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बुधवार, 16 अगस्त 2023

गायिका हेम लता

प्रसिद्ध पार्श्वगायिका हेमलता के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं
🎂जन्म 16 अगस्त, 1954
⚰️25 जनवरी, 1988
अपनी मधुर मखमली आवाज से सभी पर जादू बिखेरने वाली पाश्र्वगायिका हेमलता को भारतीय सिनेमा में गाए उनके अनूठे गीत उन्हें अन्य कलाकारों से अलग पहचान दिलाते हैं। उनके गीत आज भी कानों में रस घोल देते हैं।

उन्होंने 5000 से अधिक गीत गाए, जिसमें क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय हर तरह के गीत शामिल हैं।हेमलता ने 13 साल की उम्र में ही गायकी के क्षेत्र में कदम रखा। उनका असली नाम लता भट्ट है, लेकिन उन्हें हेमलता या हेमलता बाली के नाम से जाना जाता है। उनका पहला विवाह अभिनेत्री योगिता बाली के भाई योगेश बाली से हुआ था।

हेमलता का जन्म 16 अगस्त, 1954 को हैदराबाद में हुआ था, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले के सेहला गांव का निवासी है। गाने का शौक उन्हें बचपन से ही था, मगर रूढ़िवादी मारवाड़ी ब्राह्मण परिवार में होने के कारण उन्हें गाने का मौका नहीं मिलता था। वह पूजा पंडाल में पीछे छुपकर गाया करती थीं।

हेमलता के पिता का नाम पंडित जयचंद भट्ट और मां का अंबिका भट्ट है। हेमलता के तीन भाई भी हैं। उनके वर्तमान पति का नाम दिलीप सेनगुप्ता है। हेमलता ने वर्ष 1977 में फिल्म ‘चितचोर’ के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीत ‘तू जो मेरे सुर में’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायिका का पुरस्कार जीता था। 1977 से 1980 के बीच वह पांच बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित हुई थीं।

उन्होंने विभिन्न भारतीय फिल्मों, संगीत, टीवी धारावाहिकों, संगीत अलबम को अपनी मधुर आवाज दी। इसके साथ ही उन्होंने ‘अंखियों के झरोखों से’, ‘कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया’, ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में’ जैसे यादगार गीत गाए हैं, जो आज भी युवाओं के सिर चढ़कर बोलते हैं।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में एसडी बर्मन, एन. दत्ता, सलिल चौधरी, चित्रगुप्त, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, कल्याणजी आनंदजी, राजकमल, उषा खन्ना और रवींद्र जैन सहित कई प्रसिद्ध संगीतकारोंके साथ काम किया। वह बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों -जैसे नूतन, शबाना अजमी, रेखा, हेमा मालिनी, रामेश्वरी, योगिता बाली, सारिका व माधुरी दीक्षित की आवाज भी बनीं।

हेमलता ने श्री माताजी निर्मला देवी को समर्पित रविन्द्र जैन के कैसेट एल्बम सहज धारा (1991) में गाया, और जुलाई 1992 में बेल्जियम के ब्रुसेल्स में दो संगीत समारोहों में इस एल्बम के गाने गाए।

वह एकमात्र भारतीय पार्श्व गायिका हैं जिन्होंने के जे येसुदास के साथ सबसे अधिक हिंदी गाने रिकॉर्ड किए हैं।

उन्होंने रामानंद सागर के महाकाव्य टीवी सीरियल रामायण के लिए अपनी आवाज दी है (वह पारंपरिक मीरा भजन पायोजी मैने राम रतन धन पायोजी को गाने के लिए एक एपिसोड में दिखाई दी थी) साथ ही साथ उत्तर रामायण (लव कुश) और श्री कृष्ण श्रृंखला में भी उन्होंने गाया

उन्होंने ईस्टर 1992 के दौरान इटली में संगीत कार्यक्रम में इतालवी गीत ओ सोल मियो का प्रदर्शन किया। 

उन्होंने भारत के 14 अलग-अलग मूल लोकगीतों को उनके मूल और बोली रूप में कुछ मौलिक रचनात्मक और अभिनव शोध पर कार्य भी किया था।

वह पूरी दुनिया में लाइव कॉन्सर्ट भी कर चुकी हैं।  उन्होंने मोहम्मद रफ़ी और महेंद्र कपूर के साथ कई लाइव कॉन्सर्ट किए।

हाल के वर्षों में वह भारत और विदेशों में बहुत सारे चैरिटी शो कर रही हैं।  उन्होंने इमरान खान के कैंसर अस्पताल की सहायता के लिए लंदन में एक चैरिटी शो में अताउल्लाह खान के साथ प्रस्तुति दी थी।  पाकिस्तान के लिए किसी भारतीय गायक की ओर से यह पहला प्रयास था।  लंदन की यात्रा पर, हेमलता ने अताउल्लाह खान के साथ दो एल्बम रिकॉर्ड किए।  पहला सरहदें और दूसरा अट्टा दूसरे एल्बम में हेमलता के ग़ज़ल और गीत हैं।  फिर, उन्होंने इश्क नामक एक पॉप एल्बम भी रिकॉर्ड किया, जिसमें हिंदी और पंजाबी लोक का मेल है।

इन तीन एल्बमों में, टिप्स द्वारा केवल सरहदें जारी किया गया था अन्य दो एल्बम जारी नहीं किए गए हैं।

वह एकमात्र बॉलीवुड गायिका थीं, जिन्हें सिखों के विश्व समुदाय और पंजाब सरकार के साथ-साथ पवित्र अकाल तख्त ने सिख खालसा पंथ के 300 साल के उत्सव के लिए मूल रागों में रचित गुरमत संगीत लाइव करने के लिए चुना है यह कार्यक्रम 13 अप्रैल 1999 को श्री आनंदपुर साहिब अकाल तख्त में हुआ था किनी तेरा अंत ना पाया सिख संगीत का एकमात्र एल्बम था जो विशेष रूप से उनकी आवाज में था 

हेमलता का व्यक्तिगत जीवन रूपहले पर्दे की तरह ही है। उनकी पहली शादी योगेश बाली के साथ हुई, जो बाल कलाकार के रूप में प्रसिद्ध थे। लीवर की बीमारी के कारण उनकी मौत 25 जनवरी, 1988 को हो गई। वह कुछ दिनों रवींद्र जैन के संपर्क में रहीं, फिर किन्हीं कारणों से दोनों के बीच अलगाव हो गया। इसके बाद उनकी शादी दिलीप सेनगुप्ता के साथ हुई।

उल्लेखनीय है कि 38 भाषाओं में गाना गा चुकीं हेमलता न सिर्फ अपने करियर का, बल्कि अपनी जिंदगी का भी दूसरा दौर जी रही हैं। वह दिलीप से शादी करने के बाद बेहद सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका आदित्य बाली नामक एक बेटा भी है,

हाल के वर्षो में गुमनाम रहीं हेमलता इन दिनों अपने पति दिलीप की संगीत कंपनी के सहारे अपने करियर की दूसरी पारी के लिए काम कर रही हैं।

महेश वामन मांजरेकर

फ़िल्म अभिनेता, निर्माता, निर्देशक एवं पटकथा लेखक महेश मांजरेकर के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं

महेश वामन मांजरेकर
🎂 जन्म 16 अगस्त 1958
  एक भारतीय अभिनेता, फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता हैं, जो मुख्य रूप से मराठी और तेलुगु फिल्मों के साथ हिंदी फिल्मों में काम करते हैं उन्हें समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों वास्तव: द रियलिटी (1999), अस्तित्व (2000) और विरुद्ध... फैमिली कम्स फर्स्ट (2005) का निर्देशन करने का श्रेय दिया जाता है।  उन्होंने अस्तित्व के लिए मराठी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दो स्टार स्क्रीन पुरस्कार जीते हैं।  उन्हें 2018 से रियलिटी शो, बिग बॉस मराठी के होस्ट के रूप में भी जाना जाता है।

मांजरेकर ने कई फिल्मों में अभिनय किया है, जिसमें उनकी कुछ प्रस्तुतियां भी शामिल हैं।  उन्हें पहली बार क्षितिज नामक दूरदर्शन मराठी श्रृंखला में देखा गया था, जिसमें उन्होंने एक कुष्ठ रोगी की भूमिका निभाई थी।  उन्होंने पहली बार 2002 की फिल्म कांटे में अपने प्रदर्शन के लिए एक अभिनेता के रूप में प्रशंसा प्राप्त की, और बाद में तमिल फिल्म अररामबम (2013), तेलुगु फिल्म ओक्कादुन्नाडु (2007) और स्लमडॉग मिलियनेयर (2008) में गैंगस्टर जावेद के रूप में नकारात्मक भूमिकाएँ निभाईं।  उन्होंने मराठी फिल्म मी शिवाजीराजे भोसले बोल्तॉय में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाई।  उन्होंने भारतीय टीवी श्रृंखला सी.आई.डी. में आखिरी चुनौती श्रृंखला के एपिसोड में हरपीज़ डोंगरा की भूमिका भी निभाई। मांजरेकर ने फ़िल्म वांटेड में इंस्पेक्टर डी.आर.तलपड़े की बेहतरीन भूमिका निभाई

वह 2014 के लोकसभा चुनावों में मुंबई उत्तर पश्चिम से मनसे के उम्मीदवार थे, लेकिन शिवसेना के गजानन कीर्तिकर से हार गए।

 मांजरेकर की शादी एक कॉस्ट्यूम डिजाइनर दीपा मेहता से हुई थी, लेकिन उनका तलाक हो गया था जिससे उनके दो बच्चे सत्या और अश्वमी हैं। बाद में उन्होंने मेधा मांजरेकर से शादी कर ली।  उनकी एक बेटी, सई मांजरेकर है, जो एक अभिनेत्री है उनकी पत्नी मेधा मांजरेकर के पहले पति से उनकी एक सौतेली बेटी गौरी इंगवाले हैं

 2011 में, उन्होंने अनिरुद्ध देशपांडे के साथ ग्रेट मराठा एंटरटेनमेंट एलएलपी प्रोडक्शंस नामक अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी लॉन्च की। 

इस बैनर के तले बनी पहली फिल्म फकता लध महाना थी जो सबसे महंगी मराठी फिल्मों में से एक है।

मंगलवार, 15 अगस्त 2023

गुरदयाल सिंह

गुरदयाल सिंह
जन्म
🎂10 जनवरी 1933
मौत
⚰️16 अगस्त 2016 (उम्र 83)
भाषा
पंजाबी
राष्ट्रीयता
भारतीय
विधा
उपन्यास
उल्लेखनीय काम
मढ़ी दा दीवा
एक पंजाबी साहित्यकार थे जो उपन्यास और कहानी लेखक थे। इन्हें 1999 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपनी प्रथम कहानी भागों वाले प्रो.मोहन सिंह के साहित्य मैगजीन पंज दरिया में प्रकाशित की थी।  उनके पंजाबी साहित्य में आने से पंजाबी उपन्यास में बुनियादी तबदीली आई थी।उनके उपन्यास मढ़ी दा दीवा , अंधे घोड़े का दान का सभी पंजाबी भाषाओँ में अनुवाद हो चुक्का है और इन की कहाँनीयों पर अधारत फ़िल्में भी बनी हैं।
श्री गुरदयाल सिंह का जन्म 10 जनवरी 1933 को उनके नानका गाँव भैनी फत्ता जिला बरनाला में हुआ।उनके पिता का नाम श्री जगत सिंह और माता का नाम निहाल कौर था।वो पंजाब के जैतो गाँव के रहने वाले थे।उनके तीन भाई और एक बहन थी।घरेलू कारणों की वजह के कारण उन्होंने बचपन में अपनी पढ़ाई छोड़ अपना पुश्तैनी बढई काम करना शुरू कर दिया।बाद में उन्होंने कड़ी मेहनत करके उच्च विद्या हासिल करके युनिवर्सटी में प्राध्यापक की पदवी प्राप्त की।उनका बलवंत कौर के साथ विवाह हुआ और उनके घर एक बेटा और एक बेटी हुई।ज्ञानपीठ पुरस्कारविजेता श्री गुरदयाल सिंह का 16 अगस्त 2016 को निधन हो गया।

डेविड धवन

डेविड धवन 
हिन्दी फ़िल्मों के एक निर्देशक हैं। 
जन्म की तारीख और समय: 16 अगस्त 1951 (आयु 71 वर्ष), अगरतला
बच्चे: रोहित धवन, वरुण धवन
पत्नी: करुणा धवन
भाई: अनिल धवन
भांजा या भतीजा: सिद्धार्थ धवन
16 अगस्त 1951 को राजिंदर धवन के रूप में अगरतला , त्रिपुरा में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता, यूको बैंक में प्रबंधक थे, उनका तबादला उत्तर प्रदेश के कानपुर में हो गया । उन्होंने बारहवीं कक्षा तक क्राइस्ट चर्च कॉलेज और बीएनएसडी इंटर कॉलेज में पढ़ाई की , और फिर अभिनय के लिए एफटीआईआई में शामिल हो गए , जहां उन्होंने अपना नाम बदलकर डेविड धवन रख लिया, जो कि उनके द्वारा दिया गया नाम था। अगरतला में उनके ईसाई पड़ोसी। सतीश शाह और सुरेश ओबेरॉय जैसे अन्य अभिनेताओं को देखकर धवन को एहसास हुआ कि वह अभिनय नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने संपादन को एक विकल्प के रूप में चुना। वह मनमोहन देसाई के प्रशंसक बन गयेऔर हृषिकेश मुखर्जी . ऋत्विक घटक द्वारा निर्देशित बंगाली फिल्म मेघे ढाका तारा देखने से उनकी फिल्म निर्माण में रुचि जगी और उन्होंने स्वर्ण पदक के साथ उत्तीर्ण की।  धवन के दो भाई हैं, अभिनेता अनिल और अशोक।

धवन की शादी करुणा चोपड़ा से हुई है, जिनसे उनके दो बेटे हैं, रोहित धवन और वरुण धवन । उनके भाई अभिनेता अनिल धवन और भतीजे अभिनेता सिद्धार्थ धवन हैं। 

डेविड धवन (जन्म राजिंदर धवन ; 16 अगस्त 1951) हिंदी फिल्मों के एक भारतीय निर्देशक हैं । धवन परिवार के सदस्य , उन्होंने 42 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया है । 1993 की एक्शन थ्रिलर आंखें और 1999 की कॉमेडी बीवी नंबर 1 ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार नामांकन दिलाए। उनकी उल्लेखनीय कृतियों में स्वर्ग (1990), शोला और शबनम (1992), बोल राधा बोल (1992), राजा बाबू (1994), कुली नंबर 1 (1995), साजन चले ससुराल (1996), जुड़वा (1997), हीरो शामिल हैं। नंबर 1(1997), दीवाना मस्ताना (1997), बड़े मियां छोटे मियां (1998), हसीना मान जाएगी (1999), दुल्हन हम ले जाएंगे (2000), जोड़ी नंबर 1 (2001), मुझसे शादी करोगी (2004), पार्टनर ( 2007), चश्मे बद्दूर (2013), मैं तेरा हीरो (2014) और जुड़वा 2 (2017)।

नुसरत फातेफ आली खान

नुसरत फ़तेह अली ख़ाँ
संगीत कार गायक
🎂जन्म 13 अक्टूबर 1948
जन्म भूमि फ़ैसलाबाद, पाकिस्तान
⚰️मृत्यु 16 अगस्त, 1997
मृत्यु स्थान लंदन, इंग्लैंड
अभिभावक फ़तेह अली ख़ाँ
कर्म भूमि पाकिस्तान
कर्म-क्षेत्र संगीतकार और गायक
मुख्य रचनाएँ दमादम मस्त क़लन्दर, छाप तिलक सब छीनी रे, तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी आदि।
विषय क़व्वाली, ग़ज़ल
प्रसिद्धि सूफ़ी भक्ति संगीत की विधा क़व्वाली के महानतम गायक थे।
सक्रिय वर्ष 1965–1997
वाद्य यंत्र हारमोनियम
अन्य जानकारी फ़तेह अली ख़ाँ की सबसे बड़ी विशेषता उनका सुरीला सृजन और लगातार गाने की विलक्षण क्षमता थी। फ़तेह अली ख़ाँ को दस घंटे तक लगातार गाने के लिए जाना जाता था
नुसरत फ़तेह अली ख़ाँ
जन्म 13 अक्टूबर 1948
जन्म भूमि फ़ैसलाबाद, पाकिस्तान
मृत्यु 16 अगस्त, 1997
मृत्यु स्थान लंदन, इंग्लैंड
अभिभावक फ़तेह अली ख़ाँ
कर्म भूमि पाकिस्तान
कर्म-क्षेत्र संगीतकार और गायक
मुख्य रचनाएँ दमादम मस्त क़लन्दर, छाप तिलक सब छीनी रे, तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी आदि।
विषय क़व्वाली, ग़ज़ल
प्रसिद्धि सूफ़ी भक्ति संगीत की विधा क़व्वाली के महानतम गायक थे।
सक्रिय वर्ष 1965–1997
वाद्य यंत्र हारमोनियम
अन्य जानकारी फ़तेह अली ख़ाँ की सबसे बड़ी विशेषता उनका सुरीला सृजन और लगातार गाने की विलक्षण क्षमता थी। फ़तेह अली ख़ाँ को दस घंटे तक लगातार गाने के लिए जाना जाता था

मनीषा कोइराला

मनीषा कोइराला
🎂: 16 अगस्त 1970 (आयु 52 वर्ष), काठमांडू, नेपाल
पति: सम्राट दहल (विवा. 2010–2012)
दादा या नाना: विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला, सुशीला कोइराला
माता-पिता: प्रकाश कोईराला, सुषमा कोइराला
भाई: सिद्धार्थ कोइराला
मनीषा कोइराला नेपाली मूल की भारतीय अभिनेत्रीं हैं। वह हिंदी फिल्मों के अलावा के नेपाली, तमिल, तेलुगु मलयालम फिल्मों में सक्रिय हैं। वह भरतनाट्यम और मणिपुरी नृत्य में भी पूर्ण रूप से पारंगत हैं।

पृष्ठभूमि
मनीषा कोइराला का जन्म 16 अगस्त 1970 को नेपाल के काठमांडू में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रकाश कोइराला और माँ का नाम सुषमा कोइराला हैं।  इनके पिता नेपाल राजीनीति में कैबिनेट मंत्री हैं। वह नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला की नातिन हैं। इनका एक भाई है- सिद्धार्थ कोइराला-जोकि एक बॉलीवुड अभिनेता है।

पढ़ाई
मनीषा की शुरूआती पढाई वाराणसी के वंसत कन्या महाविद्यालय से हुई हैं। उसके बाद वह सेकंडरी की पढ़ाई करने के लिए आर्मी स्कूल धौलकुआं नई दिल्ली चली गयीं। मनीषा बचपन से डॉक्टर बन दूसरों की सेवा करने की चाहत थी, लेकिन मॉडलिंग ने उनके लिए फ़िल्मी दुनिया के द्वार खोल दिए।

शादी
मनीषा कोइराला की शादी नेपाली बिजनेसमैंन सम्राट दहाल से 19 जून 2010 को हुई थी। लेकिन यह शादी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी, और 2012 में इस जोड़ी ने तलाक ले लिया।

साल 2012 ,में मनीषा लाईलाज बीमारी ओवरी कैंसर से पीड़ित हो गयी। उन्होंने इसका इलाज मुंबई और यूएसए में कराया।  उसके बाद वह इस खतरनाक बिमारी से जीत गयी। 

करियर
मनीषा के फ़िल्मी करियर की शुरुआत साल 1991 में सुभाष घई निर्देशित फिल्म सौदागर से हुई थी। फिल्म में उस समय दो लीजेंड कलाकार राज कुमार- दिलीप कुमार एक साथ बड़े पर्दे पर दिखाई दिए थे। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म साबित हुई थी। पहली ही फिल्म ने कोइराला को रातों रात हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार बना दिया था।

मनीषा कोइराला एक गैर-फ़िल्मी परिवार से थीं। उसके बावजूद उन्होंने उस दौर में खुद को अभिनय से हिंदी सिनेमा में सर्वश्रेठ अभिनेत्रीयोँ में शुमार कर लिया था। साल 1996 में पार्थो घोष निर्देशित फिल्म अग्नि साक्षी और निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ख़ामोशी ने मनीषा को इंडस्ट्री की टॉप लीडिंग हीरोइन बना दिया। दोनों ही फिल्मों में मनीषा के दो अलग रूप देखने को मिले। पहली फिल्म अग्नि साक्षी में में मनीषा अपने एक बीमार पति का ध्यान रखते हुए एक पतिव्रता पत्नी के रूप में दर्शायी गयीं। वहींं दूसरी फिल्म खामोशी में वह अपने गूंगे माँ-बाप का ध्यान रखने वाली एक प्यारी सी ऐनी की भूमिका निभाती हुई नजर आयीं। दोनों ही फिल्मों में उनके अभिनय को देख सभी आलोचक दाँतो टेल उँगली दबा गए।

साल 1997 में मनीषा बॉबी देओल और काजोल के अपोजिट फिल्म गुप्त- द हिडन ट्रुथ में नजर आयीं। जो ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी। इसी साल वह पहली बार बड़े पर्दे पर शाहरुख़ खान के मणि रत्नम की फिल्म दिल से में नजर आयीं।  इस फिल्म ने उन्हें आलोचकों से अच्छी प्रतिक्रिया दिलाई साथ ही उन्हें इस फिल्म के फिल्म फेयर बेस्ट एक्ट्रेस का नामंकन भी मिला।

साल 1999 में वह फिल्म मन और अजय देवगन स्टारर फिल्म कच्चे धागे में नजर आयीं। फिल्म मन उनकी लाजवाब एक्टिंग देख आलोचकों ने उन्हें मीणा कुमार तक की उपाधि दे डाली थी। यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक फिल्म साबित हुई थी।

साल 2000 में वह मल्टीस्टारर फिल्म लज्जा में नजर आयीं। इस फिल्म में उनका अभिनय काबीले तारीफ था। उसके बाद वह वर्ष 2002 में अजय देवगन स्टारर फिल्म कंपनी में नज़र आयीं। इस फिल्म के लिए उन्हें तीसरा फिल्म फेयर क्रिटिक्स अवार्ड से भी नवाजा गया।

साल 2003 में मनीष काफी लो बजट फिल्मों में नजर ने लगी। इसी साल  केंद्रित फिल्म इस्केप फ्रॉम तालिबान में नज़र आयीं। इस फिल्म के लिए उन्हें बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। उसके बाद वह फिल्म मार्केट में एक जवान बाजारू औरत की भूमिका में दिखाई दी।  इस फिल्म के लिए उन्हें आलोचकों की और बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, साथ ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई भी की।

कोइराला अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक निर्माता भी हैं। उन्होंने फिल्म मेकिंग का डिप्लोमा न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से किया है। कोइराला ने अपने बैनर के तहत फिल्म पैसा वसूल का निर्माण किया। ऐसी फिल्म जो बॉलीवुड में अब तक नहीं बनी थी। इस फिल्म की लीड हीरोइन सुष्मिता सेन थीं। इस फिल्म की खासियत यह थी कि फिल्म ना तो लव स्टोरी थी और ना ही उसमे कोई भी हीरो था।

साल 2007 में वह फिल्म अनवर में एक सपोर्टिंग एक्ट्रेस के रूप में नज़र आयीं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में फिल्म मुंबई एक्सप्रेस से एक जबरदस्त वापसी की। इस फिल्म में वह इरफ़ान खान के साथ नज़र आई। इस फिल्म में उनके अभिनय से दर्शक तो प्रभावित हुए लेकिन फिल्म की ख़राब मार्केटिंग की वजह से फिल्म को बॉक्स-ऑफिस पर औंधे मुंह की खानी पड़ी।

प्रसिद्ध फ़िल्में
मुम्बई एक्स्प्रेस, 1942: अ लव स्टोरी, इंसानियत के देवत, य़लगार, सौदागर, मिलन, दुश्मनी, अनोखा अंदाज़, यूंही कभी, लाल बादशाह, कच्चे धागे, कारतूस, जय हिन्द, लावारिस, मन, ताजमहल,कंपनी,जानी दुश्मन, लज्जा, चैम्पियन, खौफ़,बाग़ी। 

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...