#24jan
सुभाष घई
🎂जन्म 24 जनवरी, 1945
जन्म भूमि नागपुर, महाराष्ट्र
पति/पत्नी मुक्ता घई
संतान दो पुत्री- मेघना घई, मुस्कान घई
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र हिंदी सिनेमा
मुख्य फ़िल्में 'कालीचरण', 'विश्वनाथ', 'कर्ज़', 'विधाता', 'कर्मा', 'हीरो', 'सौदागर', 'राम-लखन', 'ताल', 'खलनायक', 'परदेश' और 'ऐतराज़' आदि।
विद्यालय फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
प्रसिद्धि फ़िल्म निर्माता-निर्देशक
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी बॉलिवुड को नए ऐक्टर्स देने के लिए सुभाष घई ने एक ऐक्टिंग स्कूल की स्थापना भी की है। इसे दुनिया के टॉप-10 ऐक्टिंग स्कूलों में गिना जाता है।
24 जनवरी, 1945 को नागपुर में जन्मे सुभाष घई बचपन के दिनों से ही फ़िल्मों में काम करना चाहते थे। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने पुणे के 'फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' में प्रशिक्षण लिया और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई आ गए। सुभाष घई ने अपने जीवन में महज 16 फ़िल्मों का निर्देशन किया है। इनमें से 13 फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही हैं। उनकी पहली फ़िल्म 'कालीचरण' खूब सफल रही थी। इस फ़िल्म की कहानी भी घई ने ही लिखी थी।
सुभाष घई ने साल 1970 में मुक्ता घई से विवाह किया। उनकी दो बेटियां हैं। इनमें से एक बेटी मेघना को उन्होंने गोद लिया था। बॉलिवुड को नए ऐक्टर्स देने के लिए सुभाष घई ने एक ऐक्टिंग स्कूल की स्थापना भी की है। इसे दुनिया के टॉप-10 ऐक्टिंग स्कूलों में गिना जाता है।
अपने कॅरियर के शुरुआती दौर में सुभाष घई ने कुछ फ़िल्मों में अभिनय किया, लेकिन बतौर अभिनेता अपनी पहचान बनाने में कामयाब नहीं हो सके। बतौर निर्देशक सुभाष घई ने अपने कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1976 में प्रदर्शित फ़िल्म 'कालीचरण' से की। फ़िल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। वर्ष 1978 में उन्होंने एक बार फिर से शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर 'विश्वनाथ' बनाई। इस फ़िल्म में शत्रुघ्न सिन्हा ने एक तेजतर्रार वकील की भूमिका निभाई थी। फ़िल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। इस फ़िल्म में शत्रुघ्न सिन्हा का बोला गया यह संवाद जली को आग कहते हैं, बुझी को राख कहते हैं, जिस राख से बारूद बने, उसे विश्वनाथ कहते हैं दर्शकों के बीच आज भी लोकप्रिय है।
वर्ष 1980 में प्रदर्शित फ़िल्म 'कर्ज' सुभाष घई के कॅरियर की एक और सुपरहिट फ़िल्म साबित हुई। पुनर्जन्म पर आधारित इस फ़िल्म में ऋषि कपूर, टीना मुनीम, सिमी ग्रेवाल, प्राण, प्रेमनाथ और राजकिरण ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इस फ़िल्म में सिमी ग्रेवाल ने नेगेटिव किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया था। 'कर्ज' टिकट खिड़की पर सुपरहिट फ़िल्म साबित हुई।
वर्ष 1982 में प्रदर्शित फ़िल्म 'विधाता' सुभाष घई के करियर की महत्वपूर्ण फ़िल्मों में शुमार की जाती है। इस फ़िल्म के जरिए सुभाष घई ने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार, शम्मी कपूर, संजीव कुमार, संजय दत्त जैसे मल्टी सितारों को एक साथ पेश किया। फ़िल्म ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
वर्ष 1982 में सुभाष घई ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी 'मुक्ता आर्ट्स' की स्थापना की, जिसके बैनर तले उन्होंने वर्ष 1983 में प्रदर्शित फ़िल्म 'हीरो' का निर्माण-निर्देशन किया। इस फ़िल्म के जरिए सुभाष घई ने फ़िल्म इंडस्ट्री को जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि के रूप में नया सुपरस्टार दिया।
वर्ष 1986 में सुभाष घई ने दिलीप कुमार को लेकर अपनी महत्वाकांक्षी फ़िल्म 'कर्मा' का निर्माण किया। दिलीप कुमार, नूतन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, नसीरुद्दीन शाह, श्रीदेवी, पूनम ढिल्लो और अनुपम खेर जैसे सुपर सितारों से सजी इस फ़िल्म के जरिए सुभाष घई ने दर्शकों के बीच देशभक्ति की भावना का संचार किया।
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