🔛अभिनेता/अभिनेत्री जट जाट
जाट (जट)लिस्ट
बॉबी देओल, भारतीय अभिनेता
दारा सिंह, भारतीय अभिनेता
दर्शन कुमार, भारतीय अभिनेता
धर्मेंद्र, भारतीय फिल्म अभिनेता
जयदीप अहलावत, भारतीय फिल्म अभिनेता
मल्लिका शेरावत, भारतीय फिल्म अभिनेत्री
रणदीप हुड्डा, भारतीय फिल्म अभिनेता
सिमरन मुंडी, भारतीय फिल्म अभिनेत्री
सनी देओल, भारतीय फिल्म अभिनेता
मेघना मलिक, भारतीय अभिनेत्री
दिलजीत दोसांझ, पंजाबी और हिंदी फ़िल्म अभिनेता
अमरिंदर गिल, पंजाबी फिल्म अभिनेता
एम्मी विर्क, पंजाबी फिल्म अभिनेता
🔛जाट धार्मिक लोग
भाई बाला (संधू जाट) - गुरु नानक (सिख धर्म के पहले गुरु) के अनुयायी और साथी और
बाबा बुद्ध (रंधावा जाट) - गुरु नानक के साथी और सिख धर्म के सबसे सम्मानित संतों में से एक
भाई बिधि चंद छिना - प्रसिद्ध सिख योद्धा और उपदेशक, घोड़ों की वसूली के लिए प्रसिद्ध, गुरु हरगोबिंद के
जसनाथ जी
वीर तेजाजी राजस्थान के लोकदेवता
वीर बिग्गाजी
🔛जाट जट राज
राजा राम जाट
महाराजा रणजीत सिंह संधवालिया
महेंद्र प्रताप, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, लेखक, मुरसान
सूरज मल, भरतपुर राज्य के
हीरा सिंह नाभा, नाभा राज्य के
पटियाला के महाराजा आला सिंह
पटियाला राज्य के महाराजा भूपिंदर सिंह
रघुबीर सिंह जींद, जींद राज्य के
बल्लभगढ़ रियासत के राजा नाहर सिंह
आनंगपाल सिंह जी तोमर
बाबा दीप सिंह जी
देवी सिंह जी 1857 के क्रांतिकारी
ग्वालियर नरेश भीम सिंह राणा
🔛पहलवानों में
दारा सिंह
सुशील कुमार, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता
गीता फोगट
बबीता फोगाट
बजरंग पुनिया ओलम्पिक पदक विजेता
रवि कुमार दहिया ओलम्पिक पदक विजेता
साक्षी मलिक
पवन कुमार
विनेश फोगाट
रितु फोगाट
संगीता फोगाट
🔛मुक्केबाजों में
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह
परमजीत समोता
गौरव सोलंकी
सीमा बेनीवाल
🔛एथलीट में
कृष्णा पूनिया, डिस्कस थ्रोअर और ट्रैक एंड फील्ड एथलीट
सीमा अंतिल
क्रिकेटरों
संपादित करें
आशीष नेहरा
युवराज सिंह
शुबमन गिल
दीपक हुड्डा
प्रवीण कुमार
वीरेंद्र सहवाग
युजवेन्द्र चहल
दीपक चाहर
राहुल चाहर
राहुल तेवतिया
अनिकेत चौधरी
प्रदीप साहू
शिखर धवन
अर्शदीप सिंह
🔛समाज सुधारक
संपादित करें
स्वामी केशवानंद
जसनाथ जी
कर्माबाई
धन्ना भगत
रानाबाई
🔛राज नीति में
भारत
अमरिंदर सिंह,
बलराम जाखड़
बंसी लाल
चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा
चरण सिंह , भारत के छठे
चौधरी देवी लाल
चौधरी भरत सिंह
छोटू राम
हरकिशन सिंह सुरजीत
हरलाल सिंह
प्रताप सिंह कैरों
साहिब सिंह वर्मा
नवजोत सिंह सिद्धू, राजनीतिज्ञ, टेलीविजन व्यक्तित्व और पूर्व क्रिकेटर।
हनुमान बेनीवाल
रामेश्वर लाल डूडी
शीशराम ओला
पाकिस्तान
संपादित करें
चौधरी मुमताज जज्जा - राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं के पूर्व सदस्य
भगवंत मान
प्रकाश सिंह बादल परिवार
🔛ऐतिहासिक
सूरज मल राजस्थान में भरतपुर के महाराजा 1755-1763 तक महाराजा सूरजमल या सूजान सिंह (13 फरवरी 1707 – 25 दिसम्बर 1763) राजस्थान के भरतपुर के हिन्दू जाट राजा थे। उनका शासन जिन क्षेत्रों में था वे वर्तमान समय में भारत की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, बुलन्दशहर, ग़ाज़ियाबाद, फ़िरोज़ाबाद, इटावा, हाथरस, एटा, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ जिले; राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, अलवर, जिले; हरियाणा का गुरुग्राम, रोहतक, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, मेवात जिलों के अन्तर्गत हैं। राजा सूरज मल में वीरता, धीरता, गम्भीरता, उदारता, सतर्कता, दूरदर्शिता, सूझबूझ, चातुर्य और राजमर्मज्ञता का सुखद संगम सुशोभित था। मेल-मिलाप और सह-अस्तित्व तथा समावेशी सोच को आत्मसात करने वाली भारतीयता के वे सच्चे प्रतीक थे। राजा सूरज मल के समकालीन एक इतिहासकार ने उन्हें 'जाटों का प्लेटों' कहा है। इसी तरह एक आधुनिक इतिहासकार ने उनकी स्प्ष्ट दृष्टि और बुद्धिमत्ता को देखने हुए उनकी तुलना ओडिसस से की है।
सूरज मल भरतपुर के महाराजा बहादुर जंग ब्रजनरेश महाराजा सूरजमल महाराजा सूरजमल शासनावधि 1755 - 1763 AD राज्याभिषेक डीग, 22 May 1755 पूर्ववर्ती बदन सिंह उत्तरवर्ती महाराजा जवाहर सिंह जन्म 13 फरवरी 1707 भरतपुर निधन 25 दिसम्बर 1763 दिल्ली जीवनसंगी महारानी किशोरी देवी संतान जवाहर सिंह नाहर सिंह रतन सिंह नवल सिंह रंजीत सिंह घराना सिनसिनवार जाट पिता बदन सिंह माता महारानी देवकी सूरज मल के नेतृत्व में जाटों ने आगरा नगर की रक्षा करने वाली मुगल सेना (गैरिज़न) पर अधिकार कर कर लिया। 25दिसम्बर 1763ई में दिल्ली के शाहदरा में मुगल सेना द्वारा घात लगाकर किए गए एक हमले में सूरजमल की मृत्यु हो गयी। उनकी मृत्यु के समय उनके अपने किलों पर तैनात सैनिकों के अलावा, उनके पास 25,000 पैदल सेना और 15,000 घुड़सवारों की सेना थी।
महाराजा सूरज मल के शासन मे जाट साम्राज्य
🔛भरतपुर दुर्ग
गोवर्धन में सूरज मल का चित्र जिसे विलियम हेनरी बेकर ने १८१८६० में बनाया था। भरतपुर जहां स्थित है, वह इलाका सोघरिया जाट सरदार रुस्तम के अधिकार में था। यहां पर सन 1733 में भरतपुर नगर की नींव डाली गई। सन 1732 में बदनसिंह ने अपने 25 वर्षीय पुत्र सूरजमल को डीग के दक्षिण-पश्चिम में स्थित सोघर गांव के सोघरियों पर आक्रमण करने के लिए भेजा। सूरजमल ने सोघर को जीत लिया। वहाँ राजधानी बनाने के लिए किले का निर्माण शुरू कर दिया। भरतपुर में स्थित यह किला लोहागढ़ किला ( Iron fort ) के नाम से जाना जाता है। यह देश का एकमात्र किला है, जो विभिन्न आक्रमणों के बावजूद हमेशा अजेय व अभेद्य रहा। बदन सिंह और सूरजमल यहां सन 1753 में आकर रहने लगे।
भरतपुर के किले का निर्माण-कार्य शुरू करने के कुछ समय बाद बदनसिंह की आंखों की ज्योति क्षीण होने लगी। अतः उसने विवश होकर राजकाज अपने योग्य और विश्वासपात्र पुत्र सूरजमल को सौंप दिया। वस्तुतः बदनसिंह के समय भी शासन की असली बागडोर सूरजमल के हाथ में रही।
मुगलों, मराठों व राजपूतों से गठबंधन का शिकार हुए बिना ही सूरजमल ने अपनी धाक स्थापित की। घनघोर संकटों की स्थितियों में भी राजनीतिक तथा सैनिक दृष्टि से पथभ्रांत होने से बचता रहा। बहुत कम विकल्प होने के बावजूद उसने कभी गलत या कमजोर चाल नहीं चली। उसने यत्न किया कि संघर्ष का पथ अपनाने से पहले सब शांतिपूर्ण उपायों को अवश्य आज़माया जाए।
नवजात जाट राज्य की रक्षा करने और उसे सुरक्षित बनाए रखने के लिए उसने साहस तथा सूझबूझ का परिचय दिया।
उत्पत्ति और पूर्वज शक्ति का उदय मराठों से मतभेद महाराजा सूरजमल की उदारता इन्हें भी देखने योग्य है
🔛भारतीय उपमहाद्वीप के कुछ जाट वंशों के नाम और उनका प्राप्ति-क्षेत्र दिया गया है।
राजवंश राज्य वर्तमान स्थान
सिनसिनवार भरतपुर राज्य राजस्थान
देशवाल धौलपुर राज्य[राजस्थान
कसवां सिद्धमुख राजस्थान
सिहाग सुईं राजस्थान
बेनीवाल रासलाना राजस्थान
पूनिया बलुंडा राजस्थान
सहारण भाड़ंग राजस्थान
जोहिया भुरूपाल राजस्थान
सोगरिया सोगर राजस्थान
नागवंशी नागौर राजस्थान
नागिल रणथम्भोर राजस्थान
गोदारा शेखसर
टप्पा राया राजस्थान
उत्तर प्रदेश
ठेनुवा हाथरस
मुरसान
सासनी
बेसवाँ उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
तोमर सौंख
पिसावा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
दलाल कुचेसर उत्तर प्रदेश
काकरान सहानपुर उत्तर प्रदेश
सिकरवार जारखी उत्तर प्रदेश
पिलानिया ऊंचागांव उत्तर प्रदेश
पवार मौलाहेडी उत्तर प्रदेश
रोहिला रामपुर रियासत उत्तर प्रदेश
तेवतिया बल्लभगढ़ राज्य हरियाणा
अघा तिलपत हरियाणा
मण्ढ़ान कुंजपुरा हरियाणा
गिल निशानवालिया मिस्ल हरियाणा
सिद्धु कैथल
जीन्द राज्य
पटियाला राज्य
नाभा राज्य
फरीदकोट राज्य
मलौद
भदौड़
फूलकियाँ मिस्ल हरियाणा
हरियाणा
पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
अहलुवालिया अहलुवालिया मिस्ल
कपूरथला राज्य पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
बैंस अलावलपुर पंजाब (भारत)
विर्क सिंघपुरिया मिस्ल
रूपनगर पंजाब (भारत)
पंजाब (भारत)
ढिल्लों भंगी मिस्ल पंजाब (भारत)
धालीवाल करोड़सिंहिया मिस्ल] पंजाब (भारत)
संधू शहीद मिस्ल
कलसिया राज्य
थानेसर
बुरिया
कन्हैया मिस्ल
नकई मिस्ल पंजाब (भारत)
हरियाणा
हरियाणा
हरियाणा
पंजाब (पाकिस्तान)
पंजाब (पाकिस्तान)
सियाल सियालकोट पंजाब (पाकिस्तान) इनके कुल पुरोहित थे मंडार
लंगाह मुल्तान पंजाब (पाकिस्तान)
संधवालिया सुकेरचकिया मिस्ल
पंजाब साम्राज्य
लाडवा पंजाब (पाकिस्तान)
भारतीय उपमहाद्वीप
हरियाणा
बमरौलिया गोहद राज्य
ग्वालियर मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश
दोंदरिया इंदरगढ़
पिछोर मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश
हंसेलिया भितरवार मध्य प्रदेश
खिरवार नरसिंहपुर मध्य प्रदेश
मलिक वाराही
बजना गुजरात
गुजरात
केकन कैकान राज्य सिंध
हाला हालाखंडी सिंध
सामानी सीसम सिंध
माकड़ मकरान बलूचिस्तान
वराह हरवार, नीमच
हरियाणा
मध्यप्रदेश
हरियाणा

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