29 अगस्त लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
29 अगस्त लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 29 अगस्त 2023

जय श्री गडकरी

🎂जन्म की तारीख और समय: 21 फ़रवरी 1942, कारवार
⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 29 अगस्त 2008, मुंबई
पति:  बाल धुरी(विवा. 1975–2008)
अभिनेत्री जयश्री गोडकर की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धांजलि
 
सन 1950 से 1980 के दशक तक मराठी और हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री जयश्री गडकर का जन्म 21 फरवरी 1942 को कारवार, कर्नाटक में एक कोंकणी भाषी परिवार हुआ था । जयश्री ने रामानंद की रामायण से  कौशल्या की भूमिका निभाई थी जिसने जयश्री को सम्मान, गौरव, लोकप्रियता के साथ-साथ जीवनसाथी भी मिला यानि रामायण में दशरथ का किरदार निभाने वाले “बाल धुरी” के साथ वह शादी के बंधन में बंध गईं।  उनकी प्रतिभा, नृत्य कौशल और सौंदर्य के सभी कायल थे।राजश्री ने फिल्म ‘तमाशा’ में बाल नृत्य कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, व्ही. शांताराम की ‘झनक झनक पायल’ बाजे में उन्होंने एक समूह नर्तकी के रूप में अपने नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया था। 29  अगस्त 2008  को  जयश्रीजी का निधन हो गया

N.A अंसारी


🎂जन्म की तारीख और समय: 29 अगस्त 1917, झांसी
⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 11 जनवरी 1993,पोर्ट कोलबोर्न कनाडा
आकर्षक व्यक्तित्व भावहीन चेहरा सामने वाले को भेदती आँखे कुल मिलाकर एक खलनायक की सारी खूबियां लेकिन निसार अहमद अंसारी का इतना सा परिचय नही है दो दशक तक रहस्य और अपराध के कथानक पर बनी हिंदी फिल्मों में एक लेखक एक निर्देशक के तौर पर भी उनका अहम योगदान रहा है
निसार अहमद अंसारी फिल्मों में एन ए अंसारी और अंसारी के नाम से पहचाने गये
29 अगस्त 1917 को उनका जन्म उत्तर प्रदेश के झांसी में हुआ था अंग्रेजी में एम ए करने के बाद 1939 में अंसारी अपने एक रिश्तेदार से मिलने बम्बई पहुँचे यह शहर उन्हें इतना भा गया कि वही बसने को योजना बनाने लगे सिनेमा के रोमांच में जकड़े जा चुके अंसारी को मुम्बई में आसानी से विदेशी फिल्में देखने का मौका मिल रहा था और वे उसे छोड़ना नही चाहते थे
यह महज एक इत्तेफाक था कि एक दिन अंसारी की फिल्मकार महबूब से विस्तार से मुलाकात हो गयी महबूब उन दिनों अपनी फिल्म औरत बनाने की तैयारी कर रहे थे
महबूब उनसे प्रभावित हुए और औरत में एक छोटा सा रोल दे दिया (1943 )महबूब खान ने नजमा फ़िल्म बनाई इसमे भी अंसारी को एक अहम रोल मिला बचपन से ही जासूसी साहित्य के दीवाने अंसारी को को लगता था कि जासूसी कहानियों पर जैसी फिल्में बन सकती है वैसी बन नही रही है तभी अंसारी की अभिनेता शेख मुख्तार से दोस्ती हो गयी 1956 में शेख मुख्तार ने फ़िल्म मिस्टर लंबू बनाई जिसके निर्देशन की जिम्मेदारी अंसारी को सौंप दी अंसारी ने मिस्टर लंबू में एक अहम रोल भी अदा किया
इस फ़िल्म की सफलता ने अंसारी को एक निर्देशक के तौर पर स्थापित कर दिया उनके निर्देशन में अगली फिल्म थी मंगू जो 1954 में बनी थी मगर अंसारी को अगली फिल्म का निर्देशन करने में पांच साल का इंतेज़ार का करना पड़ा  इस बीच वे फिल्मों में अभिनय जरूर करते रहे (1959) में जी पी सिप्पी ने फ़िल्म ब्लैक कैट के लिए अंसारी को कहानी लेखक एवं निर्देशक के तौर पर साइन किया
इसके बाद वांटेड (1961)और टावर हाउस (1962) अंसारी की लिखी कहानियों पर आधारित और उनके ही निर्देशन में बनी वे फिल्में थी जो अपने समय मे काफी चर्चित रही
अब अंसारी को लग रहा रहा कि उन्हें भी फ़िल्म निर्माण में हाथ डालना चाहिये उन्होंने बुंदेलखंड फ़िल्म नाम से अपनी कम्पनी खड़ी की और उसके तहत पहली फ़िल्म बनाई मुलजिम (1963) लेकिन अगली तीन फिल्में ज़िंदगी और मौत(1965)वहां के लोग (1967) और मिस्टर मर्डरर 1969 वो परिणाम नही दे पाई जैसी अंसारी को उम्मीद थी (1974) में फ़िल्म जुर्म और सज़ा अपराध पर बनाई गई उनकी अंतिम फ़िल्म थी हालांकि इस बीच वे दूसरे निर्देशकों की बनाई फिल्मों में काम कर रहे थे रंगा खुश (1975) हरफनमौला (1976) महाबदमाश (1975) में ही कुछ ऐसी फिल्में थी 
अंसारी के निर्देशन में अंतिम फ़िल्म बनी नूर-ए-इलाही (1977) लेकिन तेज़ी से बदलते माहौल में धीरे धीरे अंसारी रुपहले पर्दे से दूर होते चले गये
11 जनवरी 1993 को कनाडा में अपने पुत्र के पास अंसारी का निधन हो गया

नागार्जुन

सुपरस्टार नागार्जुन 
🎂 जन्म 29 अगस्त 1959 को हैदराबाद में हुआ था. 
नागार्जुन की फैन फॉलोइंग तगड़ी है. उनकी अदाकारी के फैंस कायल हैं. नागार्जुन एक्टर होने के साथ-साथ सफल प्रोड्यूसर और बिजनेसमैन भी हैं. नागार्जुन के नाम करोड़ों की संपत्ति है.

दो बार फोर्ब्स की लिस्ट में बनाई जगह मालूम हो कि नागार्जुन अन्नपूर्णा स्टूडियो प्रोडक्शन कंपनी के मालिक हैं. स्टूडियो के अलावा नागार्जुन अन्नपूर्णा इंटरनेशनल स्कूल ऑफ फिल्म एंड मीडिया, हैदराबाद के प्रेसिडेंट भी हैं. साथ ही एमएनएन रियलिटी इंटरप्राइजेज के फाउंडिंग पार्टनर हैं. नागार्जुन फोर्ब्स की लिस्ट में दो बार (2012 और 2013) जगह पा चुके हैं.  

तब्बू संग रही अफेयर की चर्चा पर्सनल लाइफ में नागार्जुन ने दो शादियां की हैं. पहली पत्नी से तलाक लेने के बाद नागार्जुन ने अमला अक्किनेनी से शादी की. नागार्जुन के दो बेटे नागा चैतन्य और अखिल अक्कीनेनी हैं. नागार्जुन के एक्ट्रेस तब्बू संग अफेयर की खबरें भी खूब चर्चा में रहीं. खबरें हैं कि दोनों लंबे समय तक रिलेशन में रहे थे. दोनों की मुलाकात उस समय हुई थी जब उन्होंने फिल्म में साथ काम किया था. लेकिन नागार्जुन के पहले से ही शादीशुदा होने के कारण दोनों की शादी नहीं हो पाई. इसी कारण से दोनों अलग हो गए थे. हालांकि, दोनों ही स्टार्स ने कभी भी इस पर बात नहीं की.    

वर्कफ्रंट पर नागार्जुन ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1967 में अपने करियर की शुरुआत की थी. वो तेलुगू फिल्म Sudigundalu में नजर आए थे. नागार्जुन ने साउथ में एक से बढ़कर एक हिट फिल्म दी है. साउथ फिल्मों के अलावा नागार्जुन बॉलीवुड फिल्मों में भी हाथ आजमा चुके हैं. उन्होंने टीवी की दुनिया में प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया है. नागार्जुन को 2 नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स, 9 Nandi Awards और 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ मिल चुके हैं.

रिचा शर्मा


ऋचा शर्मा
 🎂जन्म 29 अगस्त 1974
एक भारतीय फिल्म पार्श्व गायिका होने के साथ-साथ एक भक्ति गायिका भी हैं। 2006 में, उन्होंने फिल्म बाबुल (2006) में बॉलीवुड का सबसे लंबा ट्रैक, बिदाई गीत गाया। 

पंडित आस्करन शर्मा के संरक्षण में, ऋचा ने भारतीय शास्त्रीय और हल्के संगीत का उचित प्रशिक्षण प्राप्त किया।  ऋचा ने ग़ज़लें जोड़ीं;  फिल्मी गीत, पंजाबी और राजस्थानी लोक गीत उनके प्रदर्शनों की सूची में, इस प्रकार उनकी आवाज विभिन्न ध्वनियों में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचती है।

जब ऋचा के जीवन में संगीत अपने चरम पर था, उन्हें शिक्षा का त्याग करना पड़ा और संगीत की दुनिया में बड़ा बनने के सपने लिये, ऋचा 1994 में मुंबई में उतरीं। उन्होंने यह पेट पालने के लिए भजन गाने लगी और साथ ही साथ बॉलीवुड में अपना संघर्ष भी जारी रखा।  उन्होंने 1996 में सावन कुमार की फ़िल्म सलमा पे दिल आ गया के साथ बॉलीवुड में अपने कैरियर की शुरुआत की और इसके बाद कई फिल्में की  ए.आर.  रहमान के संगीत निर्देशन में फ़िल्म ताल से उनको प्रसिद्धि मिली

इसके बाद कई हिट फ़िल्में आईं, जैसे जुबैदा, साथिया (ए.आर. रहमान);  हेरा फेरी (अनु मलिक);  खाकी (राम संपत);  तरकीब (गीत "दुपट्टे का पल्लू"), बागबान (आदेश श्रीवास्तव के लिए टाइटल गीत);  सोच (जतिन-ललित के लिए "निकल चली बे" गीत);  रुद्राक्ष, कल हो ना हो (शंकर-एहसान-लॉय के साथ टाइटल ट्रैक का सैड सांग );  गंगाजल (संदेश शांडिल्य);  पॉपकॉर्न खाओ मस्त हो जाओ (विशाल-शेखर), सांवरिया (मोंटी शर्मा), और ओम शांति ओम (विशाल-शेखर) और कांटे के लिए सबसे लोकप्रिय गीत (आनंद राज आनंद के लिए "माही वे")।

बहुमुखी पार्श्व गायिका ने अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए कुछ एल्बम भी किए हैं।  नी मैं यार नु सजदा करदी, पिया और विंड्स ऑफ़ राजस्थान (2004 की शुरुआत में रिलीज़ हुए टाइम्स म्यूज़िक के लिए) जैसे एल्बमों ने ऋचा की आवाज़ और एक गायिका के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा में क्लास और ग्रेस को सामने लाया है। 

मार्च 2011 में, ऋचा शर्मा और उनके परिवार ने फरीदाबाद, हरियाणा में साईंबाबा मंदिर का उद्घाटन किया और सारेगामा इंडिया द्वारा जारी अपना पहला साईंबाबा भक्ति एल्बम साई की तस्वीर लॉन्च किया।

काजी निसरुल्ला

काज़ी नज़रुल इस्लाम
🎂जन्म 24 मई, 1899
जन्म भूमि ज़िला वर्धमान, पश्चिम बंगाल
⚰️मृत्यु 29 अगस्त, 1976
मृत्यु स्थान ढाका, बांग्लादेश
पति/पत्नी प्रमिला देवी
भाषा बांग्ला, हिन्दुस्तानी, पर्शियन
पुरस्कार-उपाधि 'पद्म भूषण' (1960), 'इंडिपेडेन्ट डे अवॉर्ड' (1977)
प्रसिद्धि बांग्ला कवि, साहित्यकार, दार्शनिक
नागरिकता बांग्लादेशी
अन्य जानकारी काज़ी नज़रुल इस्लाम ने लगभग तीन हज़ार गानों की रचना की और साथ ही अधिकांश को स्वर भी दिया। इनके संगीत के आजकल 'नज़रुल संगीत' या "नज़रुल गीति" नाम से जाना जाता है।
परिचय
काज़ी नज़रुल इस्लाम का जन्म भारत के पश्चिम बंगाल प्रदेश के वर्धमान ज़िले में आसनसोल के पास चुरुलिया नामक गाँव में एक दरिद्र मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा धार्मिक (मजहबी) शिक्षा के रूप में हुई। किशोरावस्था में विभिन्न थिएटर दलों के साथ काम करते-करते काज़ी नज़रुल इस्लाम ने कविता, नाटक एवं साहित्य के सम्बन्ध में सम्यक ज्ञान प्राप्त किया।

राष्ट्रीय कवि

काज़ी नज़रुल इस्लाम बांग्ला भाषा के अन्यतम साहित्यकार, देशप्रेमी तथा बांग्ला देश के राष्ट्रीय कवि हैं। पश्चिम बंगाल और बांग्ला देश दोनों ही जगह उनकी कविता और गान को समान आदर प्राप्त है। उनकी कविता में विद्रोह के स्वर होने के कारण उनको 'विद्रोही कवि' के नाम से जाना जाता है। उनकी कविता का वर्ण्य विषय 'मनुष्य के ऊपर मनुष्य का अत्याचार' तथा 'सामाजिक अनाचार तथा शोषण के विरुद्ध सोच्चार प्रतिवाद' है।

नज़रुल संगीत' या 'नज़रुल गीति'
काज़ी नज़रुल इस्लाम ने लगभग 3000 गानों की रचना की तथा साथ ही अधिकांश को स्वर भी दिया। इनको आजकल 'नज़रुल संगीत' या 'नज़रुल गीति' नाम से जाना जाता है।

मृत्यु
अधेड़ उम्र में काज़ी नज़रुल इस्लाम 'पिक्‌स रोग' से ग्रसित हो गए थे, जिसके कारण शेष जीवन वे साहित्य कर्म से अलग हो गए। बांग्ला देश सरकार के आमन्त्रण पर वे 1972 में सपरिवार ढाका आये। उस समय उनको बांग्ला देश की राष्ट्रीयता प्रदान की गई। यहीं 29 अगस्त, 1976 को उनकी मृत्यु हुई।

सोमवार, 28 अगस्त 2023

हिमाचल के विक्रम कंवर पाल अभिनेता

बिक्रमजीत कंवरपाल
🎂जन्म 29 अगस्त, 1968
जन्म भूमि सोलन, हिमाचल प्रदेश
⚰️मृत्यु 01 मई, 2021
मृत्यु स्थान मुम्बई, महाराष्ट्र
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र भारतीय सेना, हिन्दी सिनेमा
मुख्य फ़िल्में 'पेज 3', 'पाप, करम', 'कॉरपोरेट', 'क्या लव स्टोरी है', 'खुशबू', 'हाइजैक', 'थैंक्स मां', 'रॉकेट सिंह', 'आरक्षण', 'माई फ्रेंड पिंटो' आदि।
प्रसिद्धि अभिनेता
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी बिक्रमजीत कंवरपाल ने पढ़ाई पूरी करने के बाद 1989 में भारतीय सेना ज्वॉइन की थी। सेना में अपनी बहादुरी और साहस का पर‍िचय देने के बाद 2002 में बतौर मेजर वे सेना से रिटायर हुए।
बिक्रमजीत कंवरपाल 
जन्म- 29 अगस्त, 1968; मृत्यु- 1 मई, 2021) हिन्दी फ़िल्मों के अभिनेता थे। उन्होंने कई धारावाहिकों में काम किया था। बिक्रमजीत कंवरपाल एक्टर बनने से पहले भारतीय सेना के अफसर रह चुके थे। उन्होंने आर्मी से रिटायर होने के बाद साल 2003 में अपना एक्टिंग डेब्यू किया। न्होंने 'पेज 3', 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर', 'आरक्षण', 'मर्डर 2', '2 स्टेट्स' और 'द गाजी अटैक' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। फिल्मों के अलावा बिक्रमजीत कंवरपाल ने टेलीविजन धारावाहिकों, जैसे- 'दीया और बाती हम', 'ये हैं चाहतें', 'दिल ही तो है' आदि में प्रमुख भूमिकाएं निभाईं।
मृत्यु
18 साल के अपने फिल्मी कॅर‍ियर में बिक्रमजीत कंवरपाल ने दर्शकों को कभी श‍िकायत का मौका नहीं दिया। फ‍िल्मों और टीवी शोज में उनकी मौजूदगी हमेशा ही ऑड‍ियंस के लिए फायदे का सौदा साबित हुई। अपने बचपन के इस अधूरे सपने को पूरा करना ही शायद बिक्रमजीत की जिंदगी का आख‍िरी पड़ाव था। पिछले दिनों कोरोना से संक्रमित होने के बाद 1 मई, 2021 को उन्होंने 52 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। पर्दे के इस दिग्गज कलाकार को दोबारा स्क्रीन पर ना देख पाने का मलाल उनके फैंस को हमेशा रहेगा।

माइकल जेक्सन

माइकल जोसेफ जैक्सन, लोकप्रिय अमरीकी पॉप गायक थे, जिन्हें किंग ऑफ पॉप भी कहा जाता है। माइकल, जैक्सन दंपति की सातवीं संतान थे, जिन्होंने मात्र ग्यारह वर्ष की आयु में ही व्यवसायिक रूप से गायकी आरंभ कर दी थी। उस समय वे जैक्सन-५ समूह के सदस्य हुआ करते थे। 
🎂जन्म की तारीख और समय: 29 अगस्त 1958, गैरी, इंडियाना, संयुक्त राज्य अमेरिका
⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 25 जून 2009, होलम्बी हिल्स, लॉस एंजिल्स, कैलीफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका
बच्चे: पेरिस-माइकल कैथरीन जैक्सन, प्रिंस माइकल जैक्सन II, ज़्यादा
पत्नी: डेबी रोव (विवा. 1996–2000), ज़्यादा
माता-पिता: जो जैक्सन, कैथरीन जैक्सन
लंबाई: 1.75 मी
माइकल जोसेफ जैक्सन (29 अगस्त, 1958 - 25 जून, 2009) एक अमेरिकी गायक, गीतकार, नर्तक और परोपकारी व्यक्ति थे। " पॉप के राजा " के रूप में जाने जाने वाले, उन्हें 20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक हस्तियों में से एक माना जाता है । अपने चार दशक के करियर के दौरान, संगीत, नृत्य और फैशन में उनके योगदान के साथ-साथ उनके प्रचारित निजी जीवन ने उन्हें लोकप्रिय संस्कृति में एक वैश्विक शख्सियत बना दिया। जैक्सन ने कई संगीत शैलियों के कलाकारों को प्रभावित किया। मंच और वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से, उन्होंने जटिल स्ट्रीट डांस मूव्स जैसे मूनवॉक , जिसे उन्होंने नाम दिया, और साथ ही रोबोट को लोकप्रिय बनाया ।
🌹जैक्सन परिवार की आठवीं संतान , जैक्सन ने 1964 में अपने बड़े भाइयों जैकी , टीटो , जर्मेन और मार्लोन के साथ जैक्सन 5 (जिसे बाद में जैकसन के नाम से जाना गया) के सदस्य के रूप में सार्वजनिक शुरुआत की। जैक्सन ने अपने एकल करियर की शुरुआत 1971 में मोटाउन रिकॉर्ड्स में रहते हुए की थी । वह अपने 1979 के एल्बम ऑफ द वॉल से एकल स्टार बन गए । उनके संगीत वीडियो , जिनमें " बीट इट ", " बिली जीन " और उनके 1982 एल्बम थ्रिलर के " थ्रिलर " शामिल हैं, को नस्लीय बाधाओं को तोड़ने का श्रेय दिया जाता है।और माध्यम को एक कला रूप और प्रचार उपकरण में बदलना। उन्होंने एमटीवी की सफलता को आगे बढ़ाने में मदद की और बैड (1987), डेंजरस (1991), हिस्ट्री: पास्ट, प्रेजेंट एंड फ्यूचर, बुक I (1995), और इनविंसिबल (2001) एल्बमों के लिए वीडियो के साथ नवाचार करना जारी रखा। थ्रिलर अब तक का सबसे अधिक बिकने वाला एल्बम बन गया , जबकि बैड पांच यूएस बिलबोर्ड हॉट 100 नंबर-एक एकल का निर्माण करने वाला पहला एल्बम था । [nb 1]

1980 के दशक के उत्तरार्ध से, जैक्सन अपनी बदलती उपस्थिति , रिश्तों , व्यवहार और जीवनशैली के कारण विवादों और अटकलों का विषय बन गया । 1993 में उन पर एक पारिवारिक मित्र के बच्चे का यौन शोषण करने का आरोप लगा । मुकदमा सिविल कोर्ट से बाहर सुलझाया गया; सबूतों के अभाव के कारण जैक्सन को दोषी नहीं ठहराया गया। 2005 में, उन पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें बाल यौन शोषण के आरोपों और कई अन्य आरोपों से बरी कर दिया गया। एफबीआई को किसी भी मामले में जैक्सन द्वारा आपराधिक आचरण का कोई सबूत नहीं मिला । 2009 में, जब वह वापसी संगीत कार्यक्रमों की एक श्रृंखला, दिस इज़ इट की तैयारी कर रहे थे, प्रोपोफोल की अधिक मात्रा के कारण जैक्सन की मृत्यु हो गई ।उनके निजी चिकित्सक, कॉनराड मरे द्वारा प्रशासित किया गया , जिन्हें 2011 में जैक्सन की मौत में शामिल होने के लिए अनैच्छिक हत्या का दोषी ठहराया गया था। उनकी मृत्यु पर दुनिया भर में प्रतिक्रियाएँ शुरू हो गईं, जिससे इंटरनेट ट्रैफ़िक में अभूतपूर्व वृद्धि हुई और उनके संगीत की बिक्री में भी वृद्धि हुई। लॉस एंजिल्स के स्टेपल्स सेंटर में आयोजित जैक्सन के लिए टेलीविजन पर प्रसारित स्मारक सेवा को वैश्विक स्तर पर अनुमानित 2.5 बिलियन से अधिक लोगों ने देखा।

दुनिया भर में 400 मिलियन से अधिक रिकॉर्ड की अनुमानित बिक्री के साथ, जैक्सन सभी समय के सबसे अधिक बिकने वाले संगीत कलाकारों में से एक है । [एनबी 2] उनके पास 13 बिलबोर्ड हॉट 100 नंबर-वन सिंगल्स थे ( हॉट 100 युग में किसी भी कलाकार का तीसरा सबसे बड़ा ) और पांच अलग-अलग दशकों में बिलबोर्ड हॉट 100 पर टॉप-टेन सिंगल में जगह बनाने वाले पहले कलाकार थे। उनके सम्मानों में 15 ग्रैमी पुरस्कार , छह ब्रिट पुरस्कार , एक गोल्डन ग्लोब पुरस्कार और 39 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स शामिल हैं, जिनमें "सभी समय का सबसे सफल मनोरंजनकर्ता" भी शामिल है। जैक्सन के प्रेरणों में रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फ़ेम शामिल है (दो बार), वोकल ग्रुप हॉल ऑफ़ फ़ेम , सॉन्ग राइटर्स हॉल ऑफ़ फ़ेम , डांस हॉल ऑफ़ फ़ेम (उन्हें इसमें शामिल होने वाला एकमात्र रिकॉर्डिंग कलाकार बनाया गया) और रिदम एंड ब्लूज़ म्यूज़िक हॉल ऑफ़ फ़ेम ।

बिन्नु ढीलों

बिन्नू ढिल्लों 
🎂जन्म 29 अगस्त 1975
 एक भारतीय अभिनेता हैं जो पंजाबी सिनेमा और हिंदी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं।
29 अगस्त 1975 
धुरी, पंजाब , भारत
अल्मा मेटर
पंजाबी यूनिवर्सिटी
व्यवसायों
अभिनेताहास्य अभिनेताफ़िल्म निर्माताटेलीविज़न प्रस्तोता
सक्रिय वर्ष
1996-वर्तमान
संगठन
बिन्नू ढिल्लों प्रोडक्शन
के लिए जाना जाता है
कॉमेडी
बच्चे
2
बिन्नू ढिल्लों ने अपना करियर भांगड़ा कलाकार के रूप में शुरू किया और उन्हें जर्मनी और यूके में भारतीय समारोहों में प्रदर्शन करने का अवसर मिला, अभिनय क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले वह टेलीविजन और धारावाहिकों में दिखाई दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में अपने समय के दौरान एक छात्र के रूप में और थिएटर और टेलीविजन विभाग के रिपर्टरी के हिस्से के रूप में नाटकों में अभिनय करना जारी रखा।

उन्होंने 1998 में गुरबीर सिंह ग्रेवाल द्वारा लिखित और निर्देशित धारावाहिक पड्डू से टेलीविजन पर अपनी शुरुआत की और लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक सरहद , लोरी , गौंडी धरती , सिरनावे , मन जीते जग जीत , चन्नो चान वर्गी में काम किया । प्रोफेसर मनी प्लांट , जुगनू हाज़िर है , जुगनू मस्त मस्त , पदम पारिया , कंकाल , अस्ते और पगडंडियन । उन्होंने खरा दूध और खिच घुग्गी खिच जैसी टेलीफिल्मों में अभिनय करना जारी रखा.

उन्होंने शहीद-ए-आजम और देव डी जैसी व्यावसायिक रूप से सफल हिंदी फिल्मों में छोटी भूमिकाएँ भी निभाईं ।

2010 में, उन्होंने एक नाटक नॉटी बाबा इन टाउन का निर्देशन किया , जो अमेरिका और कनाडा दोनों में प्रदर्शित किया गया था। बिन्नू अब पंजाबी फिल्मों के सबसे मशहूर कॉमेडियन में से एक हैं।

आंचल सभरवाल

आंचल सभरवाल 
🎂जन्म 29 अगस्त 1986 
 वह एक लोकप्रिय भारतीय टीवी अभिनेत्री हैं जिन्होंने 'टीवी शो' से अपने करियर की शुरुआत की थी।एक चाभी है पड़ोस में' (2006)। टीवी सीरियलों में अभिनय करने से पहले उन्होंने कई टीवी विज्ञापनों में काम किया। उनकी पहली हिंदी फिल्म आमरस थी, जो स्कूली लड़कियों की मासूम जिंदगी की कहानी पर आधारित फिल्म थी। फिल्म का निर्देशन किया थारूपाली गुहाकी बेटी हैबासु चटर्जीऔर औसत सफलता मिली.

उन्होंने सिटकॉम सजन रे झूठ मत बोलो (सब टीवी का एक बहुत लोकप्रिय धारावाहिक) में आरती झावेरी की भूमिका निभाई। कुछ अन्य धारावाहिक जिनमें उन्होंने अभिनय किया:भास्कर भारती, साजन बिना ससुराल और उतरन (रूपाली गुहा द्वारा निर्देशित)। उन्होंने एक मलयालम फिल्म में भी काम कियारेल गाड़ी(2011) जिसमें मुख्य भूमिका ममूटी ने निभाई थी। उन्होंने "" में सहायक भूमिका निभाईकेम्पे गौड़ाएक फिल्म जिसमें उन्हें मुख्य भूमिका निभानी थी।

आंचल हमेशा अपने फोटोशूट में बेहद ग्लैमरस दिखती हैं और उनमें वो ओम्फ फैक्टर है। वर्ष 2013 में, वह उस समय विवादों में घिर गईं जब तेलुगु फिल्म 'कोडीपुंजू' के ऑडियो लॉन्च के दौरान उनके इनर वियर की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो गईं। ऐसा लगता है कि वह माहौल से अनजान थी और जब यह हुआ तब वह अपने क्षेत्र में थी। इस तस्वीर ने सभी मशहूर वेबसाइटों पर एंट्री कर ली। फिलहाल वह 'इस प्यार को क्या नाम दूं?...एक बार फिर' में मानसी का किरदार निभा रही हैं।
उनको जब वालीवुड में सफलता नहीं मिली तो उन्हों ने दूसरे क्षेत्रों में जाना सही समझा
हम आंचल को उनकी आगामी परियोजनाओं के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...