दादा साहब फाल्के से सम्मानित फ़िल्म निर्माता अभिनेता ए नागेश्वर राव की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि
अक्किनेनी नागेश्वर राव मुख्य रूप से तेलुगू सिनेमा में काम करने वाले भारतीय फ़िल्म अभिनेता एवं निर्माता थे। उन्हें मुख्यतः उनके नायिका के अभिनय के लिए जाना जाता था क्योंकि उस समय महिलाओं का फ़िल्मों में अभिनय करना निषिद्ध था।
🎂जन्म20सितंबर1924, रामापुरम (वेंकट राघव पुरम)
⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 22 जनवरी 2014, हैदराबाद
बच्चे:अक्किनेनी नागार्जुन, अक्किनेनी वेंकट, नागा सुशीला, ज़्यादा
पत्नी: अन्नपुर्णा अक्किनेनी (विवा. 1949–2011)
पोते या नाती: नागा चैतन्य, अखिल अक्किनेनी, सुशांत
इनाम: पद्म विभूषण (2011), पद्म भूषण (1988),
ए नागेश्वर राव भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध तेलुगु फ़िल्म अभिनेता और फ़िल्म निर्माता है। इन्हें कला क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सन् 2011 में दूसरा सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान पद्म विभूषण और 1990 में भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अपने पाँच भाइयों में सबसे छोटे ए. नागेश्वर राव का 20 सितम्बर 1924 को रामपुरम, कृष्णा ज़िला, आंध्र प्रदेश के एक बेहद साधारण परिवार में हुआ था। इनकी माता का नाम अक्किनेनी पुन्नम्मा और पिता का नाम अक्किनेनी वेंकटरतनम है। परिवार की कमज़ोर आर्थिक स्थिति के कारण इनकी प्रारम्भिक शिक्षा प्राइमरी स्कूल तक ही हो पायी थी। इनके पुत्र 'अक्किनेनी नागार्जुन' प्रसिद्ध अभिनेता हैं।
सन 1941 में मात्र 17 वर्ष की आयु में इन्होंने घंटसाल बालारमैया की तेलुगु फ़िल्म 'सीता राम जननम' (1942) से अपना फ़िल्मी कैरियर आरम्भ किया। इस फ़िल्म में इन्होंने भगवान श्रीराम की भूमिका की।
भारतीय फ़िल्मोद्योग के सबसे बड़े दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज तेलुगू निर्माता-अभिनेता अक्कीनेनी नागेश्वर राव का बुधवार तड़के 22 जनवरी, 2014 को हैदराबाद में निधन हो गया। 91 वर्षीय नागेश्वर राव पिछले कई सालों से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। प्यार से 'एएनआर' कहकर पुकारे जाने वाले नागेश्वर राव के बेटे और अभिनेता नागार्जुन ने कहा कि श्री राव का निधन नींद में ही हो गया। नागेश्वर राव को 'तेनालीराम कृष्णा', 'देवदास', 'माया बाज़ार' और 'मिस्साम्मा' जैसी हिट फ़िल्मों में अभिनय के लिए याद किया जाता है। नागेश्वर राव के परिवार में तीन बेटियां और दो बेटे हैं। उनके पुत्र नागार्जुन को हिन्दी फ़िल्मों के दर्शक भी अच्छी तरह जानते हैं, और नागार्जुन की पत्नी अमला भी हिन्दी फ़िल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। नागेश्वर राव के कई पौत्र भी अभिनेता के रूप में स्थापित हो चुके हैं। सात दशक से भी अधिक समय तक चले अपने लंबे करियर में नागेश्वर राव ने लगभग 250 तेलुगू और कई तमिल फ़िल्मों में काम किया, और फिलहाल वह 'मनम' शीर्षक से बनाई जा रही फ़िल्म में अभिनय कर रहे थे, जिसमें उनके परिवार की तीनों पीढ़ियों के अभिनेता काम कर रहे थे।