शुक्रवार, 12 मई 2023

ललिता पवार

 

ललिता पवार

जन्म की तारीख और समय: 18 अप्रैल 1916, नाशिक
मृत्यु की जगह और तारीख: 24 फ़रवरी 1998, औंध
पति: राज कुमार गुप्ता (विवा. ?–1998), गणपतराव पवार
बच्चे: जय पवार
माता-पिता: लक्ष्मण राव शगुन

ललिता पवार (Lalita Pawar) का जन्म एक रूढिवादी मराठी परिवार में हुआ था। उनका नाम उनकी मां ने रखा था, जो कि ललिता पवार नहीं बल्कि अम्बा लक्ष्मण राव सगुन था। उनके पिता गणेश राव मर्चेंट थे। ललिता पवार भारतीय सिनेमा की एक अनुभवी फिल्म अभिनेत्री थीं, जिनका विभिन्न भाषाओं में सात सौ से अधिक फिल्मों का लंबा करियर था। ललिता पवार को ना सिर्फ मंथरा के रोल से याद किया जाता है बल्कि वो बॉलीवुड फिल्मों की सबसे क्रूर सास के नाम से भी पहचानी जाती रही हैं।

हालांकि कम ही लोग जानते हैं कि ये बेहतरीन अदाकारा 40 के दशक की सबसे ग्लैमरस हीरोइन हुआ करती थी। 7 दशक तक फिल्मों में काम करने वालीं ललिता पवार ने 700 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। अभिनेत्री (Lalita Pawar) ने अपने करियर की शुरुआत 1930 और 40 के दशक की हिंदी फिल्मों में प्रमुख भूमिकाओं के साथ की, लेकिन जल्द ही कई दशकों तक समीक्षकों द्वारा प्रशंसित चरित्र भूमिकाएँ निभाईं, जो 1990 के दशक में अच्छी तरह से समाप्त हुईं।

































































































































कामयाबी के शिखर पर जब ललिता पवार पहुंच गईं, तब उनके साथ एक ऐसा हादसा हुआ जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल डाली। दरअसल ललिता पवार (Lalita Pawar ) फिल्म जंग-ए-आजादी की शूटिंग कर रही थीं। उनके साथ फिल्म में अभिनेता थे- भगवान दास। नए अभिनेता थे और उन्हें ज्यादा अनुभव भी नहीं था। एक सीन में उन्हें ललिता पवार को थप्पड़ मारना था। भगवान ने जैसे ही ललिता पवार को थप्पड़ मारा वह जमीन पर बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो पता चला कि उनकी आंख के पास की नस जोरदार थप्पड़ लगने से डैमेज हो गई है।

बता दे ललिता पवार को ठीक होने में लगभग तीन साल लगे, लेकिन उन्होंने फिर से एक बार फिल्मी पर्दे पर वापसी की। हालांकि, अब हालात बदल चुके थे। पहले वह बतौर अभिनेत्री फिल्मों में दिखाई देती थीं, लेकिन अब उन्हें दूसरे प्रकार के रोल करने का मौका मिला यानी खलनायिका या सपोर्टिंग रोल। यह कहानी भी बहुत मजेदार है कि आखिर उनकी वापसी कैसे हुई थी। दरअसल हुआ यूं कि ललिता पवार हादसे से उभरने के बाद फिल्मों में वापसी करना चाहती थीं, पर उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह ये कैसे करेंम। एक दिन उनके गुरु उनसे मिलने पहुंचे। ललिता पवार ने अपने दिल की बात उन्हें बताई. ललिता पवार की बात सुनकर उनके गुरु ने कहा कि तुम्हें अब अपनी नई पहचान बनानी होगी, वो भी नए नाम के साथ. ललिता पवार जानती थीं कि लेफ्ट आंख के खराब होने के बाद उन्हें कोई फिल्मों में बतौर एक्ट्रेस नहीं लेगा. अपने गुरु जी की बात ललिता पवार ने मानी और उन्होंने नई पहचान के साथ इंडस्ट्री में वापसी की। इस दौरान उनका नाम पड़ा था ललिता पवार।




































































































































बात अगर मंथरा यानि ललिता पवार  की अपनी पर्सनल लाइफ की करें तो ये काफी उतार चढ़ाव भरी रही। ललिता ने दो शादियां की I। उनकी पहली शादी गणपतराव पवार से हुई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन एक दिन ललिता को गणपतराव के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की बात पता चली। चौका देने वाली बात तो ये थी की ललिता की छोटी बहन ही उनकी सौतन बन चुकी थी। पति गणपतराव का अफेयर ललिता की ही छोटी बहन से चल रहा है। ललिता पवार को जब ये बात पता चली उन्होंने उस जमाने में पति गणपतराव को तलाक दे दिया था। ललिता पवार ने फिल्म निर्माता राजप्रकाश गुप्ता से दूसरी शादी कर ली। दोनों का एक बेटा है। साल 1998 में जब ललिता पवार की उम्र 81 साल थी वो दुनिया को अलविदा कह गईं। 1961 में, ललिता पवार को भारत सरकार द्वारा भारतीय सिनेमा की प्रथम महिला के रूप में सम्मानित किया गया था।


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