गुरुवार, 18 मई 2023

राधा स्लूजा

 




*1975 में, वह सफल पंजाबी फिल्म मोरनी (1975) में दिखाई दीं।* 


1970 के दशक की शुरुआत में, वह आज की ताजा खबर (1973), मन जीते जग जीत (1973), दुखभंजन तेरा नाम (1974), मन जीते जग जीत, जैसी कई फिल्मों में एक महिला प्रधान के रूप में दिखाई दीं। पंजाबी, जिसमें उन्हें सुनील दत्त के साथ कास्ट किया गया था।



राधा सलूजा जाने-माने फिल्म संपादक रेणु सलूजा की बड़ी बहन हैं 


फिल्मों में कुछ समय बिताने के बाद वह लॉस एंजिल्स चली गईं , जहां उन्होंने एक जातीय रेडियो कार्यक्रम के मेजबान शमीम जैदी से शादी की। वहाँ उसने दो संगीत समूहों के साथ गाना गाया जो पूरे अमेरिका में प्रदर्शन करते थे। संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने के दौरान, उन्होंने लॉस एंजिल्स अदालत में एशियाई भाषाओं के विशेष दुभाषिया के रूप में काम करने वाली संघीय कानून सेवाओं के साथ नौकरी की।

राधा सलूजा एक भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने कुछ बंगाली , मलयालम , तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों के साथ मुख्य रूप से हिंदी सिनेमा , पंजाबी सिनेमा और तमिल में काम किया है।  फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की एक एलुमना , वह एमजी रामचंद्रन के साथ अपनी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं, जैसे इंद्रु पोल एंड्रम वाझ्गा और इधायक्कानी , जो दोनों क्रमशः 1977 और 1975 में तमिल में ब्लॉकबस्टर थीं। वह अपनी हिंदी फिल्मों जैसे हार जीत (1972) और एक मुट्ठी आसमान के लिए जानी जाती हैं(1973)। *1975 में, वह सफल पंजाबी फिल्म मोरनी (1975) में दिखाई दीं।*



सत्तर के दशक की हसीन हीरोइन राधा सलूजा को अब क्यों नौकरी करके करना पड़ रहा है गुजारा


इस अभिनेत्री की सादगी भरी खूबसूरती और उनकी बेहतरीन अदायगी पर लाखों दर्श बीवीकों का दिल डोल गया था। इस अभिनेत्री ने सत्तर के दशक में कई फिल्मों के जरिए अपने अभिनय का जलवा दिखाया था लेकिन फिल्मी दुनिया में इस अभिनेत्री का सफर छोटा रहा। हालांकि यह अभिनेत्री खूबसूरती और अदायगी में बड़ी अभिनेत्रियों से किसी मायने में कमतर नहीं थी लेकिन फिल्मी दुनिया में एक उंचा मुकाम पाने की उनकी हसरत पूरी नहीं हुई और उन्होंने फिल्मों से संन्यास ले लिया।


आपको याद होगा कि साल 1973 में आई फिल्म चालाक से किरण कुमार ने बतौर लीड एक्टर अपने फिल्मी कैरियर की शुरूआत की थी। इसमें दो अभिनेत्रियां भी थी अलका और राधा।


हालांकि फिल्म चालाक बॉक्स आफिस पर असफल हो गई लेकिन इस फिल्म का एक गाना खूब चला। यह गाना था — दिल का नजराना ले।


इस गाने में किरण कुमार के साथ जो एक्ट्रेस अदायगी कर रही हैं‚ वह एक्ट्रेस हैं राधा सलूजा।

राधा स्लूजा

उनका जन्म हिन्दू खत्री परिवार में 1954 में हुआ था। उनका असली नाम रीता सलूजा है। उनका परिवार फिल्म जगत से जुड़ा था। उनके परिवार के एच एल सलुजा 1950 के फिल्मकार हुआ करते थे। उनकी बड़ी बहन रेणु सलूजा ने भी बतौर अभिनेत्री कई फिल्मों में काम किया। उनकी शादी विधु विनोद चौपडा के साथ हुई थी। उनसे तलाक होने के बाद उनकी शादी सुधीर मिश्रा के साथ हुई।


हालांकि राधा सलूजा रेणु सलूजा से छोटी थीं लेकिन राधा सलूजा ने पहले फिल्म जगत में पदार्पण किया। 


1970 के दशक की शुरुआत में, उन्होंने आज की ताजा खबर, मन जीते जग जीत, दुखभंजन तेरा नाम, मन जीते जग जीत, जैसी कई फिल्मों में महिला प्रधान भूमिका में दिखाई दीं। लेकिन शुरू में राधा को खास प्रसिद्धी नहीं मिली। उनको असली पहचान मिली शत्रुघन सिंहा और अनिल धवन की 1971 की फिल्म दो राहा से। इसी के साथ वह अपने फिल्मी नाम राधा सलूजा के नाम से काम करने लगीं।


उससे पहले वह अपने असली नाम से फिल्मों में काम करती थीं। उन्होंने अपने असली नाम से 1967 की मुहब्बत और जंग और 1977 की राधे राधे में काम किया। हालांकि इन दोनों में उनकी भूमिका छोटी थी लेकिन अपनी खूबसूरती और अभिनय से वह दर्शकों के बीच छा गईं।


उन्होंने हिंदी फिल्मों के अलावा बंगाली, मलयालम, तेलुगु‚ कन्नड़, पंजाबी और तमिल फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने तेलुगु फिल्म टाइगर में एन. टी. रामा राव और रजनीकांत के साथ अभिनय किया। उन्होंने एम जी रामचन्द्रन के साथ भी काम किया।


उन्होंने दो राहा‚ लाखों में एक‚ आज की ताजा खबर, मन जीते जग जीते, हार जीत, सजाए मौत, मोरनी, एक मुठी आसमान‚ वही रात वही आवाज‚ जीवन संग्राम‚ रजिया सुल्तान जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का प्रदर्शन किया।


1981 में, वह विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म सज़ाये मौत में दिखाई दीं, जिनसे उनकी बहन रेणु की शादी हुई थी। यह एफटीआईआई, पुणे में चोपड़ा की 1976 की अपनी डिप्लोमा फिल्म, मर्डर एट मंकी हिल की पूर्ण-लंबाई वाली रीमेक थी। उन्होंने मूल फिल्म में अंजलि पैगंकर की भूमिका निभाई थी।


हालांकि उनका फिल्मी कैरियर बहुत छोटा रहा। उन्हें फिल्म जगत को छोड़े काफी साल हो चुके हैं।


उन्होंने 1990 के आसपास फिल्म जगत से सन्यास ले लिया और वह अमरीका के लॉस एंजिल्स चली गई। अमरीका में बसने के बाद उन्होंने रेडियो होस्ट शमीम जैदी से शादी की। ऐसा भी हो सकता कि उन्हें फिल्मों के आफर मिलने बंद हो गए, इसलिए वह अमरीका चली गईं। वह अमरीका में लांस एंजिलस के एक अदालत में एशियाई भाषाओं के विशेष दुभाषिए के रूप में काम करने वाली संघीय कानून सेवाओं के साथ नौकरी की। इंडिया टुडे में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब वह सलवार समीज पहन कर नौकरी पर जाती हैं तो लोगो की निगाहें उन पर जम जाती है और लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।


हालांकि फिल्मी दुनिया छोड़ने के 20 साल बाद 2003 में उन्होंने बनाना ब्रदर्स नामक हिंदी फिल्म से सिल्वर स्क्रीन पर वापसी की। लेकिन फिर वह अमरीका चली गयीं।


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