🎂जन्म 13 जनवरी 1939
⚰️07जुलाई 1996
संगीतकार जोड़ी सोनिक ओमी के ओमी की पुण्यतिथि पर पर हार्दिक श्रद्धांजलि
संगीतकार जोड़ी सोनिक ओमी के ओमी जी का जन्म 13 जनवरी 1939 में सियालकोट पाकिस्तान तत्कालीन भारत मे हुआ था
सोनिक – ओमी की जोड़ी चाचा भतीजा की जोड़ी थी। ‘सोनिक’ उन दोनों का सरनेम था। चाचा सोनिक का पूरा नाम मनोहर लाल सोनिक तथा भतीजे ओमी का ओम प्रकाश सोनिक था। दोनों के बीच लगभग 17- 18 वर्ष का अंतर था। सोनिक जी की आँखों की रोशनी बचपन में ही जाती रही थी। अत: जब वे संगीत की दुनिया में क़िस्मत आज़माने बम्बई आये तो उनकी मदद के लिये ओमी साथ चले आये।
सोनिक ने कुछ फ़िल्मों में गायन किया और अन्य संगीतकारों के साथ मिल कर संगीत निर्देशन भी किया – जैसे ‘ईश्वर भक्ति‘ (1951) में संगीतकार गिरधर के साथ तथा ‘ममता‘( 1952 ) में हंसराज बहल के साथ। फिर वे म्यूज़िक अरेंजर बन गये। मदन मोहन, उषा खन्ना, रोशन आदि संगीतकारों के साथ उन्होंने अरेंजर का काम किया। ओमी भी उनके साथ संगीत की दुनिया में आ गये थे।
रावल फ़िल्म्स की ‘दिल ही तो है‘ (राजकपूर, नूतन) में पहली बार रोशन साहब के सहायक के रूप में सोनिक ओमी का नाम पर्दे पर आया। उनके काम से प्रभावित हो कर निर्देशक सी एल रावल ने रावल फ़िल्म्स की अगली फ़िल्म ‘दिल ने फिर याद किया‘ में स्वतंत्र संगीतकार के रूप में इस जोड़ी को ब्रेक दिया। अपनी पहली फ़िल्म में ही इन्होंने सुमधुर गीतों की झड़ी लगा दी – दिल ने फिर याद किया बर्क़ सी लहराई है, कलियों ने घूँघट खोले, ये दिल है मोहब्बत का प्यासा, लो चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ, मैं सूरज हूँ तू मेरी किरण आदि आदि।
उनके संगीत से सजी प्रमुख फ़िल्में हैं – आबरू, सावन भादों, धर्मा, रफ़्तार, उमरकैद वग़ैरह। फिर वे ‘बी ग्रेड ‘ फ़िल्मों के भंवरजाल में फँस गये। ओमी एक गायक भी थे। कई फ़िल्मों में उन्होंने गीत गाये लेकिन उनकी संगीतकार वाली छवि ही ज़्यादा पहचानी गयी। चाचा सोनिक का देहान्त 1993 में हो गया था भतीजी ओमी का 7 जुलाई 1996 में मुम्बई में निधन हो गया
सोनिक-ओमी द्वारा रचित फ़िल्में"
ए
आबरू (1968 फ़िल्म)
आदमखोर
आंगन (1973 फ़िल्म)
अगर... अगर
एजेंट 009
अंधेरा
अपना खून
बी
बेटी (1969 फ़िल्म)
भाई हो तो ऐसा
बिंदिया और बंदूक
सी
चार महारथी
चौकी नंबर 11
डी
देश के दुश्मन
धर्म (1973 फ़िल्म)
दिल ने फिर याद किया (1966 फ़िल्म)
दो बच्चे दस हाथ
चटाने करो
चेहेरे करो
करो यार
दुर्गा
इ
एक खिलाड़ी बावन पत्ते
जी
गंगा और रंग
गंगा की कसम (1975 फ़िल्म)
जे
जग्गू
क
ख़ून की क़ीमत
एल
लड़की जवान हो गई
लड़की पसंद है
एम
मान गए उस्ताद
मेमसाब (फिल्म)
मुजरिम
मिस्टर मर्डर (फिल्म)
पी
पंडित और पठान
आर
रफ़्तार (फिल्म)
रखवाले
राम कसम
एस
सावन भादों
सज़ा (1972 फ़िल्म)
शंकर दादा
सीतापुर की गीता
सिपाही ठाकुर दलेर सिंह
यू
उमर क़ैद
डब्ल्यू
वो मैं नहीं
वही रात वही आवाज़
जेड
ज़मानत
संगीतकार जोड़ी सोनिक ओमी के ओमी जी का जन्म 13 जनवरी 1939 में सियालकोट पाकिस्तान तत्कालीन भारत मे हुआ था
सोनिक – ओमी की जोड़ी चाचा भतीजा की जोड़ी थी। ‘सोनिक’ उन दोनों का सरनेम था। चाचा सोनिक का पूरा नाम मनोहर लाल सोनिक तथा भतीजे ओमी का ओम प्रकाश सोनिक था। दोनों के बीच लगभग 17- 18 वर्ष का अंतर था। सोनिक जी की आँखों की रोशनी बचपन में ही जाती रही थी। अत: जब वे संगीत की दुनिया में क़िस्मत आज़माने बम्बई आये तो उनकी मदद के लिये ओमी साथ चले आये।
सोनिक ने कुछ फ़िल्मों में गायन किया और अन्य संगीतकारों के साथ मिल कर संगीत निर्देशन भी किया – जैसे ‘ईश्वर भक्ति‘ (1951) में संगीतकार गिरधर के साथ तथा ‘ममता‘( 1952 ) में हंसराज बहल के साथ। फिर वे म्यूज़िक अरेंजर बन गये। मदन मोहन, उषा खन्ना, रोशन आदि संगीतकारों के साथ उन्होंने अरेंजर का काम किया। ओमी भी उनके साथ संगीत की दुनिया में आ गये थे।
रावल फ़िल्म्स की ‘दिल ही तो है‘ (राजकपूर, नूतन) में पहली बार रोशन साहब के सहायक के रूप में सोनिक ओमी का नाम पर्दे पर आया। उनके काम से प्रभावित हो कर निर्देशक सी एल रावल ने रावल फ़िल्म्स की अगली फ़िल्म ‘दिल ने फिर याद किया‘ में स्वतंत्र संगीतकार के रूप में इस जोड़ी को ब्रेक दिया। अपनी पहली फ़िल्म में ही इन्होंने सुमधुर गीतों की झड़ी लगा दी – दिल ने फिर याद किया बर्क़ सी लहराई है, कलियों ने घूँघट खोले, ये दिल है मोहब्बत का प्यासा, लो चेहरा सुर्ख़ शराब हुआ, मैं सूरज हूँ तू मेरी किरण आदि आदि।
उनके संगीत से सजी प्रमुख फ़िल्में हैं – आबरू, सावन भादों, धर्मा, रफ़्तार, उमरकैद वग़ैरह। फिर वे ‘बी ग्रेड ‘ फ़िल्मों के भंवरजाल में फँस गये। ओमी एक गायक भी थे। कई फ़िल्मों में उन्होंने गीत गाये लेकिन उनकी संगीतकार वाली छवि ही ज़्यादा पहचानी गयी। चाचा सोनिक का देहान्त 1993 में हो गया था भतीजी ओमी का 7 जुलाई 1996 में मुम्बई में निधन हो गया
सोनिक-ओमी द्वारा रचित फ़िल्में"
ए
आबरू (1968 फ़िल्म)
आदमखोर
आंगन (1973 फ़िल्म)
अगर... अगर
एजेंट 009
अंधेरा
अपना खून
बी
बेटी (1969 फ़िल्म)
भाई हो तो ऐसा
बिंदिया और बंदूक
सी
चार महारथी
चौकी नंबर 11
डी
देश के दुश्मन
धर्म (1973 फ़िल्म)
दिल ने फिर याद किया (1966 फ़िल्म)
दो बच्चे दस हाथ
चटाने करो
चेहेरे करो
करो यार
दुर्गा
इ
एक खिलाड़ी बावन पत्ते
जी
गंगा और रंग
गंगा की कसम (1975 फ़िल्म)
जे
जग्गू
क
ख़ून की क़ीमत
एल
लड़की जवान हो गई
लड़की पसंद है
एम
मान गए उस्ताद
मेमसाब (फिल्म)
मुजरिम
मिस्टर मर्डर (फिल्म)
पी
पंडित और पठान
आर
रफ़्तार (फिल्म)
रखवाले
राम कसम
एस
सावन भादों
सज़ा (1972 फ़िल्म)
शंकर दादा
सीतापुर की गीता
सिपाही ठाकुर दलेर सिंह
यू
उमर क़ैद
डब्ल्यू
वो मैं नहीं
वही रात वही आवाज़
जेड
ज़मानत
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