सोमवार, 1 जनवरी 2024

असरानी

असरानी एक हिन्दी फिल्म हास्य अभिनेता हैं।
#01jan 
🎂01 जनवरी 1941 को जयपुर में हुआ था।

पत्नी: मंजू बंसल-असरानी
बच्चे: नवीन असरानी
इनाम: फिल्मफेयर पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ परफॉरमेंस इन ए कॉमिक रोल
शिक्षा: स्नातक
असरानी का जन्म एक सिंधि परिवार में हुआ था। देश के बँटवारे के पश्चात उनका परिवार जयपुर आ गया था। ।

📽️
2007 ढोल 
2007 धमाल 
2007 शाकालाका बूम बूम 
2007 भूल भुलैया 
2007 फौज में मौज 
2007 फूल एन फाइनल 
2006 मालामाल वीकली 
2006 मैं रॉनी और जॉनी 
2006 भागम भाग 
2006 चुप चुप के 
2005 केज़्स (अंग्रेजी फ़िल्म)
2005 गरम मसाला 
2005 एलान 
2005 क्योंकि 
2005 खुल्लम खुल्ला प्यार करेंगे 
2005 दीवाने हुए पागल 
2005 इन्सान 
2004 शर्त 
2004 सुनो ससुर जी 
2004 एक से बढ़कर एक 
2004 बॉल एंड चेन पापा (अंग्रेजी फ़िल्म)
2004 हलचल वकील शर्मा 
2003 मुम्बई मैटिनी 
2003 बाघबान 
2003 तुझे मेरी कसम
2002 चलो इश्क लड़ायें 
2002 अँखियों से गोली मारे 
2002 विस्फोट 
2002 दिल विल प्यार व्यार 
2002 आवारा पागल दीवाना 
2001 ये तेरा घर ये मेरा घर 
2001 लज्जा 
2001 आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइया 
2000 आगाज़ 
2000 कारोबार
2000 हेरा फेरी 
1999 मदर 
1999 इन्टरनेशनल खिलाड़ी 
1999 हसीना मान जायेगी 
1999 कारतूस 
1999 राज कुमारुडु  ( तेलुगु फ़िल्म)
1998 हंसते हंसते 
1998 दुल्हे राजा 
1998 हीरो हिन्दुस्तानी 
1998 मेहंदी 
1998 घरवाली बाहरवाली 
1998 बड़े मियाँ छोटे मियाँ 
1997 मेरे सपनों की रानी
2000 शिकार 
2000 मेला 
2000 चल मेरे भाई 
2000 हर दिल जो प्यार करेगा 
2000 तेरा जादू चल गया 
1999 न्यायदाता पंडित तोताराम 
1999 हीरालाल पन्नालाल
1997 सनम पुलिस इंस्पेक्टर 
1997 दो आँखें बारह हाथ 
1997 उड़ान 
1997 ज़मीर 
1997 राजा की आयेगी बारात 
1996 छोटा सा घर 
1996 शोहरत 
1996 विजेता 
1995 अनोखा अंदाज़ 
1995 दिया और तू्फान 
1995 तकदीरवाला 
1995 किस्मत 
1995 इम्तिहान नंदू 
1995 गुंडाराज 
1995 बाज़ी 
1995 राम शस्त्र 
1994 घर की इज्जत 
1994 आग और चिन्गारी 
1994 बेटा हो तो ऐसा 
1994 हंसते खेलते 
1993 बड़ी बहन बलराम 
1993 दिल तेरा आशिक 
1993 गीतांजली 
1993 मुकाबला 
1993 गर्दिश 
1993 गुरुदेव 
1993 संतान चंपक 
1993 संग्राम 
1992 आई लव यू 
1992 इन्तेहा प्यार की 
1992 एक लड़का एक लड़की 
1992 इसी का नाम ज़िन्दगी मुनीम 
1992 जो जीता वही सिकन्दर 
1992 अधर्म 
1992 जीना मरना तेरे संग 
1991 सपनों का मन्दिर 
1991 प्रतिकार 
1991 हग तूफान 
1991 साथी 
1991 धर्म संकट 
1991 प्रेम कैदी 
1991 कर्ज़ चुकाना है 
1990 बाप नम्बरी बेटा दस नम्बरी 
1990 इज़्ज़तदार काँस्टेबल 
1990 प्यार का कर्ज़ 
1990 मुकद्दर का बादशाह 
1990 जवानी ज़िन्दाबाद बनारसी का बेटा 
1990 आज का अर्जुन 
1990 प्यार का देवता 
1990 प्यार के नाम कुर्बान 
1989 नाइंसाफी 
1989 रखवाला 
1989 घराना 
1989 कानून की आवाज़ 
1989 नफ़रत की आँधी 
1989 पाप का अंत 
1989 सिक्का प्यारेलाल 
1989 मज़बूर पुलिस काँस्टेबल 
1989 दोस्त 
1989 जैसी करनी वैसी भरनी 
1989 बड़े घर की बेटी 
1989 हम भी इंसान हैं 
1988 गंगा तेरे देश में 
1988 मुलज़िम 
1988 चरणों की सौगन्ध 
1988 शुक्रिया 
1988 सोने पे सुहागा 
1988 बीवी हो तो ऐसी 
1988 तमाचा 
1988 दरिया दिल 
1988 मर मिटेंगे 
1988 कमांडो 
1988 अग्नि 
1988 प्यार का मंदिर भिखारी 
1987 हिम्मत और मेहनत 
1987 मर्द की ज़बान 
1987 जवाब हम देंगे 
1987 मजाल 
1987 औलाद राजा 
1987 शेर शिवाजी 
1987 सिंदूर चुन्नी लाल 
1986 दिलवाला 
1986 दोस्ती दुश्मनी वकील 
1986 आग और शोला 
1986 मुद्दत हीरा 
1986 स्वर्ग से सुन्दर 
1986 धर्म अधिकारी 
1986 लव 86 हनुमान 
1986 ऐसा प्यार कहाँ कस्तूरी 
1986 इंसाफ़ की आवाज़ 
1985 हकीकत हवलदार महिपाल सिंह 
1985 मेरा साथी राम कुमार 
1985 सरफ़रोश 
1985 सत्यमेव जयते 
1985 यादों की कसम 
1985 होशियार 
1985 देखा प्यार तुम्हारा 
1985 तेरी मेहरबानियाँ 
1985 संजोग चंदू 
1985 आखिर क्यों? 
1985 सुर संगम 
1985 पाताल भैरवी 
1985 प्यार झुकता नहीं जैकी 
1985 मेरा घर मेरे बच्चे 
1985 वफ़ादार 
1985 तवायफ़ काँस्टेबल पाँडया 
1984 आज का एम एल ए राम अवतार 
1984 लव मैरिज 
1984 कैदी शर्मा 
1984 नया कदम 
1984 मकसद दास 
1984 घर एक मन्दिर 
1984 ये इश्क नहीं आसां 
1984 आशा ज्योति 
1984 झूठा सच 
1984 मेरा फैसला 
1983 वान्टेड 
1983 बेकरार 
1983 एक बार चले आओ मदन लालबहादुर 
1983 हिम्मतवाला भूषण 
1983 शुभ कामना 
1983 अगर तुम ना होते चंदू 
1983 जानी दोस्त 
1983 मुझे इंसाफ चाहिये 
1983 मवाली 
1983 जस्टिस चौधरी अलेक्ज़ेंडर ए एंथनी 
1983 अंधा कानून काँस्टेबल असरानी 
1983 प्रेम तपस्या 
1982 राज महल 
1982 आपस की बात 
1982 निकाह सैफ़ 
1982 सितम 
1982 मेहंदी रंग लायेगी 
1982 संबंध 
1982 हमारी बहू अलका 
1982 मैं इन्तकाम लूँगी 
1981 मेरी आवाज़ सुनो 
1981 जमाने को दिखाना है 
1981 एक ही भूल 
1981 आस पास 
1981 एक दूजे के लिये 
1980 द बर्निंग ट्रेन 
1980 टक्कर प्रीतम 
1980 एग्रीमेंट 
1980 माँग भरो सजना 
1980 बंदिश मुरली 
1980 यह कैसा इंसाफ़ 
1980 स्वयंवर 
1979 जाने-ए-बहार 
1979 सलाम मेमसाब सुन्दर 
1979 बातों बातों में 
1979 दो लड़्के दो कड़्के रामू 
1979 जुर्माना 
1979 सरगम 
1979 अहिंसा 
1979 हमारे तुम्हारे 
1979 ढ़ोंगी 
1978 पति पत्नी और वो दुर्रानी 
1978 नालायक 
1978 बदलते रिश्ते अनूपचंद्र ठाकुर 
1978 दिल्लगी 
1978 घर 
1978 फूल खिले हैं गुलशन गुलशन विशाल का दोस्त 
1978 डाकू और जवान 
1978 हीरालाल पन्नालाल 
1977 चला मुरारी हीरो बनने 
1977 कसम कानून की 
1977 चोर सिपाही डॉक्टर 
1977 अब क्या होगा 
1977 पलकों की छाँव में 
1977 कलाबाज़ चंगू 
1977 छलिया बाबू 
1977 आलाप गणेश (गणेशी) 
1977 साहेब बहादुर आइनू 
1977 अनुरोध 
1977 कर्म 
1977 ड्रीम गर्ल 
1977 जाग्रति 
1977 हीरा और पत्थर 
1977 आप की खातिर 
1977 चाँदी सोना अब्दुल्ला 
1977 कोतवाल साब 
1977 प्रियतमा 
1977 खून पसीना मोहन शर्मा 
1977 चक्कर पे चक्कर 
1976 भला मानस 
1976 फकीरा 
1976 बालिका बधू शरत 
1976 महबूबा 
1976 भँवर 
1976 उधार का सिंदूर 
1976 तपस्या विनोद सिन्हा 
1976 हेरा फेरी 
1976 लैला मज़नू 
1976 चरस 
1976 आप बीती 
1975 अपने रंग हज़ार 
1975 उलझन 
1975 सुनहरा संसार 
1975 रफ़ू चक्कर 
1975 छोटी सी बात 
1975 चुपके चुपके 
1975 राजा 
1975 चैताली 
1975 शोले जेलर 
1975 मिली 
1975 मज़ाक 
1975 उमर कैद 
1975 आक्रमण 
1975 खुशबू 
1974 आम्दाबाद नो रिकशावालो गुजराती फ़िल्म
1974 दुनिया का मेला 
1974 त्रिमूर्ति भोला 
1974 पाप और पुण्य 
1974 चोर मचाये शोर 
1974 प्रेम नगर 
1974 अजनबी चेतन कुमार 
1974 चरित्रहीन 
1974 रोटी 
1974 हमशक्ल चक्रम 
1974 विदाई मुरली व भास्कर दोहरी भूमिका
1974 पैसे की गुड़िया 
1974 आप की कसम 
1973 अग्नि रेखा 
1973 अभिमान 
1973 अनामिका 
1973 आज की ताजा खबर 
1973 नमक हराम 
1973 अनहोनी 
1973 छलिया 
1973 शरीफ़ बदमाश 
1973 अचानक 
1972 सबसे बड़ा सुख 
1972 कोशिश 
1972 पिया का घर 
1972 परिचय नारायण 
1972 सीता और गीता 
 1972 शादी के बाद रामू 
1972 बावर्ची 
1972 यह गुलिस्ताँ हमारा 
1972 रास्ते का पत्थर 
1972 शोर 
1971 बनफूल 
1971 मेमसाब 
1971 गुड्डी 
1971 मेरे अपने 
1970 पु्ष्पांजली 
1969 सत्यकाम 
1967 हरे काँच की चूड़ियाँ

नाना पाटेकर

नाना पाटेकर
#01jan 
नाना पाटेकर
जन्म कानन
विश्वनाथ पाटेकर
🎂01 जनवरी 1951 
मुरुड जंजीरा, बॉम्बे राज्य, भारत
आवास
मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत
राष्ट्रीयता
भारतीय
पेशा
अभिनेता, लेखक
जीवनसाथी
नीलाकांती पाटेकर
बच्चे
मल्हार पाटेकर
माता-पिता
दिनकर पाटेकर
संजनाबाई पाटेकर
पुरस्कार
पद्म श्री (2013)
नाना का जन्‍म मुरूड-जंजीरा, रायगढ़, म‍हाराष्‍ट्र में हुआ था। उनके पिता का नाम दिनकर पाटेकर और मां का नाम संजनाबाई पाटेकर है।
नाना पाटेकर भारतीय फिल्‍मों के अभिनेता हैं। वे लेखक और फिल्‍म निर्माता भी हैं। नाना हिन्‍दी फिल्‍मों के मशहूर अभिनेता माने जाते हैं। उनके अभिनय के सभी कायल हैं और यही कारण है कि उन्‍हें आज तक कई बार राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार और फिल्‍मफेयर पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जा चुका है। उन्‍हें पद्मश्री सम्‍मान भी मिल चुका है। वे इंडस्‍ट्री में अपने डॉयलाग को बोलने की स्‍टाइल को लेकर काफी मशहूर हैं। उनके अभिनय के दीवाने आपको हर आयु वर्ग में मिल जाएंगे।
नाना के करियर की शुरूआत फिल्‍म 'गमन' से हुई थी लेकिन इंडस्‍ट्री में उन्‍हें फिल्‍म 'परिंदा' से नोटिस किया गया जिसमें उन्‍होंने खलनायक की भूमिका अदा की थी। इस फिल्‍म में उनके अभिनय के लिए उन्‍हें सर्वश्रेष्‍ठ सहायक अभिनेता का राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार और सर्वश्रेष्‍ठ सहायक अभिनेता का फिल्‍मफेयर पुरस्‍कार भी दिया गया। इसके बाद उन्‍होंने कई अच्‍छी फिल्‍मों में काम किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। क्रांतिवीर, खामोशी, यशवंत, अब तक छप्‍पन, अपहरण, वेलकम, राजनीति उनकी प्रमुख फिल्‍मों में से एक हैं।
📽️
2016 द जंगल बुक (हिंदी) 
नटसम्राट  गणपतराव  रामचंद्र  बेलवाल्कर   
2015 वेलकम  बैक  
अब  तक  छप्पन  २ 
2014 डॉ प्रकाश बाबा आमटे: असली हीरो डॉ प्रकाश आमटे 
2013 हंगामा पर हंगामा 
26/11 के हमलों 
2012  [null कमाल धमाल मालामाल]? 
2011 देऊल 
शागिर्द  
2010 तुम  मिलो  तोह  सही 
राजनीति  
पाठशाला
2008 यहाँ के हम सिकन्दर 
2007 वैलकम 
2007 हैटट्रिक 
2006 टैक्सी नम्बर ९२११ राघव शास्त्री 
2005 अपहरण तबरेज़ आलम 
2005 ब्लफ़ मास्टर 
2003 भूत पुलिस अधिकारी 
2003 आँच 
2003 डरना मना है 
2002 शक्ति 
2000 तरकीब 
2000 गैंग अब्दुल 
1999 हु तू तू भाऊ 
1999 कोहराम 
1998 युगपुरुष अनिरुद्ध 
1993 वजूद मल्हार 
1997 ग़ुलाम-ए-मुस्तफा मुस्तफा 
1996 खामोशी नायिका का पिता 
1996 अग्नि साक्षी विश्वनाथ 
1995 हम दोनों 
1994 क्रान्तिवीर प्रताप नारायण तिलक 
1993 तिरंगा शिवाजीराव वाघले 
1992 अंगार माज़िद ख़ान 
1992 राजू बन गया जेंटलमैन जय 
1991 प्रहार 
1991 दिक्षा 
1990 दिशा 
1990 थोड़ा सा रूमानी हो जायें 
1989 परिन्दा अन्ना 
1988 सलाम बॉम्बे बाबा 
1988 सागर संगम 
1987 आज का रॉबिनहुड 
1987 सूत्रधार कुमार 
1987 आवाम 
1984 गिद्ध

मोहमद नाजिम खिलजी

मोहम्मद नाजिम खिलजी
🎂01 जनवरी 1986
मलेरकोटला, पंजाब, भारत
राष्ट्रीयता
भारतीय
पेशा मॉडलअभिनेतागायक

प्रसिद्धि का कारण
साथ निभाना साथिया तेरा मेरा साथ रहे

नाजिम का जन्म 01 जनवरी 1986 को पंजाब के मलेरकोटला में हुआ था। टेलीविजन अभिनेता अनस राशिद और अथर हबीब उनके चचेरे भाई हैं।
नाजिम ने हिंदी टेलीविजन उद्योग में स्टार प्लस की फंतासी आधारित श्रृंखला शौर्य और सुहानी पर एक अज्ञात भूमिका के साथ प्रवेश किया, जिसे स्फीयर ओरिजिन द्वारा 2009 में बनाया गया था और फिर 2010 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की अपराध थ्रिलर सीआईडी के एक एपिसोड पर हस्ताक्षर किए।

उन्हें सबसे बड़ी सफलता तब मिली जब उन्होंने स्टार प्लस के सबसे लोकप्रिय सोप ओपेरा, साथ निभाना साथिया में देवोलीना भट्टाचार्जी के साथ लगातार छह वर्षों (2010-16) के लिए अहम मोदी के रूप में अपनी पहली मुख्य भूमिका निभाई।2015 में, उन्होंने हॉरर फिल्म प्लॉट नंबर 666 के साथ बॉलीवुड में भी शुरुआत की। वह बॉक्स क्रिकेट लीग में भी एक प्रतियोगी थे।

मई 2016 में, नाजिम ने साथ निभाना साथिया छोड़ दिया क्योंकि वह पर्दे पर नाना की भूमिका नहीं निभाना चाहते थे। हालांकि, अगस्त 2016 में, वह अहम के वैध जुड़वां भाई जग्गी मोदी का एक नया किरदार निभाते हुए शो में लौट आए और जुलाई 2017 में इसके ऑफ एयर होने तक इसमें मौजूद रहे।पंजाबी सिनेमा में कदम रखते हुए, वह पंजाबी फिल्म बिग डैडी (2017) में दिखाई दिए। 
#01jan

🇨🇦दीपा मेहता🇨🇦

#01jan 
दीपा मेहता 
🎂जन्म: 01 जनवरी 1950 अमृतसर
बच्चे: देवयानी साल्‍जमैन
पति: पॉल साल्ज़मैन (विवा. 1973–1983)
भाई: दिलीप मेहता
माता-पिता: विमला मेहता, सतविंदर मेहता
📽️फ़िल्म निर्देशक, ✍️पटकथा लेखक और फ़िल्म निर्माता हैं। वह अपनी फ़िलमें फ़ायर, अर्थ और वाटर के लिए मशहूर है।
🇨🇦पृथ्वी को भारत द्वारा सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार के लिए अपनी आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में प्रस्तुत किया गया था , और वॉटर को सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार के लिए 🇨🇦कनाडा की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में प्रस्तुत किया गया था , जिससे यह केवल तीसरी गैर-फ्रांसीसी भाषा वाली कनाडाई फिल्म बन गई। अत्तिला बर्टलान की 1990 की आविष्कृत भाषा की फिल्म ए बुलेट टू द हेड और जकारियास कुनुक की 2001 इनुक्टिटुट भाषा की फीचर अतानार्जुआट: द फास्ट रनर के बाद की श्रेणी ।

उन्होंने 1996 में अपने पति, निर्माता डेविड हैमिल्टन के साथ हैमिल्टन-मेहता प्रोडक्शंस की सह-स्थापना की। उन्हें बॉलीवुड/हॉलीवुड की पटकथा के लिए 2003 में जिनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ।  मई 2012 में, मेहता को लाइफटाइम आर्टिस्टिक अचीवमेंट के लिए गवर्नर जनरल का परफॉर्मिंग आर्ट्स अवार्ड मिला , जो प्रदर्शन कला में कनाडा का सर्वोच्च सम्मान है। 
मेहता का जन्म पाकिस्तान की सैन्यीकृत सीमा के पास पंजाब के अमृतसर में हुआ था और उन्होंने भारत के विभाजन से उत्पन्न प्रभावों का प्रत्यक्ष अनुभव किया था । वह लाहौर के नागरिकों से युद्ध के बारे में सीखने का वर्णन करते हुए कहती हैं, "जब मैं अमृतसर में बड़ी हो रही थी, तब भी हम हर सप्ताहांत लाहौर जाते थे, इसलिए मैं ऐसे लोगों के बीच बड़ी हुई जो इसके बारे में लगातार बात करते थे और महसूस करते थे कि यह उनमें से एक है।" वे सबसे भयानक सांप्रदायिक युद्धों के बारे में जानते थे।"

जब वह बच्ची थीं तभी उनका परिवार नई दिल्ली चला गया और उनके पिता एक फिल्म वितरक के रूप में काम करते थे। इसके बाद, मेहता ने हिमालय की तलहटी पर देहरादून के बोर्डिंग स्कूल, वेल्हम गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ाई की।उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन से दर्शनशास्त्र में डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की ।

मेहता ने नोट किया कि जैसे-जैसे वह बड़ी हुईं और विभिन्न प्रकार के सिनेमा के संपर्क में आईं, तो फिल्म के प्रति उनका रुझान कैसे बदल गया, जिसने अंततः उन्हें खुद एक फिल्म निर्माता बनने के लिए प्रभावित किया। वह कहती है:

"जब मैं दिल्ली में बड़ा हो रहा था और मैं दिल्ली विश्वविद्यालय में गया, तो मैं [भारतीय] फिल्में देखता था। मैं भारतीय व्यावसायिक सिनेमा की एक बहुत ही स्वस्थ खुराक के साथ बड़ा हुआ। मेरे पिता एक फिल्म वितरक थे, इसलिए बहुत छोटी उम्र से उम्र के साथ मैंने व्यावसायिक भारतीय सिनेमा देखा। लेकिन एक बार जब मैं विश्वविद्यालय गया, या यहां तक ​​कि स्कूल के आखिरी वर्ष में, मैंने वास्तव में सत्यजीत रे और ऋत्विक घटक को देखना और आनंद लेना शुरू कर दिया और गैर-हिंदी सिनेमा और गैर-हॉलीवुड सिनेमा का अनुभव प्राप्त किया। विश्वविद्यालय में, मैं ट्रूफ़ोट और गोडार्ड जैसे निर्देशकों से भी परिचित हुआ । जापानी सिनेमा से भी गहन परिचय हुआ। इसलिए, ओज़ू , मिज़ोगुची ।" 

स्नातक होने के बाद मेहता ने एक प्रोडक्शन कंपनी के लिए काम करना शुरू किया जो भारत सरकार के लिए वृत्तचित्र और शैक्षिक फिल्में बनाती थी। एक बाल वधू के कामकाजी जीवन पर केंद्रित अपनी पहली फीचर-लेंथ डॉक्यूमेंट्री के निर्माण के दौरान, उनकी मुलाकात कनाडाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता पॉल साल्ट्ज़मैन से हुई , जो भारत में एक फिल्म बना रहे थे। 1973 में वह अपने पति के साथ रहने के लिए 🇨🇦टोरंटो चली गईं।

एक बार कनाडा में, मेहता और साल्ट्ज़मैन ने मेहता के भाई दिलीप के साथ मिलकर सनराइज फिल्म्स नाम की एक प्रोडक्शन कंपनी शुरू की, जो शुरुआत में वृत्तचित्रों का निर्माण करती थी, लेकिन टेलीविजन प्रोडक्शन में चली गई और टेलीविजन श्रृंखला स्प्रेड योर विंग्स (1977-79) बनाई, जो युवाओं के रचनात्मक और कलात्मक कार्यों के बारे में थी। दुनिया भर में।इसके अतिरिक्त, मेहता ने साल्ट्ज़मैन निर्मित सीबीसी नाटक डेंजर बे (1984-90) के कई एपिसोड का निर्देशन किया।

मेहता ने वृत्तचित्र एट 99: ए पोर्ट्रेट ऑफ लुईस टैंडी मर्च (1975)  और ट्रैवलिंग लाइट (1986) का भी निर्देशन किया, जो बाद में एक फोटो जर्नलिस्ट के रूप में मेहता के भाई दिलीप के काम पर केंद्रित था। ट्रैवलिंग लाइट को तीन जेमिनी पुरस्कारों के लिए नामांकित किया जाएगा। 1987 में, ऐलिस मुनरो, सिंथिया फ्लड और बेट्टी लैम्बर्ट के कार्यों के आधार पर, मेहता ने मार्था, रूथ और एडी का निर्माण और सह-निर्देशन किया । कान्स अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित होने के बाद, इसने 1988 में फ्लोरेंस में 11वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता।

1991 में उन्होंने सैम एंड मी ( ओम पुरी अभिनीत) के साथ फीचर-फिल्म निर्देशन की शुरुआत की , यह एक युवा भारतीय लड़के और पार्कडेल के टोरंटो पड़ोस में एक बुजुर्ग यहूदी सज्जन के बीच रिश्ते की कहानी थी । इसने उस समय कनाडा में किसी महिला द्वारा निर्देशित 11 मिलियन डॉलर की सबसे अधिक बजट वाली फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसने 1991 के कान्स फिल्म महोत्सव की कैमरा डी'ओर श्रेणी में माननीय उल्लेख जीता । इसके बाद मेहता ने 1994 में ब्रिजेट फोंडा और जेसिका टैंडी अभिनीत अपनी फिल्म कैमिला के साथ काम किया । 2002 में, उन्होंने बॉलीवुड/हॉलीवुड का निर्देशन किया , जिसके लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा के लिए जिनी पुरस्कार जीता ।

मेहता ने जॉर्ज लुकास की टेलीविजन श्रृंखला द यंग इंडियाना जोन्स क्रॉनिकल्स के दो एपिसोड का निर्देशन किया । पहला एपिसोड, "बनारस, जनवरी 1910", 1993 में प्रसारित हुआ। दूसरा एपिसोड 1996 में यंग इंडियाना जोन्स: ट्रेवल्स विद फादर नामक एक टीवी फिल्म के हिस्से के रूप में प्रसारित किया गया था ।

मेहता ने कनाडा में स्थापित कई अंग्रेजी भाषा की फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें द रिपब्लिक ऑफ लव (2003) और हेवन ऑन अर्थ (2008) शामिल हैं, जो घरेलू हिंसा से संबंधित है और इसमें प्रीति जिंटा ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसका प्रीमियर 2008 के टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हुआ । इसके अलावा 2008 में मेहता ने अपने भाई दिलीप द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री द फॉरगॉटन वुमन का निर्माण किया।

2015 में, मेहता ने बीबा बॉयज़ को लिखा और निर्देशित किया । इसका प्रीमियर 2015 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ ।

2016 में, मेहता ने ड्रामा फिल्म एनाटॉमी ऑफ वायलेंस का निर्देशन किया, जो 2012 के दिल्ली सामूहिक बलात्कार और हत्या के मूल कारणों का पता लगाने के लिए कल्पना का उपयोग करती है ।

29 अक्टूबर 2020 को, टेलीफिल्म कनाडा ने घोषणा की कि मेहता की फिल्म फनी बॉय (2020) सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार की दौड़ में कनाडा का प्रतिनिधित्व करेगी । हालाँकि, फिल्म को अकादमी पुरस्कारों द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था क्योंकि अंग्रेजी, सिंहली और तमिल संवाद का मिश्रण गैर-अंग्रेजी संवाद के आवश्यक प्रतिशत से अधिक नहीं था।

2021 में 9वें कैनेडियन स्क्रीन अवार्ड्स में , मेहता ने फनी बॉय के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता । उन्होंने और सह-लेखक श्याम सेल्वादुरई ने सर्वश्रेष्ठ रूपांतरित पटकथा का पुरस्कार भी जीता ।

नवंबर 2021 में, वैराइटी ने घोषणा की कि मेहता अवनि दोशी के उपन्यास बर्न्ट शुगर के एक फिल्म रूपांतरण का निर्देशन करने के लिए तैयार हैं , जिसमें बेन सिल्वरमैन के प्रोपेगेट कंटेंट फिल्म का निर्माण करेंगे।

सोनाली बेंद्रे

अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे
🎂जन्म 01 जनवरी 1975
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे अपने समय में लाखों दिलों की धड़कन रही हैं। सोनाली के मासूम चेहरे के दीवाने आज भी लोग हैं। सोना का जन्म 1 जनवरी 1975 को हुआ था। सोनाली इस बार अपना 46वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। सोनाली ने बॉलीवुड में कई फिल्में की हैं। उन्हें उनके हर किरदार में दर्शकों में पसंद किया है।

सोनाली बेंद्रे का जन्म मुंबई में ही हुआ था। उन्होंने मुंबई के रामनारायण लोहिया कॉलेस से अपनी पढ़ाई की है। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही सोनाली को मॉडलिंग में दिलचस्पी थी। उन्होंने 1994 में मॉडलिंग से ही अपने करियर की शुरुआत की। सोनाली की खूबसूरती की वजह से उन्हें फिल्मों में भी काम मिल गया। सबसे पहले सोनाली को पहली फिल्म सोहेल खान के प्रोडक्शन में बनने जा रही 'राम' ऑफर हुई थी। लेकिन किन्हीं कारणों से ये फिल्म बन नहीं पाईं।

सोनाली के करियर को इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद साल 1995 में सोनाली ने फिल्म 'आग' से डेब्यू किया। इस फिल्म में उनके साथ सुपरस्टार गोविंदा नजर आए थे। ये फिल्म तो चल ना सकी। जिसके बाद सोनाली 1996 में फिल्म 'दिलजले' में नजर आईं। इस फिल्म में सोनाली के साथ अभिनेता अजय देवगन भी थे। फिल्म में सोनाली के अभिनय को खूब पसंद किया गया।

सोनाली की फिल्मों के साथ ही उनकी लव लाइफ भी काफी सुर्खियों में रही है। सोनाली बेंद्रे मशहूर राजनेता राज ठाकरे के प्यार में पड़ गई थीं। राज ठाकरे भी सोनाली से प्यार कर बैठे थे। कहा जाता है राज ठाकरे सोनाली के प्यार में इतने पागल थे कि वह सोनाली से शादी करना चाहते थे लेकिन राज पहले से ही शादी शुदा थे। जब यह बात शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को पता चली तो उन्होंने राज ठाकरे को सोनाली से शादी के लिए मना कर दिया।

सोनाली ने 12 नवबंर 2002 को फिल्म निर्देशक गोल्डी बहल से शादी कर ली। सोनाली और गोल्डी का एक बेटा भी है। सोनाली बेंद्रे सबसे ज्यादा चर्चाओं में तब आईं जब जुलाई 2018 में उन्हें कैंसर डायग्नॉस हुआ था। सोनाली ने खुद ही इस बात की जानकारी दी थी। हालांकि इसके बाद उनका कई महीनों तक इलाज चला, अब सोनाली ठीक हैं।
#01jan

शुभा मुद्गल

शुभा मुद्गल
#01jan 
शुभा गुप्ता
जन्म🎂01 जनवरी 1959
इलाहाबाद प्रयाग राज, उत्तर प्रदेश , भारत
शैलियां
पॉप, लोक , भारतीय शास्त्रीय , पार्श्व गायन
व्यवसाय
गायक
शुभा मुद्गल (जन्म 01 जनवरी 1959) एक भारतीय संगीतकार, संगीतकार, गायिका और मल्टी इंस्ट्रुमेंटलिस्ट हैं जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत , भारतीय पॉप और तमिल सिनेमा में अपने काम के लिए जानी जाती हैं ।उनके प्रदर्शनों की सूची में ख्याल , ठुमरी , दादरा की शैलियाँ शामिल हैं ।उन्हें 2000 में पद्मश्री प्राप्त हुआ है।
शुभा का जन्म इलाहाबाद में एक शैक्षणिक परिवार में हुआ था।उनके माता-पिता, स्कंद गुप्ता और जया गुप्ता, दोनों इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर थे , और दोनों को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और कथक में गहरी रुचि थी । शुभा के दादा पीसी गुप्ता भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रह चुके हैं ।
शुभा इलाहाबाद में पली-बढ़ीं और स्कूल खत्म करने के बाद उन्होंने सेंट मैरी कॉन्वेंट इंटर कॉलेज में दाखिला लिया । बचपन में, उन्हें और उनकी बहन को उनके कलात्मक विचारधारा वाले माता-पिता ने कथक सीखने के लिए एक नृत्य कक्षा में भेजा था।हालाँकि, नृत्य में उनकी रुचि कभी भी बहुत अच्छी नहीं थी और तथ्य यह है कि उन्होंने पड़ोस में एक गैर-वर्णन नृत्य-कक्षा में भाग लिया था, जिससे उच्च स्तर की उपलब्धि हासिल नहीं हुई। उन्होंने एक बार एक नृत्य परीक्षक के नियमित प्रश्न "आप किस घराने की कथक नाचती हैं? (आप कथक की किस शैली/स्कूल से संबंधित हैं?)" का जवाब देते हुए कहा, "हम अपने घराने की कथक नाचते हैं (मैं नृत्य करती हूं) कथक की मेरी अपनी शैली)"। बाद में उन्होंने उसी व्यक्तिवादी रवैये को बरकरार रखते हुए अपने पसंदीदा व्यवसाय के रूप में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को अपना लिया । उनके पहले पारंपरिक शिक्षक (गुरु) इलाहाबाद में रामाश्रय झा थे.
इंटर-कॉलेज पूरा करने के बाद, शुभा नई दिल्ली चली गईं और स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। दिल्ली में, उन्होंने विनय चंद्र मौद्गल्य के अधीन अपनी संगीत की शिक्षा जारी रखी, जो कनॉट प्लेस में मौद्गल्या के निवास में स्थित ललित कला के एक स्कूल, गंधर्व महाविद्यालय के संस्थापक थे ।एक उत्कृष्ट शास्त्रीय संगीतकार होने के अलावा, मौद्गल्या एक कुशल गीतकार भी थे, जिन्होंने विजया मुले की एनीमेशन फिल्म एक अनेक और एकता में इस्तेमाल किया गया गीत "हिंद देश के निवासी" लिखा था ।

दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद, शुभा ने दिल्ली में वसंत ठाकर के तहत अपना प्रशिक्षण जारी रखा , और अधिक अनौपचारिक रूप से जितेंद्र अभिषेकी , नैना देवी और कुमार गंधर्व जैसे अन्य स्थापित गायकों के साथ ।
दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक होने के कुछ समय बाद , उन्होंने 1982 में अपने गुरु विनय चंद्र मौदगल्या के बेटे मुकुल मुद्गल से शादी कर ली। उनके पति, जो एक कुशल संगीतकार भी थे, ने संगीत को एक पेशे के रूप में अपनाने का फैसला नहीं किया, बल्कि एक वकील और न्यायविद बन गए। शादी टिक नहीं पाई. मुद्गल दंपति का एक बेटा था, जिसका नाम धवल मुद्गल है, जो दिल्ली स्थित बैंड हाफ स्टेप डाउन में मुख्य गायक है। 

बाद में शुभा मुद्गल ने तबला वादक अनीश प्रधान से शादी कर ली।
🏆⭐🥇
43वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
अमृत ​​बीज के लिए सर्वश्रेष्ठ गैर-फ़ीचर फ़िल्म संगीत निर्देशन (1995) 
नागरिक सम्मान
पद्म श्री (2000) 
अन्य सम्मान
फिल्म डांस ऑफ द विंड में उनके संगीत के लिए 34वें शिकागो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (1998) में संगीत में विशेष उपलब्धि के लिए गोल्ड प्लाक पुरस्कार 
सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और सद्भावना को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार (2016)

अभिनेत्री शकीला

प्रसिद्ध अभिनेत्री शकीला की के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि
#01jan
#20sep

: 🎂01 जनवरी 1935, अफ़ग़ानिस्तान
⚰️: 20 सितंबर 2017, मुम्बई
पति: वाई॰ एम॰ इलियास (विवा. 1963)
बहन: Noorjahan
भांजियां या भतीजियां: तस्नीम काज़ी, कौसर काज़ी, फिरदौस काज़ी

शकीला  हिन्दी सिनेमा में सन 1950-60 की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उनको गुरुदत्त की फिल्म 'आर पार' (1954) और 'सी.आई.डी.' के लिए याद किया जाता है। शकीला ने शक्ति सामंत की फिल्म 'चाईना टाउन' (1963) में अपने समय के प्रसिद्ध अभिनेता शम्मी कपूर के साथ अभिनय किया था। इस फिल्म का गीत 'बार बार देखो, हज़ार बार देखो...' आज तक लोगों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है। शकीला जी ने 1963 में फिल्मों से संन्यास ले लिया और विवाह करके वह भारत से बाहर लंदन में बस गयीं। उनकी बहन नूरजहाँ का विवाह प्रसिद्ध हास्य अभिनेता जॉनी वॉकर के साथ हुआ था।

परिचय

अभिनेत्री शकीला का जन्म 1 जनवरी सन 1936 को हुआ था। उनका वास्तविक नाम 'बादशाहजहाँ' था। शकीला जी के अनुसार- "मेरे पूर्वज अफ़ग़ानिस्तान और ईरान के शाही खानदान से ताल्लुक रखते थे। मेरा जन्म 1 जनवरी, 1936 को मध्यपूर्व में हुआ था। राजगद्दी पर कब्ज़े के खानदानी झगड़ों में मेरे दादा-दादी और मां मारे गए थे। मैं तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और हम तीनों बच्चियों को साथ लेकर मेरे पिता और बुआ जान बचाकर मुम्बई भाग आए थे। उस वक़्त मैं क़रीब 4 साल की थी।"

#फ़िल्मी_कैरियर

‘दास्तान’ के बाद शकीला जी ने ‘गुमास्ता’ (1951), ‘खूबसूरत’, ‘राजरानी दमयंती’, ‘सलोनी’, 'सिंदबाद द सेलर’ (सभी 1952) और ‘आगोश’, ‘अरमान’, ‘झांसी की रानी’ (सभी 1953) में बतौर बाल कलाकार अभिनय किया।

सोहराब मोदी की फिल्म ‘झांसी की रानी’ में शकीला जी ने रानी लक्ष्मीबाई (अभिनेत्री मेहताब) के बचपन की भूमिका की थी। साल 1953 में प्रदर्शित हुई फिल्म ‘मदमस्त’ में वह पहली बार नायिका बनीं। इस फिल्म में उनके नायक एन.ए. अंसारी थे। फिल्म ‘मदमस्त’ को पार्श्वगायक महेंद्र कपूर की पहली फिल्म के तौर पर भी जाना जाता है। उन्होंने अपने कॅरियर का पहला गीत ‘किसी के ज़ुल्म की तस्वीर है मज़दूर की बस्ती’ इसी फिल्म में, गायिका धन इन्दौरवाला के साथ गाया था। साल 1953 में शकीला जी की बतौर नायिका दो और फिल्में ‘राजमहल’ और ‘शहंशाह’ प्रदर्शित हुईं।

मृत्यु

अभिनेत्री शकीला की मृत्यु 20 सितम्बर, 2017 को हुई। 81 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हार्ट अटैक (हृदयाघात) के कारण हुई।

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...