रविवार, 25 जून 2023

मदन मोहन कोहली

संगीत के बादशहा श्री मदनमोहन कोहली,जन्म बगदाद,ब्रिटिश इराक,

*🎂जन्म 25जुन 1924*
*⚰️मृत्यू 14जुलाई 1975,(51)साल की उम्र मे ,बंबई मे...

ईश्वरी देन प्राप्त हो जैसे इस संगीत के जादूगर को तभी तो लता दीदी भी इन्हे गजलों के बादशहा कहती थी!यहां तक के जब इनके संगीत निर्देशन मे दिदी ने आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबील मुझे गाया तो संगीतकार नौशाद जी इतने प्रभावित हुए के कहने लगे अगर ये धून मुझे मिल जाए तो अपनी सारा संगीत खजाना इनपर लुटा देने की ख्वाहिश की थी।यहां तक आशा दिदी भी कहती रहती की आप सिर्फ दिदी से ही गंवाते है गाने,फिर इन्होंने आशा दिदी को मेरा साया फिल्म का झुमका गीरा रे...गाना देकर खुश किया इतनी लगन और मेहनत से आशा दिदी ने वो गाना गाया के आज तक लोग भूले नही।
एक सैनिक के रुप मे मदनमोहन जी की जिन्दगी की शुरूआत हुई फिर उन्होंने वह नौकरी छोड ऑल इंडिया रेडिओ पर अपने  संगीत के प्रती लगाव होने से जूड गये,उनके पिता रायबहादूर चुन्नीलाल इराकी पुलीस मे महालेखाकार थे सो उनकी दिली तमन्ना थी के बेटा भी फौजी या पुलिस  की वर्दी पहने बाद उनकी यह इच्छा मदन जी ने पुरी की पर उनका दिल नहीं लगा उस नौकरी मे ।
आकाशवाणी मे जुडते उनका परिचय,उस्ताद फैय्याज खान ,उस्ताद अली अकबर खान, बेगम अख्तर, तलतजी  जैसे बहोत जानेमाने कलाकारों से हुआ वो उनसे प्रभावित हुए फिर खुद संगीत की ओर रुझान करते हुए अपने सपनों को नया रुप देने हेतू वो लखनऊ से बंबई चले आए,वहां उनकी मुलाकात सचीन दा बर्मन, सी रामचंद्र ,श्यामसुंदर,जैसे प्रसिद्ध संगितकारोंसे हुई और वो उनके सहायक  तौर पे काम करने लगे1950की फिल्म आंखे का संगीत निर्देशन का काम उनको मिल गया जो स्वतंत्र रुप मे था,इस फिल्म बाद उनका नाम चर्चीत और बंबई आने का मकसद सफल हुआ,साथ मे लता दिदी उनकी  चहेती  गायिका बन गयी  उनके सभी फिल्म संगीत मे लता दिदी ही थी,एक बार ओ पी नैय्यर जी यह कहने लगे की" मुझे समझ नही आता के लता मदनमोहन के लिए है या मदनमोहन लता के लिये पर एक बात है के ना अब तक मदनमोहन जैसा संगितकार हुआ ना लता जैसी गायिका "सच बात है।
उन्होंने जितने भी फिल्मों को संगीत दिया वो अमर ही हुआ 1957की देख कबीरा रोया,1965की हकीकत उनके नाम का परचम आसमां मे लहराने  लगा और वो सफल संगितकार बन गये फिल्म इन्डस्ट्री मे।
उनके दिए हुए तमाम फिल्मे गीतों की वजह से हिट हुई आम लोगों के दिल को भा गये सभी गीत जिसे आज भी लोग भूल नही पाये।
उनकी कुछ फिल्मे,रिश्ते नाते,छोटे बाबू दुनिया ना माने,जेलर,मेमसाहिब,जब याद किसीकी आती है,रेल्वे प्लॅटफॉर्म, संजोग,अदालत,पाकैटमार,चाचा जिन्दाबाद, सुहागन ,बापबेटे,आशियाना,एक मुठ्ठी आसमान, आंखे,नौनिहाल, अकेली मत जईयो,एक कली मुस्काई,बावर्ची,परवाना,मदहोश, निन्द हमारी ख्वाब तुम्हारे, निला आकाश मनमौजी पुजा के फुल,शराबी,बहाना,गजल,आदी फिल्मे  जो उनके संगीत का जादु हमे देखने मिला और हम सरोबार हुए 🎶🎶🎶🎶🎶
आज आस सम्राट, इस जादूगर का जनमदिन है तो हम उनके ही गीत सुनते उन्हे याद करते है और हमारी तरफ से ऊन्हे नमन करते है🎶💐🙏🎂🌹

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