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शनिवार, 30 दिसंबर 2023

प्रोमिला

indo-canadian mudar:
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फ़िल्म अभिनेत्री भारत की पहली मिस इंडिया एस्थर विक्टोरिया एब्राहिम उर्फ प्रमिला के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि
🎂30 दिसंबर 1916
⚰️06 अगस्त 2006)

पहली मिस इंडिया प्रतियोगिता 1947 में आयोजित की गयी थी उस समय ये ख़िताब लगभग “पॉपुलर फेस कांटेस्ट” जैसा हुआ करता था उस समय की मैगजीन्स के कवर पर अपने फैशन सेंस और ख़ूबसूरती की वजह से एक ही अभिनेत्री छाई रहती थीं, वो थी प्रमिला इसीलिए उन्हें मिला पहली “मिस इंडिया” का ख़िताब।

प्रमिला का शुरूआती जीवन

प्रमिला का जन्म 30 दिसम्बर 1916 में कलकत्ता (अब कोलकाता) में एक बगदादी यहूदी परिवार में हुआ था वह रूबेन अब्राहम, कोलकाता के एक यहूदी व्यवसायी , की दूसरी पत्नी मटिल्डा इसाक, कराची की एक यहूदी महिला की बेटी थी । प्रमिला के अपने पिता की पहली शादी से एक निश्चित लिआह से तीन बड़े सौतेले भाई-बहन थे, और अपने माता-पिता की शादी से छह (या पाँच) भाई-बहन थे।

फिल्म में अपने करियर के अलावा, वह कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातक भी थीं , और एक शिक्षिका भी बनीं उन्होंने अपनी खुद की फ़िल्मी पोशाकें और गहने भी डिज़ाइन किए।

एस्थर विक्टोरिया एब्राहिम, जिन्हें सिनेमा की दुनिया में प्रमिला के नाम से जाना जाता था जब उन्होंने मिस इंडिया का ख़िताब जीता था उनकी उम्र थी 31 साल और वो अपने पांचवें बच्चे को जन्म देने वाली थीं लेकिन उनकी कशिश उनकी ख़ूबसूरती में कहीं कोई कमी नहीं थी। रयूबेन इब्राहिम अपने समय के बहुत बड़े बिज़नेस मैन थे अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने मतिल्दा नाम की एक महिला से शादी की। इस शादी से उन्हें 6 संतान हुई जिनमें सबसे बड़ी थीं एस्थर वही बनी पहली “मिस इंडिया”, वो प्रतिभावान होने के साथ-साथ बहुत ज़िद्दी भी थीं, जो चाहती वही करतीं।

उन्होंने हॉकी में उन्होंने कई ट्रॉफीज़ जीती थीं अपनी हाई स्कूल की डिग्री पूरी होने के साथ-साथ उन्होंने किंडरगार्टन में भी पढ़ाया वो इतनी चार्मिंग थीं कि बच्चे हमेशा उनके आस-पास घूमते रहते थे उन्होंने बी-एड की डिग्री भी ली थी मगर टीचिंग को अपना प्रोफेशन नहीं बनाया 17 साल की थीं तभी कोलकाता छोड़कर मुंबई आ गईं और एक थिएटर कंपनी में काम करने लगीं। उनका काम था प्रोजेक्टर पर रील बदलने के दौरान जो ब्रेक आता था उसमें अपने डांस से दर्शकों का मनोरंजन करना।

प्रमिला का फ़िल्मी सफ़र

एस्थर की कजिन रोज़ एज़रा मुंबई में एक्टिंग करती थीं। एक दिन जब एस्थर उनसे मिलने गईं तो उस वक़्त रोज़ एक फिल्म का ऑडिशन दे रही थीं, जब निर्देशक R. S. चौधरी ने लम्बी ख़ूबसूरत एस्थर को देखा तो उन्होंने उनका भी ऑडिशन लिया जिसमें वो पास हो गईं। इसी के साथ एस्थर अर्देशिर ईरानी की इम्पीरिअल फ़िल्म कंपनी की आर्टिस्ट बन गईं। वो फ़िल्म तो नहीं बनी पर कोल्हापुर सिनेटोन की 1935 में आई फ़िल्म “भिखारन” से उन्हें एक वैम्प के तौर पर पहचान मिली और फ़िल्मों के लिए एक नया नाम भी मिला-प्रमिला, जो बाबूराव पेंढारकर ने उन्हें दिया।

उसके बाद “महामाया(1936)”, “हमारी बेटियां” / अवर डार्लिंग डॉटर (36), “मदर इंडिया(38)”, “बिजली(39)”, “हुकुम का इक्का(39)”, “जंगल किंग(39 /59)”, “सरदार(40)”, “कंचन(41) – जिसका निर्देशन लीला चिटनिस ने किया था, “सहेली(42)”, “शालीमार(46)-शोरी फिल्म्स”, “उलटी गंगा(42)”, “बड़े नवाब साहेब(44)-सिल्वर फ़िल्म्स”, “आप बीती(48)”, “हमारी बेटी(50) धुन(53), “मजबूरी(54)” “छोटी बहन(54)”, “बहाना(60)” “मुराद(61)” और 2006 में आई “थांग”- जिसका निर्देशन अमोल पालेकर ने किया था, उनकी कुछ प्रमुख फिल्में थीं। ज़्यादातर फिल्मों में पहली “मिस इंडिया” प्रमिला अक्सर खलनायिका के किरदार में नज़र आती थीं।

प्रमिला प्रोफेशनली और पर्सनली हमेशा एक चर्चित अभिनेत्री रहीं। खलनायक फ़िल्म में माधुरी दीक्षित पर फ़िल्माया गाना “चोली के पीछे क्या है” जब आया था तो बहुत बवाल मचा था। मगर इसी से मिलते-जुलते बोल वाला गाना सालों पहले प्रमिला पर फिल्माया गया था जिसे लिखा था गीतकार डी एन मधोक ने

प्रमिला शुरू से ही फ़िल्म और फैशन वर्ल्ड की सेंसेशनल पर्सनेलिटी थीं, अपने कपडे डिज़ाइन करने से लेकर बनाने तक का काम वो खुद किया करती थीं। वो A J पटेल की पसंदीदा मॉडल थीं और अपने वक़्त में इतनी पॉपुलर थीं कि उन्हें हॉलीवुड फ़िल्मों के ऑफर्स भी आए पर उन्हीं दिनों विश्व युद्ध शुरू हो जाने से ये संभव नहीं हो पाया। वर्ना शायद पहली मिस इंडिया बनने के साथ-साथ प्रमिला हॉलीवुड में कामयाबी पाने वाली भी पहली अभिनेत्री बन जाती ।

प्रमिला की निजी ज़िंदगी

प्रमिला ने पहली शादी बहुत कम उम्र में एक थिएटर पर्सनेलिटी से की थी उनसे एक बेटा हुआ मगर इस शादी को उनके माता-पिता ने तोड़ दिया। फिर 1939 में उन्होंने दूसरी शादी की अभिनेता सैयद हसन अली ज़ैदी से जिनका स्क्रीन नेम था कुमार कुमार पहले से शादी शुदा थे और उनकी बीवी बच्चे लखनऊ में रहते थे। मुंबई में कुमार और प्रमिला शाही ज़िंदगी जीते थे, पार्टीज़, होटल्स, डांस, हॉर्स रेस, फ़ास्ट कार, ये सब उनके रूटीन का हिस्सा थे। उनके चार बच्चे हुए अकबर, असग़र, नाक़ी और हैदर। जब उन्हें पहली मिस इंडिया का खिताब मिला उस वक़्त वो अपनी अंतिम संतान को जन्म देने वाली थीं ।

1942 में कुमार और प्रमिला ने ‘सिल्वर फ़िल्म्स’ के नाम से अपनी एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी भी खोली और लगभग 16 फिल्में बनाईं। विभाजन के बाद कुमार अपने पहले परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए मगर प्रमिला ने उनके साथ जाने से मना कर दिया और वो अपने बच्चों के साथ मुंबई में ही रहीं लेकिन उस वक़्त उन पर बहुत क़र्ज़ था। उन्हें बच्चों को पालने के साथ-साथ अपनी प्रॉपर्टी को वापस पाने के लिए भी लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ी मगर उन्होंने हार नहीं मानी और जीतीं।

उनके सिर्फ़ एक बेटे हैदर फ़िल्मों से जुड़े हैं, उनकी बेटी नाक़ी अपने समय की पॉपुलर मॉडल थीं और उन्होंने भी मिस इंडिया का ख़िताब जीता था। इस तरह देखें तो ये इकलौती माँ-बेटी हैं जिन्होंने मिस इंडिया का ख़िताब पाया। 2006 में प्रदर्शित अमोल पालेकर की फ़िल्म थांग में प्रमिला ने अपना आख़िरी रोल निभाया “दादी माँ” का। 6 अगस्त 2006 को वो इस दुनिया को अलविदा कह गईं।

गुज़रे ज़माने की कई ऐसी गुमनाम हस्तियां हैं जिनका फ़िल्म इतिहास में बड़ा रोल रहा है। प्रमिला उनमें से एक थीं, अपने स्टाइल फैशन सेंस और पहली मिस इंडिया के तौर पर वो हमेशा याद की जाती रहेंगी।

शनिवार, 5 अगस्त 2023

आदित्य नारायण

🎂जन्म: 6 अगस्त 1987,मुम्बई
पत्नी: श्वेता अग्रवाल (विवाह. 2020)
माता-पिता: उदित नारायण
आदित्य नारायण एक भारतीय फिल्म अभिनेता, संगीतकार व गायक हैं, जो बॉलीवुड गायक उदित नारायण और दीपा नारायण के पुत्र हैं। इन्होंने पहले रंगीला नामक फिल्म में गाना गया था। उसके बाद 1995 में अपने पिता के साथ "अकेले हम और अकेले तूम" में काम किया।
इन्होंने अपने गायिका का सफर 1995 में "रंगीला" नामक फिल्म से शुरू किया। इसके बाद "अकेले हम और अकेले तुम" में अपने पिता के साथ काम किया। इस फिल्म में संगीत निर्देशक अनु मलिक थे।इनका अभिनय का सफर भी 1995 में शुरू हुआ। तब यह बाल कलाकार थे और निर्माता व निर्देशक सुभाष घई इन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह के दौरान देखा था। इसके बाद सुभाष ने इन्हें अपने आगामी फिल्म "परदेश" के लिए चुन लिया। इसके बाद "जब प्यार किसी से होता है" फिल्म में भी इन्होंने काम किया। इस फिल्म के लिए 1999 में इनका नामांकन ज़ी सिने पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए हुआ था।

बाल कलाकार के रूप में इन्होंने 100 से अधिक गाने गाये हैं। इनका सबसे अधिक प्रसिद्ध गाना "छोटा बच्चा जान के" है, जो 1996 के मासूम फिल्म का है। इन्हें सबसे पहला फिल्म पुरस्कार 1997 में स्क्रीन पुरस्कार के तरह से सर्वश्रेष्ठ बाल गायक का पुरस्कार मिला था। इसी गाने के लिए इन्हें स्क्रीन पुरस्कार की ओर से एक और पुरस्कार मिला था।

२०१३  गोलियों की रासलीला  रामलीला पार्श्वगायक  संजय लीला भंसाली
२०१० शापित   अभिनेता, संगीत निर्देशक, पार्श्वगायक चिरंतन भट्ट
२००९ चल चलें   पार्श्वगायक

दीपिका ककड़

फ़ैज़ा इब्राहिम , जिन्हें पहले दीपिका कक्कड़ के नाम से जाना जाता था.
भारतीय अभिनेत्री तथा मॉडल है। इन्होंने 2017 तक कलर्स चैनल के धारावाहिक ससुराल सिमर का में सिमर का किरदार निभाया है। वह बिग बॉस 12 की विजेता भी रही।
🎂जन्म: 6 अगस्त 1986 पुणे
पति: शोएब इब्राहिम, रौनक मेहता (विवा. 2011–2015)
माता-पिता: रेणु ककर
नामांकन: गोल्डन पेटल अवार्ड्स फॉर मोस्ट संस्कारी व्यक्तित्व, ज़्यादा
फ़िल्में: पल्टन
दीपिका का जन्म 6 अगस्त 1986 को पुणे, भारत में हुआ था।कक्कड़ ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित स्कूल स्तर की परीक्षा पूरी की और फिर मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की । अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह लगभग 3 वर्षों तक जेट एयरवेज में फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में काम करने लगीं । कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण, उन्होंने इस्तीफा दे दिया और मनोरंजन उद्योग में शामिल हो गईं। 
कक्कड़ ने मुंबई में तीन साल तक एयर होस्टेस के रूप में अपना करियर शुरू किया। फिर, उन्होंने 2010 में नीर भरे तेरे नैना देवी से टेलीविजन पर अपनी शुरुआत की, जहां उन्होंने लक्ष्मी की भूमिका निभाई। इसके बाद वह अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो में रेखा के रूप में दिखाई दीं। 

2011 से 2017 तक, उन्होंने कलर्स टीवी के ससुराल सिमर का में सिमर भारद्वाज का किरदार निभाया ।2015 में, कक्कड़ ने सेलिब्रिटी डांस रियलिटी शो झलक दिखला जा 8 में भाग लिया । 2017 में, उन्होंने शोएब इब्राहिम के साथ स्टार प्लस के नच बलिए 8 में भाग लिया । वह अगली बार एंटरटेनमेंट की रात में दिखाई दीं ।

अक्टूबर 2018 में कक्कड़ ने बिग बॉस 12 में हिस्सा लिया था .30 दिसंबर 2018 को, वह सीज़न की विजेता बनकर उभरीं। 

2019 और 2020 में, उन्होंने स्टार प्लस के कहां हम कहां तुम में करण ग्रोवर के साथ सोनाक्षी रस्तोगी की भूमिका निभाई । 
इन्हों ने 📽️ 2018 पल्टन में कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर की मंगेतर  ,कैमिया का रोल किया 
दीपिका की पहली शादीबहुत कम लोग जानते हैं कि एक्ट्रेस बनने से पहले दीपिका एयर होस्टेस के तौर पर काम कर चुकी हैं. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जेट एयरवेज संग करीब 3 साल काम किया. हालांकि बाद में हेल्थ इश्यूज की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ दी और टीवी की दुनिया में हाथ आजमाया. बताया जाता है कि जब दीपिका जेट एयरवेज संग काम कर रही थीं उनकी मुलाकात पायलट रौनक सैमसन से हुई और बाद में दोनों ने शादी करने का फैसला किया. इस तरह दीपिका की पहली शादी साल 2011 में रौनक से हुई थी. हालांकि ये शादी लंबे वक्त तक नहीं टिक पाई और 2015 में दोनों अलग हो गए.

इंदिरा बिल्ली

*🎂जन्म 6 अगस्त, 1936*
●इंदिरा - पंजाबी राजकुमारी

   1960 के दशक की पंजाबी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अग्रणी महिलाओं में से एक, इंदिरा का जन्म 6 अगस्त, 1936 (या स्रोत के आधार पर 1938) को उत्तरी भारत में हुआ था। खारियां के पंजाब गाँव में एक कुलीन परिवार में पली-बढ़ी, उनके परिवार ने सब कुछ खो दिया जब उन्हें विभाजन के दौरान अपने घर से भागकर उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर में बसना पड़ा। 1952 में उनका परिवार बंबई आ गया जहां एक बड़े भाई ने एक सफल व्यवसाय चलाया।
    जागृति स्टूडियो में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान इंदिरा की नजर लोकप्रिय कॉमेडियन भगवान पर पड़ी और उन्हें उनकी फिल्म रंगीला (1953) में कास्ट किया गया। रंगीला के सेट पर जाने वाले राज कपूर ने  इंदिरा को देखा और बाद में उन्हें अपनी फिल्म श्री 420 (1955)  में एक अमीर उद्योगपति की बेटी के रूप में लिया।
    इंदिरा फंटूश (1956), यहूदी (1958), और दिल देके देखो (1959) जैसी प्रमुख हिंदी प्रस्तुतियों में सहायक भूमिकाओं में दिखाई देती रहीं । वह अभी कम बजट के धागे जंगल की दुनिया (1959) में मुख्य भूमिका में दिखाई दी थी,  जब उन्हें 1960 में यमला जाट नामक एक पंजाबी फिल्म में नायिका के रूप में लिया गया था।  इसके बाद उसी वर्ष दो और पंजाबी चित्र, दो लच्छियां और किकली।  तीनों फिल्में बहुत सफल रहीं।
    हिंदी भाषा की फिल्मों में लौटते हुए, माया महल (1963), जंगल बॉय (1963), टार्जन और जादूगर (1963), पहाड़ी नागिन (1964), अरब का लाल (1964 ) जैसे रंगीन शीर्षक वाली बी-फिल्मों के लिए उन्होंने खुद को बहुत मांग में पाया। ), सन ऑफ़ ज़िम्बो (1966), शेबा और हरक्यूलिस (1967), टार्ज़न इन फेयरीलैंड (1968) और सीआईडी ​​एजेंट 302 (1968), कभी-कभी नायिका की भूमिका निभाते हैं, लेकिन अधिक बार वैंप या खलनायक के रूप में नहीं। कभी-कभी वह दो दिल (1965) या मेरे हुजूर (1968) जैसे प्रमुख निर्माण में एक अच्छी सहायक भूमिका निभाती थी , और वह अभी भी पंजाबी फिल्मों में अभिनय करती रही।
    कभी-कभी इंदिरा बिल्ली (उनका असली नाम इंदिरा कौर था) के रूप में बिल किया गया था, उनका 1963 में पिक्चरपोस्ट पत्रिका के लिए साक्षात्कार हुआ था जहाँ उन्होंने अपनी शुरुआत के बारे में बात की थी: "मुझे फिल्मों में कदम रखने और शुरुआत से ही खुद को हीरोइन खोजने का सौभाग्य नहीं मिला था, जैसा कि आजकल कई ग्लैमर लड़कियों के साथ होता है। यह कड़ी मेहनत और आँसुओं का जीवन था, हर इंच, हर दिन और महीने दर महीने संघर्ष करना। कभी-कभी मैं तंग आ जाता था, अपनी मौजूदगी का अहसास कराने के लगातार संघर्ष से थक जाता था। अस्तित्व के लिए संघर्ष के साथ और पर्याप्त धन के साथ, वे शुरुआती दिन फिल्मी दुनिया में एक सम्मानजनक स्थान की आकांक्षा रखने वाली लड़की के लिए बहुत खुश नहीं थे, स्टारडम तो दूर की बात है। कभी-कभी मुझे अपनी गलतफहमी होती थी कि क्या मैं फिल्मों में आने के लिए सही था। किसी तरह की हीन भावना ने मुझे जकड़ लिया था और मैंने कई बार सोचा कि मैं कभी भी स्टार नहीं बन पाउंगी
    इंदिरा ने 1960 के दशक की शुरुआत में सिनेमा के मालिक शिव कुमार से शादी की और 1970 के दशक की शुरुआत में फिल्म दृश्य छोड़ दिया।

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...