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सोमवार, 29 जनवरी 2024

अरविंद जोशी

#05aug
#29jan 
अरविंद जोशी

🎂जन्म 05 अगस्त, 1929
जन्म भूमि पुणे, महाराष्ट्र
⚰️मृत्यु 29 जनवरी, 2021
मृत्यु स्थान मुम्बई, महाराष्ट्र

संतान पुत्र- शरमन जोशी, पुत्री- मानसी जोशी
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र हिंदी सिनेमा
प्रसिद्धि अभिनेता
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी अरविंद जोशी ने 'इत्तेफाक', 'शोले', 'अपमान की आग, 'खरीदार', 'ठिकाना' और 'नाम' जैसी तमाम फिल्मों में सहायक कलाकार के तौर पर छोटी-छोटी भूमिकाएं भी निभाई थीं।
अरविंद जोशी 
 जानेमाने भारतीय अभिनेता थे। मुख्यत: वह गुजराती रंगमंच से जुड़े हुये थे। उनके पुत्र शरमन जोशी भी हिंदी फ़िल्म जगत में मशहूर अभिनेता के रूप में जाने जाते हैं। अरविंद जोशी ने कई हिंदी सीरियलों में भी काम किया था।

अरविंद जोशी ने फिल्म 'अपमान की आग', 'शोले' और 'इत्तेफाक' जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई थी।
हिंदी सिनेमा के साथ-साथ गुजराती नाटकों में भी अरविंद जोशी ने काम किया।
उनकी दो संतान हैं, जिनमें बेटे का नाम शरमन जोशी है तो वहीं बेटी का नाम मानसी जोशी है।
अरविंद जोशी कलाकारों के परिवार से ताल्लुक रखते थे। वह तो अभिनेता थे ही, साथ ही उनके बेटे शरमन जोशी और दामाद रोहित रॉय भी अभिनेता हैं। इसके साथ ही अरविंद जोशी की बहन सरिता जोशी भी मशहूर एक्ट्रेस थीं।
अरविंद जोशी ने कई हिट गुजराती फिल्मों में काम किया, लेकिन उनकी पहचान गुजराती नाटकों में अभिनय करने और गुजराती नाटकों के निर्देशक के तौर पर बनीं।
यदि हिंदी फिल्मों की बात करें तो अरविंद जोशी ने 'इत्तेफाक', 'शोले', 'अपमान की आग, 'खरीदार', 'ठीकाना' और 'नाम' जैसी तमाम फिल्मों में सहायक कलाकार के तौर पर छोटी-छोटी भूमिकाएं भी निभाईं। उन्होंने कई हिंदी सीरियलों में भी काम किया था।
अरविंद जोशी का मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल में 29 जनवरी, 2021 को निधन हुआ। उन्होंने 84 वर्ष की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। उनका अंतिम संस्कार विले पार्ले में स्थित श्मशान घाट पर हुआ।

सोमवार, 18 सितंबर 2023

रूपेश

रूपेश कुमार हिन्दी फ़िल्मों के एक चरित्र अभिनेता थे, जो खलनायक की भूमिका के लिए प्रसिध्द थे। अपनी फ़िल्मी यात्रा के दौरान उन्होने 100 से अधिक फ़िल्मो मे काम किया। वे अभिनेत्री मुमताज़ के चचेरे भाई थे। 

🎂जन्म: 16 जनवरी 1946, मुम्बई
⚰️मृत्यु : 29 जनवरी 1995, मुम्बई
कुमार का जन्म मुंबई में अब्बास फरशाही के रूप में हुआ था। वह अली असगर फरशाही (पुणे शहर, मंडई के असगर सेठ) और मरियम की सबसे बड़ी संतान थे। वह पुणे के दस्तूर स्कूल के छात्र थे। बचपन से ही उन्हें अभिनय में रुचि थी। उनका परिवार पुणे में रेस्तरां और बेकरी व्यवसाय में था लेकिन उन्होंने अभिनेता बनना चुना। कुमार को प्यार से दादाश (फारसी में भाई का अर्थ) के नाम से जाना जाता था। वह अपनी चचेरी बहन अभिनेत्रियों मुमताज और मलिका के बहुत करीब थे । उनकी सबसे बड़ी बेटी की शादी दिलीप कुमार के भतीजे जाहिद खान से हुई है और उनके दो बच्चे हैं।

29 जनवरी 1995 को, एक पुरस्कार समारोह में भाग लेने के दौरान कुमार को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। 49 वर्ष की आयु में अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में उनकी मृत्यु हो गई।

📽️
1995 पापी देवता कुंदन 
1994 आ गले लग जा 
1993 मेरी आन
1990 पति पत्नी और तवायफ़ 
1990 वर्दी 
1989 गुरु रुपेश 
1989 ज़ुर्रत 
1989 मुज़रिम 
1989 दाता जी 
1988 ज़ख्मी औरत राज 
1988 आखिरी अदालत 
1986 जाल 
1986 इंसाफ़ की आवाज़ 
1986 पाले ख़ान 
1986 मुद्दत 
1985 निशान 
1985 हम दोनों 
1985 प्यार झुकता नहीं
1984 आशा ज्योति 
1984 राम तेरा देश 
1984 माटी माँगे खून 
1983 सौतन 
1983 बड़े दिल वाला 
1982 जानवर
1981 महफ़िल 
1980 दो प्रेमी 
1980 हम पाँच 
1980 सबूत 
1980 यारी दुश्मनी 
1979 सावन को आने दो
1979 अमर दीप 
1979 द ग्रेट गैम्बलर 
1979 मुकाबला 
1979 राधा और सीता
1978 खून की पुकार भीमा 
1978 दिल और दीवार 
1977 जय विजय 
1977 चाचा
1977 कर्म 
1977 दिलदार 
1977 कसम कानून की 
1976 शंकर दादा 
1976 नाच उठे संसार 
1975 दफ़ा 302
1975 धोती लोटा और चौपाटी 
1974 पाप और पुण्य 
1973 प्रभात 
1973 लोफर 
1972 सीता और गीता 
1971 चाहत 
1971 कल आज और कल 
1971 अंदाज़ 
1970 माँ और ममता 
1970 नया रास्ता सूरज
1970 जीवन मृत्यु 
1969 जीने की राह
1969 बंधन 
1968 सपनों का सौदागर

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...