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शनिवार, 22 जुलाई 2023

एल सुब्रह्मण्यम

लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम
🎂जन्म 23 जुलाई, 1947
जन्म भूमि चेन्नई, तमिलनाडु
⚰️9 फ़रवरी, 1995
अभिभावक माता- सीतालक्ष्मी
पिता- वी. लक्ष्मीनारायण

पति/पत्नी विजी सुब्रमण्यम, कविता कृष्णमूर्ति
संतान दो पुत्री- गिंगेर शंकर, बिंदु
दो पुत्र- नारायण, अम्बी

कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र शास्त्रीय वाद्य वादक
शिक्षा एम.बी.बी.एस. (मद्रास मेडिकल कॉलेज)
पश्चिमी संगीत में स्नातकोत्तर (कैलिफ़ोर्निया इंस्टीच्यूशन ऑफ आर्ट्स)

पुरस्कार-उपाधि विश्व कला भारती’ पुरस्कार (2004), पद्म भूषण (2001), पद्म श्री (1988), लोटस फेस्टिवल’ पुरस्कार (1988), राष्ट्रपति पुरस्कार (1963) आदि।
प्रसिद्धि वायलिन वादक
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी एल. सुब्रमण्यम ने बर्नार्डो बेर्तोलुकि की फिल्मों ‘लिटिल बुद्धा’ और ‘कॉटन मैरी ऑफ मर्चेंट-आइवरी’ के निर्माण में एकल वायलिन वादक के रूप में भी अपनी प्रस्तुति दी।
❤️परिचय
बचपन में ही एल. सुब्रमण्यम ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में विशेष योग्यता हासिल कर ली थी। ये एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें ‘वायलिन चक्रवर्ती’ (यानि वायलिन सम्राट) के नाम से बचपन में जाना जाता था। ये केवल वायलिन संगीत के पेशे से बंधे नहीं रहे, अपितु इन्होंने सैकड़ों धुनों को बनाया, सुसज्जित किया और पुराने धुनों में सुधार भी किया। ये कर्नाटक संगीत के साथ-साथ पश्चिमी शास्त्रीय संगीत, जाज, फ्यूज़न, ऑर्केस्ट्रा और विश्व संगीत के भी जानकर हैं। इन्हें न केवल भारत अपितु विश्व के कई देशों में सम्मानित किया जा चुका है। इन्होंने संसार के कई प्रतिष्ठित संगीतकारों के अनुरोध पर उनके साथ अनेकों अंतर्राष्ट्रीय संगीत कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति भी दी है। एल. सुब्रमण्यम ने 150 से अधिक रिकॉर्डिंग की हैं और साथ ही यहूदी मेनुहिन, स्टीफन ग्राप्पेल्ली एवं रगइएरो रिक्की आदि जैसे कई बड़े संगीतकारों के साथ भी काम किया है। इन्हें अपने संगीत के धुनों को आर्केस्ट्रा के साथ संयोजन (मिक्सिंग) के लिए विशेष प्रसिद्ध मिली है।

जन्म
एल. सुब्रमण्यम का जन्म 23 जुलाई, 1947 को चेन्नई, तमिलनाडु में प्रतिष्ठित संगीतकार परिवार में हुआ था। इनका सम्बन्ध एक दक्षिण भारतीय तमिल परिवार से है। इन्होंने मात्र छ: वर्ष की अल्पायु में ही संगीत के अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम का रंगमंच पर प्रदर्शन किया था। संगीत बचपन से ही इनके रग-रग में भरा हुआ था, जो इनकी मां सीतालक्ष्मी और पिता वी. लक्ष्मीनारायण से वरदान के रूप में मिला था क्योंकि वे दोनों भी प्रसिद्ध संगीतकार थे।

शिक्षा
एल. सुब्रमण्यम का बचपन जाफना (श्रीलंका) में व्यतीत हुआ। प्रतिष्ठित संगीतकार परिवार से होने की वजह से इन्होंने बचपन में ही अपने कदम इस दिशा में आगे बढ़ाना प्रारम्भ कर दिया था। इन्होंने संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा अपने माता-पिता से ही प्राप्त की थी, जिन्होंने इन्हें संगीत के मूल बारीकियों का ज्ञान दिया था।

संगीत के अलावा एल. सुब्रमण्यम ने कॉलेज के दिनों में चिकित्सा विज्ञान का भी अध्ययन किया था। इन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से एम.बी.बी.एस. की डिग्री प्राप्त की थी। इनका डॉक्टर के रूप में कार्यकाल अल्प समय का ही रहा और कुछ दिनों बाद इन्होंने संगीत का अध्ययन फिर से आरम्भ कर दिया। इस दौरान इन्होंने पश्चिमी संगीत में स्नातकोत्तर की शिक्षा कैलिफ़ोर्निया इंस्टीच्यूशन ऑफ आर्ट्स से प्राप्त की। इस दौरान इन्हें अनेक समकालीन प्रतिष्ठित संगीतकारों के साथ रियाज करने का सुनहरा अवसर मिला। हालांकि इन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अपना अध्ययन करके डॉक्टर की उपाधि प्राप्त की थी, फिर भी इन्होंने एक वायलिन वादक के रूप में संगीत को अपने पेशे के रूप में अपनाया। इनके चाहने वाले प्रेम से इन्हें ‘मणि’ कहकर पुकारते हैं।

पारिवारिक जीवन
एल. सुब्रमण्यम का पहला विवाह विजी सुब्रमण्यम के साथ वर्ष 1976 में हुआ था, परंतु दुर्भाग्यवश 9 फ़रवरी, 1995 को उनकी मृत्यु हो गयी। इसके बाद वर्ष 1999 में इन्होंने अपना दूसरा विवाह लोकप्रिय भारतीय पार्श्वगायिका कविता कृष्णमूर्ति के साथ किया। पहली शादी से इन्हें चार बच्चे हुए, जिन्होंने अपने पिता सुब्रमण्यम के संगीत शिक्षा का अनुकरण किया और कई संगीत के कार्यक्रमों में अपने प्रस्तुत भी देते रहे हैं। इनकी बड़ी बेटी गिंगेर शंकर इस समय लॉस एंजिल्स में संगीत कंपोजर के रूप में कार्य कर रही हैं। इनकी दूसरी बेटी बिंदु (सीता) एक प्रसिद्ध गायिका और गीतकार हैं। इनके बड़े बेटे नारायण एक सर्जन (डॉक्टर) हैं जो गायक भी हैं। जबकि इनके छोटे बेटे अम्बी एक वायलिन वादक हैं जिन्हें बहुत ही प्रसिद्धि मिली है।
2007 में, सुब्रमण्यम फाउंडेशन, जो सुब्रमण्यम और उनकी पत्नी द्वारा संचालित एक चैरिटी है, ने भारत के बैंगलोर में सुब्रमण्यम एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (SAPA) नामक एक संगीत विद्यालय की स्थापना की
↔️संगीतकार

सुरभि (1988) (संगीतकार, संगीत संयोजक, संगीतकार: वायलिन वादक)
सलाम बॉम्बे! (1988) (संगीतकार, संगीत संयोजक, संगीतकार: वायलिन वादक)
मिसिसिपी मसाला (1991) (संगीतकार, संगीतकार: वायलिन, वायलिन सिंथेसाइज़र, परकशन)
जयते (1997) (संगीतकार)
ई स्नेहथीराथु (2004) (संगीतकार)
बनज़: ए लव स्टोरी (2012) (संगीतकार: वायलिन)
गौर हरि दास्तान (2013) (संगीतकार)
हे राम (2000) (संगीतकार, पूरा होने से पहले परियोजना छोड़ दी) 
↔️एकल कलाकार

लिटिल बुद्धा (1993) (वायलिन वादक)
कामसूत्र: ए टेल ऑफ़ लव (1996) (वायलिन वादक)
कॉटन मैरी (1999) (वायलिन वादक)
↔️अतिरिक्त साउंडट्रैक
पीस वन डे (2004) (संगीतकार, कलाकार: "जिप्सी ट्रेल")
बराका (1992) (कलाकार: "वांडरिंग सेंट")
राग मोहनम (2012) (कलाकार: "समर्पणम")
↔️सुब्रमण्यम पर

एल. सुब्रमण्यम: वायलिन फ्रॉम द हार्ट (1999)। जीन हेनरी म्युनियर द्वारा निर्देशित।

महमूद

महमूद अली 

🎂29 सितम्बर,1932

⚰️23 जुलाई, 2004

जीवनसाथी मधु (तलाक)नान्सी क्रोल अका ट्रेसी अली (ताहिरा)

बच्चे मसूद अली,मक़्सूद महमूद अली (लक्की अली),मक़्दूम अली,मासूम अली,मन्ज़ूर अली,मन्सूर अली,जिन्नी अली

माता-पिता

मुम्ताज़ अली

लतीफ़ुन्निसा अली

संबंधी

मीनू मुमताज़ (बहन)

मीना कुमारी (साली, मधु की बहन)

एक भारतीय अभिनेता और फ़िल्म निर्देशक थे। हिन्दी फ़िल्मों में उनके हास्य कलाकार के तौर पर किये गये अदभुत अभिनय के लिये वे जाने और सराहे गये है। तीन दशक लम्बे चले उनके करीयर में उन्होने 300 से ज़्यादा हिन्दी फ़िल्मों में काम किया। महमूद अभिनेता और नृत्य कलाकार मुम्ताज़ अली के नौ बच्चों में से एक थे।जुलाई 23, 2004 को अमरीका में पेनसिल्वेनिया शहर में नींद में ही गुज़र गये। वे बरसों से ह्रदयरोग से पीड़ित थे। पिछले बरसों में उनकी सेहत बहुत खराब रहती थी।

महमूद का जन्म 29 सितम्बर 1932 को मुम्बई में हुआ था। अपने माता-पिता की आठ में से दूसरे नम्बर की संतान महमूद ने शुरुआत में बाल कलाकार के तौर पर कुछ फ़िल्मों में काम किया था।


उनकी भाषा में हैदराबादी जुबान का पुट दर्शकों को बेहद पसंद आया और उनकी संवाद अदायगी और अभिनय के लाजवाब अंदाज ने जल्द ही करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बना लिया। महमूद ने जिस वक्त फ़िल्मों को गम्भीरता से लेना शुरू किया तब भारतीय फ़िल्मों पर किशोर कुमार की कॉमेडी का जादू छाया था।


लेखक मनमोहन मेलविले ने अपने एक लेख में महमूद और किशोर के दिलचस्प किस्से को बयान किया है। इसमें कहा गया है कि महमूद ने अपने कॅरियर के सुनहरे दौर से गुजर रहे किशोर से अपनी किसी फ़िल्म में भूमिका देने की गुजारिश की थी लेकिन महमूद की प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ किशोर ने कहा था कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को मौका कैसे दे सकते, जो भविष्य में उन्हें चुनौती देने का माद्दा रखता हो। इस पर महमूद ने बड़े दिलचस्प जवाब में कहा एक दिन मैं भी बड़ा फ़िल्मकार बन जाउूंगा और आपको अपनी फ़िल्म में भूमिका दे दूंगा। महमूद अपनी बात के पक्के साबित हुए और आगे चलकर अपनी होम प्रोडक्शन फ़िल्म पड़ोसन में किशोर को रोल दिया। इन दोनों महान कलाकारों की जुगलबंदी से यह फ़िल्म बॉलीवुड की सबसे विलक्षण कॉमेडी फ़िल्म बनकर उभरी।


अपने जीवन के आखिरी दिनों में महमूद का स्वास्थ्य खराब हो गया। वह इलाज के लिए अमेरिका गए जहां 23 जुलाई 2004 को उनका निधन हो गया।


महमूद ने अभिनेत्री मीना कुमारी की बहन मधु से शादी की थी।


आठ संतानों के पिता महमूद के दूसरे बेटे लकी अली जाने-माने गायक और अभिनेता हैं।


राज मंगल सिंह चौधरी

राजमंगल सिंह चौधरी
🎂23 जुलाई 1975
दार्जिलिंग , पश्चिम बंगाल , भारत
अल्मा मेटर
बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग , बीएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट
व्यवसायों
अभिनेतापटकथा लेखकफ़िल्म निर्देशक
चौधरी का जन्म दार्जिलिंग, भारत में हुआ था। मॉडलिंग में अपना करियर बनाने और बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने बैंगलोर में अपनी खुद की कंपनी खोली । जब चौधरी को उनके व्यापारिक साझेदारों ने धोखा दिया तो उन्होंने अभिनय में नया करियर बनाने के लिए मुंबई जाने का अवसर लिया। अनुराग कश्यप द्वारा लिखित फिल्म सत्या को देखने के बाद चौधरी को अपनी स्क्रिप्ट लिखने की प्रेरणा मिली । अपने कॉलेज के दिनों के अनुभवों के आधार पर, उन्होंने अपनी स्क्रिप्ट पर काम किया जो रैगिंग की प्रथा पर केंद्रित थी, शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों का शारीरिक और मानसिक शोषण। जिस फिल्म में वह दिखाई देने वाले थे, उसके असफल होने के बाद, चौधरी अपनी स्क्रिप्ट निर्देशक कश्यप के पास ले गए, जो उनके गुरु बन गए। कश्यप ने चौधरी की मूल पटकथा के आधार पर एक नई पटकथा लिखी, जो अंततः गुलाल फिल्म बनी ।गुलाल पर अपने काम के अलावा , चौधरी ने एक छोटी भूमिका निभाते हुए ब्लैक फ्राइडे के सेट पर भी सहायता की और लघु कहानी लिखी, जिस पर नो स्मोकिंग आधारित है। वह 2003 की फिल्म कुछ ना कहो में दिखाई दिए , जिसमें ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन ने अभिनय किया था. इसके बाद वह सुशील राजपाल की फिल्म अंटर्डवंड में दिखाई दिए , जिसने 2007 में सामाजिक मुद्दों पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता और 2010 में रिलीज़ हुई; उनका आगामी प्रोजेक्ट इरफान खान, अभय देओल स्टारर कर्मया है ।

मिलिंद गुनाजी

मिलिंद गुनाजी 
हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं।
🎂जन्म: 23 जुलाई 1961, मुम्बई
पत्नी: रानी गुनाजी
बच्चे: अभिषेक गुनाजी
भाई: प्रल्हाद गुनाजी
लंबाई: 1.88 मी
गुनाजी का जन्म 23 जुलाई 1961 को बॉम्बे (वर्तमान मुंबई), महाराष्ट्र में हुआ था। गुणाजी ने शुरुआत में 1993 की फिल्म पपीहा से अभिनय शुरू किया और पहली बार 1996 की फरेब में इंस्पेक्टर इंद्रजीत सक्सेना की भूमिका से उन्हें व्यापक पहचान मिली।इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन मिला नकारात्मक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मिला ।

2009 में उन्हें नोवेल इंस्टीट्यूट ग्रुप के एनआईबीआर कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट का ब्रांड एंबेसडर नामित किया गया था। मिलिंद ने एवरेस्ट फतह किया , जो नवंबर 2014 में स्टार प्लस पर प्रसारित हुआ । उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी दो फिल्मों आलवंदन ( तमिल ) और कृष्णम वंदे जगद्गुरुम ( तेलुगु ) में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।

गुनाजी ने एक फोटोग्राफर के रूप में बालगंधर्व पुणे, नासिक में कालिदास हॉल, विले पार्ले में प्रबोधंकर ठाकरे हॉल सहित कई एकल फोटो प्रदर्शनियों का आयोजन किया है।

उन्होंने एक यात्रा लेखक , इंतियामतकट टूर्स के ब्रांड एंबेसडर और मराठी दैनिक लोकसत्ता के लोकप्रभा पूरक में एक साप्ताहिक कॉलम लिखने के रूप में काम किया है । एक लेखक के रूप में गुनाजी ने 12 किताबें लिखी हैं। 1998 में उन्होंने अपनी पहली पुस्तक माझी मुलुखगिरि प्रकाशित की, जो उनके लोकप्रभा स्तंभों का संकलन थी । गुणाजी ने यह कहते हुए मॉडलिंग की है कि यह "मेरे अहंकार को संतुष्ट करता है और अच्छा मौद्रिक रिटर्न देता है।" 
पुरुस्कार
1997: नामांकित: फरेब के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार
1998: नामांकित: विरासत के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार

मुकेश खन्ना

मुकेश खन्ना
जन्म की तारीख और समय: 23 जून 1958 (आयु 65 वर्ष), मुम्बई
भाई: वेद खन्ना
लंबाई: 1.88 मी
मुकेश खन्ना (अंग्रेजी :Mukesh Khanna) एक भारतीय धारावाहिक तथा फ़िल्म अभिनेता है जिनका जन्म 19 जुलाई 1958 को मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ था। इन्होंने कई हिन्दी धारावाहिकों तथा फ़िल्मों में अभिनय किया है। इन्होंने अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत 1981 में बनी रूही फ़िल्म से की थी तथा इन्होंने अपनी छवि महाभारत धारावाहिक जो 1988 में दूरदर्शन पर चलता था उस धारावाहिक में इन्होंने भीष्म का अभिनय किया था तथा शक्तिमान धारावाहिक में शक्तिमान तथा गंगाधर का किरदार निभाया था से बनाई थी और इन्हीं टेलीविज़न धारावाहिकों से ये प्रसिद्ध हुए।

टीवी🖥️
1988–1990 महाभारत भीष्म पितामह 
1989 विश्वामित्र विश्वामित्र 
1990 चुन्नी करमजीत सिंह 
1994–1995 चंद्रकांता जांबाज / मेघावत 
द ग्रेट मराठा इब्राहिम खान गर्दी 
1995–1996 मार्शल मार्शल 
1995–1996 सराब अजय / विजय 
1996–1998 युग 
1997–1998 विश्वास विजय वर्मा 
1997–1998 महाभारत कथा भीष्म 
1997 महायोद्धा विराट साथ ही निर्माता, भीष्म इंटरनेशनल के तहत निर्मित पहला धारावाहिक
1997–2005 शक्तिमान शक्तिमान/पंडित गंगाधर शास्त्री/मेजर रंजीत सिंह/श्री सत्य/क्लोन शक्तिमान निर्माता भी
1997–1998 महाराणा प्रताप – द प्राइड ऑफ इंडिया राणा सांगा 
2002–2003 आर्यमान – ब्रह्मांड का योद्धा आर्यमन/ओजवान/कथावाचक निर्माता भी
2003 दीवार विक्रम सिंह 
2004 एहसास दिग्विजय सिंह राठौड़ 
2007 सौतेला विक्रम आर्य निर्माता भी
2012 [प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा] पुरुषोत्तम दिवान 
2020–वर्तमान द मुकेश खन्ना शो
फिल्मे📽️
2004 प्लान अली भाई 
2001 सेंसर 
2000 खौफ़ 
2000 हेरा फेरी पुलिस कमिश्नर प्रकाश 
1999 इन्टरनेशनल खिलाड़ी 
1998 दो हज़ार एक 
1998 कीमत सूरज प्रताप सिंह 
1998 ज़ुल्म-ओ-सितम 
1997 जज मुज़रिम मंगल सिंह 
1996 हिम्मतवर 
1996 हिम्मत 
1995 राजा 
1995 बरसात भैरों (बादल के पिता) 
1995 जवाब 
1995 मैदान-ए-जंग 
1995 पाँडव ए सी पी अश्विनी कुमार 
1995 जय विक्रान्ता ठाकुर हरनाम सिंह 
1994 नज़र के सामने 
1994 बेताज बादशाह बलवंत राय 
1994 मोहब्बत की आरज़ू 
1994 अमानत अग्रवाल सेठ 
1994 मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी 
1994 आओ प्यार करें शंकर 
1994 इंसानियत 
1993 शक्तिमान 
1993 मेरी आन 
1993 कुंदन 
1992 य़लगार महेन्द्र अश्विनी कुमार 
1992 तहलका मेजर कृष्णा राव 
1991 सौदागर 
1991 सौगंध चौधरी सारंग 
1985 मुझे कसम है 
1984 कैप्टन बैरी 
1983 दर्द-ए-दिल गोविंदा 
1982 वक्त के शहजादे सैमसन उर्फ सनी 
1981 रूही प्रकाश

हिमेश रहमिया

*●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●
  ꧁ हिमेश रेशमिया

*Ş₳ŦเŞ𝓱👸🏻◣🍁💜⃝🇱♥︎2*
🎂जन्म: 23 जुलाई 1973 
भांवनगर
पत्नी: सोनिया कपूर (विवा. 2018), कोमल (विवा. 1995–2017)
बच्चे: स्वयं रेशमिया
माता-पिता: विपिन रेशमिया, मधु रेशमिया
हिमेश रेशमिया एक गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता तथा फिल्म निर्माता हैं,
जो प्रमुखतः हिन्दी फ़िल्मों में कार्यरत हैं। 
●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●
  ꧁ 

हिमेश रेशमिया (जन्म: 23 जुलाई 1973) एक गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता तथा फिल्म निर्माता हैं, जो प्रमुखतः हिन्दी फ़िल्मों में कार्यरत हैं। वर्ष 1998 में आयी प्यार किया तो डरना क्या से बॉलीवुड फिल्मों में एक संगीतकार के रूप में पदार्पण करने वाले हिमेश ने अगले कुछ वर्षों में हेलो ब्रदर (1999), कुरुक्षेत्र (2000), जोड़ी नम्बर वन (2001) और हमराज़ (2002) जैसी फिल्मों में संगीत दिया; हमराज़ के लिए उन्हें उनका पहला फ़िल्मफेयर नामांकन मिला था। इसके बाद 2003 में उन्होंने तेरे नाम फिल्म में संगीत दिया, जिसकी संगीत एल्बम उस वर्ष की सर्वाधिक बिकने वाली एल्बम थी, और इसके लिए उन्हें फ़िल्मफेयर, स्क्रीन तथा स्टार गिल्ड समेत कई पुरस्कारों के लिए नामांकन प्राप्त हुए। तेरे नाम ने उन्हें बॉलीवुड में एक सफल संगीतकार के रूप में स्थापित किया, और फिर 2004 में उन्होंने रन, टार्ज़न, ऐतराज़ और दिल मांगे मोर जैसी फिल्मों में संगीत दिया।
आप का सुरुर द रियल लव सटोरी (2007) - स्वयं
क़र्ज़ (2008) - मोंटी ओबेरॉय
रेडियो (2009) - आरजे विवान शाह
कजरारे (2010) - राजीव/रॉकी
दमादम (2011) - समीर
खिलाडी 786 (2012) - मनसुख देसाई
अ न्यू लव इश्टोरी (2013) - सिकंदर वर्मा/सिक्कू
द एक्स्पोस (2014) - रवि कुमार
तेरा सुरूर (2016) - रघु

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...