14 अगस्त 2019 को गायक मीका सिंह को कराची, पाकिस्तान में एक कार्यक्रम में प्रदर्शन करने के लिए भारतीय फिल्म उद्योग से प्रतिबंधित कर दिया। पाकिस्तान में यह कार्यक्रम पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के करीबी रिश्तेदार द्वारा आयोजित किया गया था। फिल्म निकाय ने आगे गायक पर बिना शर्त प्रतिबंध लगा दिया और मनोरंजन कंपनियों के साथ सभी फिल्मों और संगीत अनुबंधों से उनका बहिष्कार कर दिया। एसोसिएशन ने मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के हस्तक्षेप की भी मांग की।

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