#19feb
सोनू वालिया.
🎂19 फरवरी 1964
दिल्ली में रहने वाली पंजाबी फैमिली में हुआ था.यह वही सोनू वालिया थीं, जिन्होंने 1985 में मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया था.
अभिनेत्री सोनू वालिया 53 साल की हो गई हैं। उनका जन्म 19 फरवरी, 1964 को दिल्ली की पंजाबी फैमिली में हुआ था। मॉडलिंग से अपना करियर शुरू करने वाली सोनू ने 30 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। लाइमलाइट से दूर गुमनामी की जिंदगी जी रहीं सोनू वालिया ने फेसबुक पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वे बिल्कुल अलग अवतार में दिख रही हैं। जीता मिस इंडिया का खिताब...
सोनू ने साइकोलॉजी में डिग्री हासिल की, साथ ही वो जर्नलिज्म की भी स्टूडेंट रहीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मॉडलिंग के क्षेत्र में कदम रखा। यहां उन्हें जल्द सफलता भी मिलना शुरू गई। ऐसे में उन्होंने ज्यादा कामयाब बनने के लिए मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और 1985 में वो मिस इंडिया का खिताब जीतने में कामयाब रहीं। कम्पीटिशन जीतने पर उन्हें एक्ट्रेस जूही चावला ने क्राउन पहनाया, जो उसने पहले मिस इंडिया थीं।
क्राउन ने खोला बॉलीवुड का रास्ता
मॉडलिंग में सफल और मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद सोनू के लिए बॉलीवुड का रास्ता भी खुल गया। उन्होंने 1988 में 'खून भरी मांग' में काम किया। इस फिल्म से उन्हें काफी सुर्खियां मिली। इतना ही नहीं, इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'आरक्षण', 'अपना देश पराए लोग', 'तूफान', 'खेल', 'स्वर्ग जैसा घर', 'तहलका', 'दिल आशना है' जैसी कई फिल्मों में काम किया। हालांकि, वो लीड एक्ट्रेस के तौर पर सफल नहीं रहीं। फिल्मों के साथ उन्होंने छोटे पर्दे पर भी काम किया।
बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया
सोनू को जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने बी ग्रेड फिल्मों में भी काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, बाद में उनके काम की काफी आलोचन हुई। ऐसे में सोनू ने इंडस्ट्री को छोड़ शादी करने का मन बना लिया। उन्होंने NRI सूर्य प्रकाश से शादी कर अपना घर बसा लिया। सूर्य प्रकाश के निधन के बाद उन्होंने दूसरी शादी NRI फिल्म प्रोड्यूसर प्रताप सिंह से की। अब वो यूएस में रहती हैं, हालांकि कभी-कभी उनका भारत आना भी होता है।
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शार्ट
खून भरी मांग
आकर्षण
अपना देश
पराए लोग
महादेव
तूफान
लिपिक
महा-संग्राम
तेजा
हातिम ताई
अग्निकाल
नंबरी आदमी
खेल
हक
सरबंस दानी
गुरु गोबिंद
सिंह
कसम
सूर्यकांत
जय माँ
शेरावाली
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