अमेरिकी दादा गिरी ईरान में तख्ता पलट की मंशा से हुई
ईरान और भारत के बीच "साथ देने" का मामला इस समय कूटनीतिक संतुलन और नागरिकों की सुरक्षा पर टिका है।
ईरान ने हालिया संकट (जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ) के दौरान भारत के प्रति निम्नलिखित रुख अपनाया है:
1. भारतीय नागरिकों की सुरक्षा में सहयोग
युद्ध छिड़ने और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के बाद, ईरान ने वहां फंसे भारतीय छात्रों और नागरिकों के लिए सकारात्मक कदम उठाए हैं:
एग्जिट रूट: ईरान ने भारतीय छात्रों को जमीनी सीमाओं (Land borders) के जरिए सुरक्षित बाहर निकलने की अनुमति दी है।
परीक्षाओं में छूट: वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए परीक्षाओं को रीशेड्यूल करने की सुविधा दी गई है ताकि युद्ध के कारण उनका करियर खराब न हो।
2. भारत पर हुए आतंकी हमलों (ऐतिहासिक संदर्भ) पर स्टैंड
अगर आप भारत पर हुए पिछले आतंकी हमलों (जैसे पुलवामा या हालिया Pahalgam 2025 हमला) की बात कर रहे हैं, तो ईरान का रुख मिला-जुला रहा है:
आतंकवाद का विरोध: ईरान ने अक्सर सीमा पार आतंकवाद की निंदा की है क्योंकि वह खुद भी अपनी सीमाओं पर आतंकी गुटों (जैसे जैश-अल-अदल) से जूझ रहा है।
पाकिस्तान पर दबाव: ईरान ने कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों (जैसे OIC) पर पाकिस्तान द्वारा लाए गए भारत-विरोधी प्रस्तावों को रोकने या उनमें नरमी लाने में मदद की है।
3. वर्तमान युद्ध (2026) में भारत की भूमिका
इस समय ईरान भारत से "साथ" की उम्मीद कर रहा है, लेकिन भारत तटस्थ (Neutral) है:
ईरान की अपील: ईरान के दूतावास ने भारत सरकार और जनता से अपील की है कि वे अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा करें।
भारत का रुख: भारत ने किसी का पक्ष नहीं लिया है। भारत का पूरा ध्यान अपने 1 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा पर है जो खाड़ी देशों (UAE, सऊदी, कतर) में रहते हैं, जहाँ ईरान के जवाबी हमले हो रहे हैं।
4. कड़वाहट के बिंदु (हालिया तनाव)
कुछ मौकों पर रिश्तों में खिंचाव भी आया है:
सितंबर 2024: ईरान के सर्वोच्च नेता ने भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर टिप्पणी की थी, जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया था।
तस्करी पर कार्रवाई: फरवरी 2026 में भारतीय कोस्ट गार्ड ने ईरान से जुड़े उन जहाजों को पकड़ा जो अवैध तेल की तस्करी कर रहे थे।
👉क्या ऑपरेशन सिंधुर के कारण भारत ईरान संबंधों में खटास आई या इजराइल ईरान के कारण
नहीं, ऑपरेशन सिंधुर के कारण भारत-ईरान संबंधों में खटास नहीं आई। यह ऑपरेशन पाकिस्तान के खिलाफ भारत का आतंकी ठिकानों पर हमला था, जिसकी ईरान को जानकारी दी गई और संबंध सामान्य रहे।
👉ऑपरेशन सिंधुर क्या था?
ऑपरेशन सिंधुर (या सिंदूर) मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान और PoK में आतंकी कैंपों पर लक्षित हवाई हमला था। यह जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 के आतंकी हमले का जवाब था। ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात में एस जयशंकर ने इसे "लक्षित और मापा गया" बताया, और ईरान ने भारत-पाक तनाव को समझा।
👉संबंधों में खटास का मुख्य कारण
भारत-ईरान संबंधों पर खटास मुख्य रूप से 2025 के इजराइल-ईरान संघर्ष (ऑपरेशन राइजिंग लायन) के कारण आई। इससे भारत को भारतीयों की सुरक्षित निकासी (ऑपरेशन सिंधु) करनी पड़ी, ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हुई, और चाबहार पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट पर दबाव पड़ा। 2026 में अमेरिकी टैरिफ और खाड़ी संकट ने तनाव बढ़ाया।
👉वर्तमान स्थिति
भारत ने दोनों पक्षों से संतुलन बनाए रखा, लेकिन ईरान-इजराइल युद्ध से कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ीं। ऑपरेशन सिंधुर का इससे कोई सीधा संबंध नहीं।