प्रसिद्ध पॉप गायक दलेर मेंहदी के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं
🎂18 अगस्त 1967
पंजाबी के मशहूर पॉप गायक दलेर मेंहदी 1995 में अपने पहले एल्बम बोलो ‘ता रा रा रा’ के आते ही छा गए थे. फिर 1997 में उनका गाना आया ‘ना ना ना ना ना रे ना रे ना’. ये गाने दशकों तक लोगों की जुबान पर छाए रहे. दलेर मेहंदी का जन्म 18 अगस्त 1967 को बिहार के पटना में हुआ था. गायक होने के साथ ही दलेर मेहंदी गीतकार, लेखक और रिकॉर्ड प्रोड्यूसर भी हैं.
दलेर मेहंदी के जन्मदिन पर उनके नाम के पीछे की कहानी जरूर सुननी चाहिए, क्योंकि इस सिंगर के नाम की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है. दरअसल, उनके माता-पिता ने उस वक्त डाकू दलेर सिंह के नाम से प्रभावित होकर उनका यह नाम रखा था. जब दलेर बड़े हुए तो मशहूर गायक परवेज मेहंदी के नाम पर उनके नाम के आगे ‘सिंह’ की जगह ‘मेहंदी’ जोड़ दिया गया. इस तरह दलेर सिंह ‘दलेर मेहंदी’ बन गए.
फिल्मों में और फिल्मी गीतों में दलेर मेंहदी की दिलचस्पी शुरू से थी. उनका करियर शुरू भी हो चुका था. शुरुआती दिनों में बोलो तारा रा रा धूम मचा रहा था. कुछ रोज बाद उनके एक दोस्त ने पूछा कि मुंबई में काम कब करोगे? दलेर के मुंह से निकला- जब पाजी बुलाएंगे. दोस्त ने पूछा- कौन धर्मेंद्र पाजी? उन्होंने कहा नहीं बच्चन पाजी. इस बारे में बताते हुए दलेर कहते हैं- “उस रोज कहने को तो मैंने वो बात कह दी लेकिन दोस्त ने पलटकर पूछ लिया कि वो तुझे क्यों बुलाएंगे? मैंने कहा देखना वो मुझे जरूर बुलाएंगे. इस बात को दो महीने ही बीते होंगे कि बच्चन साहब का फोन आ गया”. इसके बाद तो परदे पर बच्चन साहब के साथ दलेर ने ठुमके लगाए.
रिपोर्ट की माने तो बख्शीश सिंह नाम के एक शख्स ने दलेर पर केस दर्ज करवाया था. उसका आरोप था कि दलेर लोगों को विदेश भेजने के लिए मोटी रकम ऐंठते थे. उसने आरोप लगाया था कि दलेर ने 3 लड़कियों सहित 10 लोगों को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर भेजा है. बख्शीश का आरोप था कि दलेर ने उनसे विदेश भेजने के लिए पैसे लिए थे लेकिन उसे विदेश नहीं भेजा और पैसे चट कर गए. दलेर पर लगे आरोपों के अनुसार, दलेर जब विदेशों में शो करने जाते तो अपने साथ कई सिंगरों को विदेश ले जाते. पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि यह धंधा 1998 से जारी था. जिसके बाद दलेर को अरेस्ट कर लिया गया. दलेर मेहंदी के बड़े भाई शमशेर भी इस मामले में आरोपी रहे.
वैसे दलेर मेहंदी ने एक बड़ा बवाल तब भी खड़ा किया था जब उन्होंने यशराज फिल्म्स पर केस कर दिया था. यह केस ‘झूम बराबर झूम’ फिल्म के ट्राइटल ट्रैक को लेकर किया गया था. दलेर का आरोप था कि यशराज ने गाने में उनकी जगह शंकर महादेवन की आवाज डाल दी. बाद में जब यशराज ने कहा कि अमिताभ ऐसा ही चाहते थे तो दलेर ने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता. दरअसल ना ना ना ना ना रे ना रे ना गाना उन्होंने अमिताभ की फिल्म ‘मृत्युदाता’ के लिए ही गाया था. जिसने आज भी अपनी चमक नहीं खोई है
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