कृपया ध्यान दें – यद्धइस ब्लॉग तैयार करने में पूरी सावधानी रखने का प्रयास किया गया है, फिर भी कि
मंगलवार, 15 अगस्त 2023
अभिनेत्री भारती विष्णुवर्धन
रविवार, 13 अगस्त 2023
शम्मी कपूर
मनीष बहल
निधि चौहान
जोनी लिवर
जॉनी लीवर
पूरा नाम जॉन प्रकाश राव
प्रसिद्ध नाम जॉनी लीवर
🎂जन्म 14 अगस्त, 1957
जन्म भूमि प्रकाशम, आंध्र प्रदेश
अभिभावक प्रकाश राव जनमूला
पति/पत्नी सुजाता
संतान बेटी-जैमी लीवर, बेटा-जेस लीवर
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र अभिनय
मुख्य फ़िल्में 'बाज़ीगर', 'बादशाह', 'करन अर्जुन', 'राजा हिन्दुस्तानी', 'तेज़ाब' , 'काला बाज़ार', 'किशन कन्हैया', 'चमत्कार' आदि।
पुरस्कार-उपाधि स्टार स्क्रीन अवार्ड (1997), फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता अवार्ड (1998, 1999), जी सिने अवार्ड (2002)
प्रसिद्धि हास्य अभिनेता
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी एक स्टेज शो में सुनील दत्त की नज़र जॉनी लीवर पर पड़ी और उन्होंने जॉनी लीवर को फ़िल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक दिया।
जॉनी लीवर (अंग्रेज़ी: Johnny Lever, पूरा नाम- जॉन प्रकाश राव; जन्म- 14 अगस्त, 1957, प्रकाशम, आंध्र प्रदेश) भारतीय हास्य अभिनेता हैं। उन्हें फ़िल्म अभिनेताओं की मिमिक्री करने में महारत हासिल है। वह हिंदी सिनेमा में अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए प्रसिद्ध हैं। जॉनी लीवर भारत के पहले स्टैंड कॉमेडियन हैं। उन्हें अब तक 13 बार फ़िल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। जॉनी लीवर बॉलीवुड में अब तक साढ़े तीन सौ से अधिक फ़िल्मों में काम कर चुके हैं। उनकी पहली सफल फ़िल्म बाज़ीगर थी। इसके बाद उन्होंने बहुत सी फ़िल्मों सहायक हास्य कलाकार के रूप में अभिनय किया।
परिचय
जॉन लीवर का जन्म आंध्र प्रदेश के प्रकाशम ज़िले में सन 14 अगस्त 1956 को हुआ था। उनके पिता प्रकाश राव जनमूला हिंदुस्तान लीवर फ़ैक्ट्री में काम करते थे। जॉनी लीवर का बचपन मुंबई के धारावी इलाके में बीता। वह अपने घर में तीन बहनों और दो भाईयों में सबसे बड़े हैं। जॉनी लीवर का जन्म एक बेहद ही ग़रीब परिवार में हुआ था। घर में बड़े होने के कारण घर की स्थिति को समझते हुए वह भी अपने पिता के साथ हिन्दुस्तान लीवर फ़ैक्ट्री में काम करने लगे। इसी दौरान उन्हें अपनी कॉमेडी प्रतिभा को निखारने का मौका मिला। वह ख़ाली समय में अपने को-वर्कर्स को अपनी कॉमेडी से हँसाते थे। जिस कारण से उनका नाम जॉनी लीवर पड़ गया। जिसके बाद उन्होंने अपना यह नाम जारी रखा।
शिक्षा
जॉनी लीवर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई आंध्र एजुकेशन सोसाइटी हाईस्कूल से की। उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने कारण जॉनी सिर्फ़ सातवीं तक शिक्षा ग्रहण कर सके। उसके बाद घर के जीवन-यापन के लिए उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।
वैवाहिक स्थिति
जॉनी लीवर की विवाह सुजाता से हुई है। उनके एक बेटा और एक बेटी है। बेटी जैमी जोकि एक स्टैंड-अप कॉमेडियन है। बेटे का नाम जेस है।
फ़िल्मी कॅरियर
जॉनी लीवर को फ़िल्म अभिनेताओं की मिमिक्री करने में महारत हासिल थी। उनकी इसी खासियत ने उन्हें स्टेज शो करने का मौका दिया। ऐसे ही एक स्टेज शो में सुनील दत्त की नज़र उन पर पड़ी। उन्होंने जॉनी लीवर को फ़िल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक दिया और आज यह सिलसिला 350 से अधिक फ़िल्मों तक पहुंच गया है। ‘दर्द का रिश्ता’ के बाद वह ‘जलवा’ में नसीरुद्दीन शाह के साथ देखे गए, लेकिन उनकी पहली बड़ी सफलता ‘बाजीगर’ के साथ शुरू हुई। उसके बाद वह लगभग एक सहायक अभिनेता के रूप में हर फ़िल्म में हास्य अभिनेता की भूमिका में देखे गए। उनकी पहली फीचर फ़िल्म कभी तमिल ‘अनब्रिक्कु अल्लाविल्लाई’ है।
जॉनी लिवर सिर्फ़ बड़े पर्दे पर ही नहीं बल्कि छोटे पर्दे पर भी अपने कॉमेडी के जलवे दिखा चुके हैं। वह सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं। इसके अलावा वह मिमिक्री आर्टिस्ट एसोसिएशन मुंबई के भी अध्यक्ष हैं।
प्रसिद्ध फ़िल्में
बाज़ीगर, बादशाह, तेज़ाब , काला बाज़ार, किशन कन्हैया, चमत्कार, इंसानियत का देवता, रूप की रानी चोरों का राजा, मस्ती, कानून, अंजाम, मै खिलाड़ी तू अनाड़ी, डर, इंडियन, सपूत, बारूद, कुछ कुछ होता है, सिर्फ तुम, बादशाह, हैलो ब्रदर, क्रोध, करन अर्जुन, 36 चाइना टाउन, अजनबी, यस बॉस, नायक: द रियल हीरो, फिर हेरा फेरी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, फर्ज, आशिक, चुपके-चुपके, राजा हिन्दुस्तानी, कोई ... मिल गया, दिलवाले।
मिमिक्री कलाकार
जॉनी लीवर के अनुसार वह एक मिम्मक्री आर्टिस्ट थे, इसलिए उन्हें सभी डायरेक्टर अपनी फ़िल्मों में लेते थे और अपनी फ़िल्मों में कभी ओम प्रकाश की मिमिक्री करवाते तो कभी किशोर कुमार की। उन्हें कैरेक्टर करने का मौका नहीं मिलता था लेकिन फ़िल्म 'बाज़ीग़र' में कैरेक्टर करने का मौका मिला। तब लोगों ने कहा की यह लड़का तो अभिनय जानता है।" उन्होंने आगे कहा, "12 साल तक उन्हें मिमिक्री कलाकार ही समझा जाता था। लोगों को 12 साल लग गए उन्हें अभिनेता समझने में।"
पुरस्कार एवं सम्मान
1997 : सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड (फ़िल्म 'राजा हिंदुस्तानी')।
1998 : फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता अवार्ड (फ़िल्म 'दीवाना मस्ताना')।
1999 : फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता अवार्ड (फ़िल्म 'दूल्हे राजा')।
2002 : सर्वश्रेष्ठ जी सिने अवार्ड (फ़िल्म 'लव के लिए कुछ भी करेगा')।
hmv
गीत की दुनिया में अनगिनत मेडलीज़ में से कई की उत्पत्ति हम कुत्तों से हुई है। चाहे वह पिंक फ्लाईड हो या कैट स्टीवंसऔर
हम फियोना एप्पल के उस भावुक पत्र को कैसे भूल सकते हैं जो उन्होंने अपने प्रशंसकों को भेजा था जब उन्होंने अपने बीमार कुत्ते की देखभाल के लिए अपना दौरा रद्द कर दिया था।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध लोगो में से एक, हिज मास्टर वॉयस (एचएमवी) की उत्पत्ति की एक मनमोहक कहानी भी एक कुत्ते से जुड़ी हुई है?
एचएमवी कुत्ते का नाम?
निपर , एचएमवी लोगो कुत्ता, दुनिया भर के संगीत प्रेमियों द्वारा पहचाना जाता है। एक फ़ोनोग्राफ़ और उसे घूरते एक कुत्ते की विशेषता वाला प्रतिष्ठित लोगो लाखों रिकॉर्डों में प्रदर्शित हो चुका है।
एचएमवी लोगो कुत्ते निपर की कहानी
फ़्रांसिस बैरौड एक अंग्रेज़ चित्रकार थे जिनका मार्क नाम का एक भाई था। जब मार्क का निधन हो गया, तो फ्रांसिस को उनका बहुत सारा सामान विरासत में मिला: एक फोनोग्राफ प्लेयर, मार्क की आवाज़ की रिकॉर्डिंग, और मार्क का कुत्ता, निपर ।
फ़्रांसिस ने देखा कि जब वह रिकॉर्ड बजाता था, तो निपर फोनोग्राफ की ओर दौड़ता था और हैरान हो जाता था कि यह पता लगाने में कि आवाज़ कहाँ से आ रही है। यह दृश्य फ्रांसिस की यादों में इतना अंकित हो गया कि निपर के निधन के 3 साल बाद भी उन्होंने इसे "हिज मास्टर की आवाज" कहते हुए चित्रित किया।
उसने पेंटिंग बेचने की कोशिश की लेकिन रिकॉर्ड कंपनियों ने उसे बेचने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि ग्रामोफोन सुनने वाले भ्रमित कुत्ते और एक संगीत लेबल के बीच कोई संबंध नहीं है ( ब्रांड कनेक्ट पढ़ें)।
उन्हें नहीं पता था कि यह पेंटिंग संगीत प्रेमियों के लिए एक प्रतीक बन जाएगी।
ग्रामोफोन कंपनी ने पेंटिंग को £100 में खरीदा। तेजी से आगे बढ़ते हुए आठ साल हो गए और बेहद लोकप्रिय लोगो के कारण कंपनी ने पेंटिंग के बाद अपना नाम बदलकर एचएमवी रख लिया।
" हिज़ मास्टर की आवाज़ " लोगो का उपयोग दुनिया भर में किया गया, और यह आदर्श वाक्य विभिन्न भाषाओं में प्रसिद्ध हो गया। यूरोप में इनमें " ला वोइक्स दे सन मैत्रे ", (फ़्रेंच), " ला वोज़ दे सु अमो " (स्पेनिश), " ला वोसे डेल पैड्रोन " (इतालवी), " डाई स्टिम्मे सीन्स हेरन " (जर्मन) आदि शामिल हैं।
एक सदी से भी अधिक समय में एचएमवी लेबल द्वारा तैयार किए गए करोड़ों रिकॉर्ड्स में शामिल होने के बाद, निपर को नवंबर 2014 में लंदन में अपनी नीली पट्टिका के साथ अमर कर दिया गया।
अनिता राज मल्होत्रा
अनीता राज का जन्म 13 अगस्त 1962 को मुंबई में हुआ था।
अनीता के पिता जगदीश राज भी एक एक्टर रह चुके हैं। पिता एक्टर थे लिहाजा अनीता ने भी बॉलीवुड में कैरियर बनाया
अनीता ने अपने कैरियर की शुरुआत साल 1982 में फिल्म प्रेम गीत से की थी जिसके बाद वो रातों रात स्टार बन गईं। ये फिल्म और इसके गाने बहुत हिट रहे थे।
इसके बाद अनीता राज ने छोटी सी जिंदगी, दूल्हा बिकता है, जमीन आसमान, मास्टरजी, नौकर बीवी का, लाखों की बात, गुलामी, करिश्मा कुदरत का, हमसे ना टकराना समेत कई फिल्मों में काम किया । उन्होंने इन फिल्मों में काम कर अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर अलग पहचान बनाई और जानी मानी अभिनेत्रियों की लिस्ट में शामिल रही हैं।
उस दौर में अनीता राज ने विनोद खन्ना, राज बब्बर, मिठुन, संजय दत्त और धर्मेन्द्र कई बड़े एक्टर्स के साथ काम किया।
अनीता राज का नाम बॉलीवुड एक्टर धर्मेन्द्र के साथ जुड़ा था। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया था। नौकर बीवी का फिल्म की शूटिंग के दौरान अनिता राज और धर्मेन्द्र के बीच अफेयर की खबरें आईं। दोनों की नजदीकी से देओल परिवार ने बखेड़ा खड़ा हो गया था।
कहा जाता है कि सनी देओल ने भी अनीता राज को उनको पिता से दूर होने को कहा था। बॉलीवुड में जब इस लव स्टोरी पर बवाल शुरू हुआ तो अनिता राज ने धर्मेन्द्र से दूरी बनाते हुए अपनी फिल्म करिश्मा कुदरत का के डायरेक्टर सुनील हिंगोरानी से शादी कर ली।
साल 1992 में अनीता ने सुनील हिंगोरानी से शादी कर ली। बेटे के जन्म के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना छोड़ दिया।
लंबे समय से वो फिल्मों में नजर नही आई लेकिन अनीता ने कई सारे टीवी सीरियल्स में भी काम किया है जिसमें आशिकी, ईना मीना डीका, '24' शामिल हैं। इसके अलावा वो जी टीवी के शो एक था राजा एक थी रानी में राजमाता प्रियमवदा का किरदार निभाती नजर आई थीं। इन दिनों वो छोटी सरदारिनी को लेकर भी खबरों में हैं।
मनुस्मृति
. ................मनुस्मृति.................... जरा सोचिए, अगर आज भारत का कानून यह तय कर दे कि— "एक आम आदमी चोरी करे तो उसे...
-
केरोसिन (मिट्टी का तेल) 'संकटकालीन जीवनरक्षक' (Survival Fuel) की भारत में कहानी सिर्फ एक ईंधन की नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण जीवन क...
-
ईरान के लिए यह 'दोस्ती बनाम व्यापार' का मामला नहीं है, बल्कि वह भारत और चीन दोनों के साथ अपने रिश्तों को अलग-अलग तराजू में तौलता है।...
-
जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में निर्माणाधीन एक आगामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह द...
