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शुक्रवार, 14 जुलाई 2023
मदन मोहन
कुलवंत जानी
🎂14जुलाई
बॉलीवुड गीतकार.
बॉलीवुड फिल्म एक ही रास्ता साल 1993 में रिलीज हुई थी, इसका निर्देशन दीपक बाहरी ने किया था और फिल्म के सितारे अजय देवगन , रवीना टंडन हैं । संगीत किशोर शर्मा , महेश शर्मा द्वारा रचित था और गीत देव कोहली , कुलवंत जानी , गुलशन बावरा , नक्श लायलपुरी द्वारा लिखे गए थे और गायक विनोद राठौड़ , कुमार शानू , बेला सुलखे , साधना सरगम , कविता कृष्णमूर्ति , विपीन देसाई , विपीन सचदेव हैं ।
↔️कुलवंत जानी गीत कार थे
कुलवंत जानी
कुलवंत जानी बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गीतकार हैं। फ़िल्में : संगीत विभाग: 1998 घर बाज़ार (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1995 फ़ैसला मैं करुंगी (गीतकार) 1994 मोहब्बत की आरज़ू (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1993 एक ही रास्ता (गीतकार - कुलवंत जानी) 1992 सूर्यवंशी (गीतकार) 1990 कसम झूठ की (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1989 गोला बारूद (गीतकार - कुलवंत जानी) 1989 दो क़ैदी (गीतकार) 1988 धर्मयुद्ध (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1987 कौन जीता कौन हारा (गीतकार - कुलवंत जानी) 1987 मददगार (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1986 मोहब्बत की कसम (गीत - कुलवंत जानी के रूप में) 1985 कला सूरज (गीतकार - कुलवंत जानी) 1985 ज़ुल्म का बदला (गीतकार - कुलवंत जानी) 1985 पत्थर (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1984 सरदार (गीतकार) 1982 अफ़्रीका का आदमी और भारत की लड़की (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1982 राख और चिंगारी (गीतकार) 1981 ज्वाला डाकू (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1980 एक बार कहो (गीतकार - कुलवंत जानी) 1979 दादा (गीतकार) 1979 शैतान मुजरिम (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1977 महा बदमाश (गीतकार) 1977 पापी (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1976 लगाम (गीतकार) 1975 जग्गू (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1974 हमराही (गीतकार) 1974 एक लड़की बदनाम सी (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) 1972 ललकार (द चैलेंज) (गीतकार) लेखक : 1995 मुक़द्दर (संवाद - कुलवंत जानी के रूप में) 1992 कल की आवाज़ (पटकथा - कुलवंत जानी) 1992 सूर्यवंशी (संवाद - कुलवंत जानी के रूप में) 1987 ईमानदार (कहानी - कुलवंत जानी के रूप में) 1986 अधिकार (संवाद - कुलवंत जानी के रूप में) 1983 धरती आकाश (टीवी मूवी) (संवाद - कुलवंत जानी के रूप में) / (पटकथा - कुलवंत जानी के रूप में) 1982 तेरी मेरी कहानी (टीवी मूवी) (संवाद - कुलवंत जानी के रूप में) 1979 हम तेरे आशिक हैं (अतिरिक्त संवाद - कुलवंत जानी के रूप में) / (अतिरिक्त पटकथा - कुलवंत जानी के रूप में) 1974 ठोकर (गीतकार - कुलवंत जानी के रूप में) गीत संगीत : 1989 गोला बारूद (गीत: "डोली उठेगी.. आज तेरी बहना", "सिपाही मेरे पीछे पह गया", "दर्द दिल का मेरे इलाज करदे", "याद आई", "शब्बा शब्बा.. क्या रात है") 1989 दो क़ैदी (गीत: "ये चली वो चली चुराके ले चली") 1982 अफ़्रीका का आदमी और भारत की लड़की (गीत: "किसी को मुजरिम")कुलवंत सिंह जानी उम्र 64 वर्ष की कैंसर से एक साल की लंबी लड़ाई के बाद 28 मार्च को सुबह 9:19 बजे उनके परिवार के आराम के बीच उनके घर में मृत्यु हो गई। जानी का जन्म पुंछ भारत में हुआ था और वह छोटी उम्र से ही अमेरिका में रहने की इच्छा रखते थे। एक बड़े परिवार में गरीब होने के कारण उन्हें स्कूल छोड़कर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। जानी ने अपने जीवनकाल में कई तरह की नौकरियाँ कीं और पूरे भारत और यूरोप की यात्रा की। कठिन परिस्थितियों और बाधाओं के बावजूद वह अमेरिका जाने के अपने सपने को साकार करने में सफल रहे। जिन उपलब्धियों पर उन्हें सबसे अधिक गर्व था उनमें से एक थी वारविक ब्लव्ड पर स्थित एक स्थानीय सुविधा स्टोर जानी फूड मार्ट की स्थापना करना। हम सभी जानी को एक दयालु व्यक्ति के रूप में याद करते हैं जो किसी भी कमरे में जाने पर उसे रोशन करने की क्षमता रखता था। वह हर किसी से प्यार करता था चाहे आप श्वेत मुस्लिम काले बैपटिस्ट हों; उन्होंने हर किसी को सिर्फ इंसान के रूप में देखा। उनका मानना था कि हर किसी में ईश्वर का एक अंश है। कृपया कुलवंत सिंह जानी के जीवन को मनाने के लिए शनिवार 31 मार्च 2018 को हमसे जुड़ें। अंतिम संस्कार सेवा वेमाउथ अंतिम संस्कार गृह में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएगी: 12746 नेट्टल्स ड्राइव न्यूपोर्ट न्यूज़ वीए 23606। अंतिम संस्कार के बाद चेसापीक गुरुद्वारा में प्रार्थना और दोपहर का भोजन किया जाएगा: 780 फिनक लेन चेसापीक वीए 23320। व्यवस्थाएं वेमाउथ द्वारा की जाती हैं अंतिम संस्कार की जगह।
*Aa jaan-e-jaan - Paapi - Bappi Lahiri - Kulwant Jani - Lata Mangeshkar -.mp3*1977
डांसर शिवानी झा
गीता तमिलनाडु
संगीतकार रोशन
रविवार, 25 जून 2023
मदन मोहन कोहली
*🎂जन्म 25जुन 1924*
*⚰️मृत्यू 14जुलाई 1975,(51)साल की उम्र मे ,बंबई मे...
ईश्वरी देन प्राप्त हो जैसे इस संगीत के जादूगर को तभी तो लता दीदी भी इन्हे गजलों के बादशहा कहती थी!यहां तक के जब इनके संगीत निर्देशन मे दिदी ने आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबील मुझे गाया तो संगीतकार नौशाद जी इतने प्रभावित हुए के कहने लगे अगर ये धून मुझे मिल जाए तो अपनी सारा संगीत खजाना इनपर लुटा देने की ख्वाहिश की थी।यहां तक आशा दिदी भी कहती रहती की आप सिर्फ दिदी से ही गंवाते है गाने,फिर इन्होंने आशा दिदी को मेरा साया फिल्म का झुमका गीरा रे...गाना देकर खुश किया इतनी लगन और मेहनत से आशा दिदी ने वो गाना गाया के आज तक लोग भूले नही।
एक सैनिक के रुप मे मदनमोहन जी की जिन्दगी की शुरूआत हुई फिर उन्होंने वह नौकरी छोड ऑल इंडिया रेडिओ पर अपने संगीत के प्रती लगाव होने से जूड गये,उनके पिता रायबहादूर चुन्नीलाल इराकी पुलीस मे महालेखाकार थे सो उनकी दिली तमन्ना थी के बेटा भी फौजी या पुलिस की वर्दी पहने बाद उनकी यह इच्छा मदन जी ने पुरी की पर उनका दिल नहीं लगा उस नौकरी मे ।
आकाशवाणी मे जुडते उनका परिचय,उस्ताद फैय्याज खान ,उस्ताद अली अकबर खान, बेगम अख्तर, तलतजी जैसे बहोत जानेमाने कलाकारों से हुआ वो उनसे प्रभावित हुए फिर खुद संगीत की ओर रुझान करते हुए अपने सपनों को नया रुप देने हेतू वो लखनऊ से बंबई चले आए,वहां उनकी मुलाकात सचीन दा बर्मन, सी रामचंद्र ,श्यामसुंदर,जैसे प्रसिद्ध संगितकारोंसे हुई और वो उनके सहायक तौर पे काम करने लगे1950की फिल्म आंखे का संगीत निर्देशन का काम उनको मिल गया जो स्वतंत्र रुप मे था,इस फिल्म बाद उनका नाम चर्चीत और बंबई आने का मकसद सफल हुआ,साथ मे लता दिदी उनकी चहेती गायिका बन गयी उनके सभी फिल्म संगीत मे लता दिदी ही थी,एक बार ओ पी नैय्यर जी यह कहने लगे की" मुझे समझ नही आता के लता मदनमोहन के लिए है या मदनमोहन लता के लिये पर एक बात है के ना अब तक मदनमोहन जैसा संगितकार हुआ ना लता जैसी गायिका "सच बात है।
उन्होंने जितने भी फिल्मों को संगीत दिया वो अमर ही हुआ 1957की देख कबीरा रोया,1965की हकीकत उनके नाम का परचम आसमां मे लहराने लगा और वो सफल संगितकार बन गये फिल्म इन्डस्ट्री मे।
उनके दिए हुए तमाम फिल्मे गीतों की वजह से हिट हुई आम लोगों के दिल को भा गये सभी गीत जिसे आज भी लोग भूल नही पाये।
उनकी कुछ फिल्मे,रिश्ते नाते,छोटे बाबू दुनिया ना माने,जेलर,मेमसाहिब,जब याद किसीकी आती है,रेल्वे प्लॅटफॉर्म, संजोग,अदालत,पाकैटमार,चाचा जिन्दाबाद, सुहागन ,बापबेटे,आशियाना,एक मुठ्ठी आसमान, आंखे,नौनिहाल, अकेली मत जईयो,एक कली मुस्काई,बावर्ची,परवाना,मदहोश, निन्द हमारी ख्वाब तुम्हारे, निला आकाश मनमौजी पुजा के फुल,शराबी,बहाना,गजल,आदी फिल्मे जो उनके संगीत का जादु हमे देखने मिला और हम सरोबार हुए 🎶🎶🎶🎶🎶
आज आस सम्राट, इस जादूगर का जनमदिन है तो हम उनके ही गीत सुनते उन्हे याद करते है और हमारी तरफ से ऊन्हे नमन करते है🎶💐🙏🎂🌹
भारत ईरान संबंध
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