प्रसिद्ध पार्श्वगायिका हेमलता के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं
🎂जन्म 16 अगस्त, 1954
⚰️25 जनवरी, 1988
अपनी मधुर मखमली आवाज से सभी पर जादू बिखेरने वाली पाश्र्वगायिका हेमलता को भारतीय सिनेमा में गाए उनके अनूठे गीत उन्हें अन्य कलाकारों से अलग पहचान दिलाते हैं। उनके गीत आज भी कानों में रस घोल देते हैं।
उन्होंने 5000 से अधिक गीत गाए, जिसमें क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय हर तरह के गीत शामिल हैं।हेमलता ने 13 साल की उम्र में ही गायकी के क्षेत्र में कदम रखा। उनका असली नाम लता भट्ट है, लेकिन उन्हें हेमलता या हेमलता बाली के नाम से जाना जाता है। उनका पहला विवाह अभिनेत्री योगिता बाली के भाई योगेश बाली से हुआ था।
हेमलता का जन्म 16 अगस्त, 1954 को हैदराबाद में हुआ था, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले के सेहला गांव का निवासी है। गाने का शौक उन्हें बचपन से ही था, मगर रूढ़िवादी मारवाड़ी ब्राह्मण परिवार में होने के कारण उन्हें गाने का मौका नहीं मिलता था। वह पूजा पंडाल में पीछे छुपकर गाया करती थीं।
हेमलता के पिता का नाम पंडित जयचंद भट्ट और मां का अंबिका भट्ट है। हेमलता के तीन भाई भी हैं। उनके वर्तमान पति का नाम दिलीप सेनगुप्ता है। हेमलता ने वर्ष 1977 में फिल्म ‘चितचोर’ के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीत ‘तू जो मेरे सुर में’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायिका का पुरस्कार जीता था। 1977 से 1980 के बीच वह पांच बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित हुई थीं।
उन्होंने विभिन्न भारतीय फिल्मों, संगीत, टीवी धारावाहिकों, संगीत अलबम को अपनी मधुर आवाज दी। इसके साथ ही उन्होंने ‘अंखियों के झरोखों से’, ‘कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया’, ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में’ जैसे यादगार गीत गाए हैं, जो आज भी युवाओं के सिर चढ़कर बोलते हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में एसडी बर्मन, एन. दत्ता, सलिल चौधरी, चित्रगुप्त, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, कल्याणजी आनंदजी, राजकमल, उषा खन्ना और रवींद्र जैन सहित कई प्रसिद्ध संगीतकारोंके साथ काम किया। वह बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों -जैसे नूतन, शबाना अजमी, रेखा, हेमा मालिनी, रामेश्वरी, योगिता बाली, सारिका व माधुरी दीक्षित की आवाज भी बनीं।
हेमलता ने श्री माताजी निर्मला देवी को समर्पित रविन्द्र जैन के कैसेट एल्बम सहज धारा (1991) में गाया, और जुलाई 1992 में बेल्जियम के ब्रुसेल्स में दो संगीत समारोहों में इस एल्बम के गाने गाए।
वह एकमात्र भारतीय पार्श्व गायिका हैं जिन्होंने के जे येसुदास के साथ सबसे अधिक हिंदी गाने रिकॉर्ड किए हैं।
उन्होंने रामानंद सागर के महाकाव्य टीवी सीरियल रामायण के लिए अपनी आवाज दी है (वह पारंपरिक मीरा भजन पायोजी मैने राम रतन धन पायोजी को गाने के लिए एक एपिसोड में दिखाई दी थी) साथ ही साथ उत्तर रामायण (लव कुश) और श्री कृष्ण श्रृंखला में भी उन्होंने गाया
उन्होंने ईस्टर 1992 के दौरान इटली में संगीत कार्यक्रम में इतालवी गीत ओ सोल मियो का प्रदर्शन किया।
उन्होंने भारत के 14 अलग-अलग मूल लोकगीतों को उनके मूल और बोली रूप में कुछ मौलिक रचनात्मक और अभिनव शोध पर कार्य भी किया था।
वह पूरी दुनिया में लाइव कॉन्सर्ट भी कर चुकी हैं। उन्होंने मोहम्मद रफ़ी और महेंद्र कपूर के साथ कई लाइव कॉन्सर्ट किए।
हाल के वर्षों में वह भारत और विदेशों में बहुत सारे चैरिटी शो कर रही हैं। उन्होंने इमरान खान के कैंसर अस्पताल की सहायता के लिए लंदन में एक चैरिटी शो में अताउल्लाह खान के साथ प्रस्तुति दी थी। पाकिस्तान के लिए किसी भारतीय गायक की ओर से यह पहला प्रयास था। लंदन की यात्रा पर, हेमलता ने अताउल्लाह खान के साथ दो एल्बम रिकॉर्ड किए। पहला सरहदें और दूसरा अट्टा दूसरे एल्बम में हेमलता के ग़ज़ल और गीत हैं। फिर, उन्होंने इश्क नामक एक पॉप एल्बम भी रिकॉर्ड किया, जिसमें हिंदी और पंजाबी लोक का मेल है।
इन तीन एल्बमों में, टिप्स द्वारा केवल सरहदें जारी किया गया था अन्य दो एल्बम जारी नहीं किए गए हैं।
वह एकमात्र बॉलीवुड गायिका थीं, जिन्हें सिखों के विश्व समुदाय और पंजाब सरकार के साथ-साथ पवित्र अकाल तख्त ने सिख खालसा पंथ के 300 साल के उत्सव के लिए मूल रागों में रचित गुरमत संगीत लाइव करने के लिए चुना है यह कार्यक्रम 13 अप्रैल 1999 को श्री आनंदपुर साहिब अकाल तख्त में हुआ था किनी तेरा अंत ना पाया सिख संगीत का एकमात्र एल्बम था जो विशेष रूप से उनकी आवाज में था
हेमलता का व्यक्तिगत जीवन रूपहले पर्दे की तरह ही है। उनकी पहली शादी योगेश बाली के साथ हुई, जो बाल कलाकार के रूप में प्रसिद्ध थे। लीवर की बीमारी के कारण उनकी मौत 25 जनवरी, 1988 को हो गई। वह कुछ दिनों रवींद्र जैन के संपर्क में रहीं, फिर किन्हीं कारणों से दोनों के बीच अलगाव हो गया। इसके बाद उनकी शादी दिलीप सेनगुप्ता के साथ हुई।
उल्लेखनीय है कि 38 भाषाओं में गाना गा चुकीं हेमलता न सिर्फ अपने करियर का, बल्कि अपनी जिंदगी का भी दूसरा दौर जी रही हैं। वह दिलीप से शादी करने के बाद बेहद सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका आदित्य बाली नामक एक बेटा भी है,
हाल के वर्षो में गुमनाम रहीं हेमलता इन दिनों अपने पति दिलीप की संगीत कंपनी के सहारे अपने करियर की दूसरी पारी के लिए काम कर रही हैं।
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