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गुरुवार, 2 नवंबर 2023

रोशनी चोपड़ा

रोशनी चोपड़ा हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री एवं मॉडल हैं।

🎂जन्म: 02 नवंबर 1980 नई दिल्ली
पति: सिद्धार्थ आनंद कुमार (विवा. 2006)
बच्चे: जयवीर
माता-पिता: मंजू चोपड़ा, रवि चोपड़ा
बहन: दीया चोपड़ा
चोपड़ा की छोटी बहन दीया चोपड़ा भी एक अभिनेत्री हैं। चोपड़ा ने फिल्म निर्माता सिद्धार्थ आनंद कुमार से शादी की है। उन्होंने 05 नवंबर 2012 को अपने पहले बच्चे, बेटे जयवीर को जन्म दिया। उन्होंने 18 अगस्त 2016 को अपने दूसरे बेटे रेयान को जन्म दिया।

करियर: रोशनी ने विक्रम भट्ट की फ़िल्म 'फ़िर' में अभिनय किया, जो 12 अगस्त 2011 में रिलीज़ हुई। उन्होंने 2009-10 में सोनी टीवी पर कॉमेडी सर्कस तीन का तड़का शो की मेजबानी की है, और वर्तमान में स्टार स्पोर्ट्स पर 'हीरोज - लम्हें और यादें' की एंकर हैं। उन्होंने मौत का खेल में एक डरावनी टीवी श्रृंखला में भी काम किया है, उन्होंने कलर्स पर कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में भी काम किया।

रविवार, 27 अगस्त 2023

दीपक देव कोहली

देव कोहली

🎂02 नवंबर 1942
⚰️26अगस्त 2023
जाने-माने गीतकार देव कोहली नहीं रहे। अफ़सोस, बहुत सारे गीतकारों को हम उनके गानों के ज़रिए नहीं पहचानते। इसलिए मुझे ये लिखना पड़ रहा है कि ये वही देव कोहली हैं जिन्‍होंने लिखा था—‘दीदी तेरा देवर दीवाना/ हाय राम चिडियों को डाले दाना’ और हम दीवानों की तरह इस गाने को गुनगुनाते या सुनते नहीं थकते थे। देव कोहली का हक़ है कि उन्‍हें हम उनके उन गानों के ज़रिए पहचानें जिन्‍हें हमने ख़ूब सराहा है और जिन्‍होंने ज़िंदगी के बड़े हसीन लम्‍हे साझा किये हैं। नब्‍बे के दशक में कौन होगा जिसने ‘आते-जाते हंसते गाते, सोचा था मैंने कई बार’ नहीं गाया होगा। भला कौन होगा जिसने नाइंटीज़ में सलमान भाई का ‘पहला पहला प्‍यार है/पहली-पहली बार है’ गाकर किसी को यक़ीन ना दिलाया होगा कि सचमुच उस जैसा दीवाना कोई नहीं है। 
प्‍यारे दोस्‍त सुनील करमेले Suneel R. Karmele जैसे लोगों की तो ज़िंदगी बन गयी थी देव कोहली के गाने ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ से। हम गवाह हैं इस बात के। उन्‍होंने ‘माई नी माई मुंडेर पे तेरी बोल रहा है कागा’ भी लिखा जिस पर जाने कितनी लड़कियां कॉलेज के एनुअल डे के दिन मेंडोलिन की तरंग पर थिरकीं और इस गाने की आगे की लाइन ‘चन माहिया मेरे डोल सिपाहिया’ पर उन्‍होंने तालियां बटोरीं। 
यही देव कोहली चुपके से चले गये। 
बता दूं कि ‘वादा रहा सनम’ (खिलाड़ी), ‘ये काली काली आंखें’ (बाज़ीगर) और ‘जब तक रहेगा समोसे में आलू’ (मिस्‍टर एंड मिसेज खिलाड़ी) भी देव साहब लिखते रहे। पर उन्‍होंने हंसराज हंस वाला ‘देस नूं चलो’ (23 मार्च 1931 शहीद भगत सिंह) भी लिखा। 
भूलना नहीं चाहिए कि 1971 में आई फ़िल्‍म ‘लाल पत्‍थर’ का गाना ‘गीत गाता हूं मैं गुनगुनाता हूं मैं’ भी देव कोहली की कलम का कमाल था। 
फिर भी नाइंटीज़ को लालों!!!! 
फिल्म संगीत के कद्रदानो!!!
देव कोहली को नमन करना बनता है भाई। वो बड़े गीतकार थे। 

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...