गुरुवार, 2 नवंबर 2023

लक्ष्मी कांत

लक्ष्मीकांत
पूरा नाम लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर
प्रसिद्ध नाम लक्ष्मीकांत

🎂जन्म 03 नवंबर, 1937
जन्म भूमि बंबई (अब मुंबई)
⚰️मृत्यु 25 मई, 1998

कर्म भूमि मुंबई
कर्म-क्षेत्र संगीतकार
मुख्य रचनाएँ 'सावन का महीना', 'दिल विल प्यार व्यार', 'बिन्दिया चमकेगी', 'चिट्ठी आई है' आदि।
मुख्य फ़िल्में 'मिलन', 'शागिर्द', 'इंतक़ाम', 'दो रास्ते', 'सरगम', 'हीरो', 'नाम', 'तेज़ाब', 'खलनायक' आदि।
पुरस्कार-उपाधि लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने सात बार सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का फ़िल्मफेयर पुरस्कार जीता।
प्रसिद्धि संगीतकार
नागरिकता भारतीय
लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर (जन्म: 3 नवंबर, 1937, बंबई; मृत्यु: 25 मई, 1998) हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार थे, जिनकी जोड़ी संगीतकार प्यारेलाल के साथ 'लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल' के नाम से मशहूर है।
लक्ष्मीकांत की नौ वर्ष की
 छोटी-सी उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया, जिसके कारण उन्हें बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देनी पड़ी। बचपन के दिनों से ही लक्ष्मीकांत का रुझान संगीत की ओर था और वह संगीतकार बनना चाहते थे।
लक्ष्मीकांत ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा उस्ताद हुसैन अली से हासिल की। इस बीच घर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए लक्ष्मीकांत ने संगीत समारोह में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। आगे चलकर वाद्य यंत्र मेंडोलियन बजाने की शिक्षा बालमुकुंद इंदौरकर से ली।
लक्ष्मीकांत अपने जोड़ीदार प्यारेलाल के साथ संगीतकार की जोड़ी बनाकर फ़िल्म जगत में संगीत का लोहा मनवाकर ही माने।
अपने कॅरियर की शुरुआत में कल्याण जी आनन्द के सहायक के रूप में उन्होंने 'मदारी', 'सट्टा बाज़ार', 'छलिया' और 'दिल तेरा हम भी तेरे' जैसी कई फ़िल्मों में काम किया।
इस जोड़ी पर संगीत का ऐसा जुनून था कि मशहूर निर्माता-निर्देशक बाबू भाई मिस्त्री की क्लासिकल फ़िल्म 'पारसमणि' ने इनकी तक़दीर बदल कर रख दी। फिर पीछे मुड़कर देखने का मौक़ा ही नहीं मिला।
कुछ प्रसिद्ध गीत
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने हिन्दी सिनेमा को बेहतरीन गीत दिये उनमें कुछ के नाम नीचे दिये गये हैं।

सावन का महीना... (फ़िल्म- मिलन)
दिल विल प्यार व्यार... (फ़िल्म- शागिर्द)
बिन्दिया चमकेगी... (फ़िल्म- दो रास्ते)
मंहगाई मार गई... (फ़िल्म- रोटी कपड़ा और मकान)
डफली वाले... (फ़िल्म- सरगम)
तू मेरा हीरो है... (फ़िल्म- हीरो )
यशोदा का नन्दलाला... (फ़िल्म- संजोग)
चिट्ठी आई है... (फ़िल्म- नाम)
एक दो तीन... (फ़िल्म- तेज़ाब)
चोली के पीछे क्या है... (फ़िल्म- खलनायक)

सौम्या टंडन

सौम्या टंडन

🎂03 नवम्बर 1984 
भोपाल, मध्य परदेश, भारत

पेशा
मॉडल टीवी सेलिब्रिटी 

प्रसिद्धि का कारण
भाभी जी घर पर है!

जीवनसाथी
-सौरभ देवेन्द्र सिंह
 (वि॰ 2016)
बच्चे
1



टंडन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में मॉडलिंग का भी कार्यभार संभाला। वह 'फेमिना कव्हर गर्ल' 2006 थीं। वह वर्तमान में लोकप्रिय कॉमेडी धारावाहिक `भाभी जी घर पर हैं' में 'अनीता भाभी' या 'गोरी मेम' का चरित्र निभा रही हैं। उन्होंने सह-मेज़बान के तौर पर 'जोर का झटका: कुल वाइपआउट' (वाइपआउट प्रारूप पर आधारित) शाहरुख खान के साथ 2011 में काम किया। उसने तीन सत्रों के लिए 'डांस इंडिया डांस' की मेजबानी की है जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ एंकर पुरस्कार भी मिला है। उन्होंने तीन सीजन के लिए डेरेक ओ'ब्रायन के साथ 'बोर्नवीटा क्विज़' प्रतियोगिता आयोजित की। इम्तियाज़ अली की जब वी मेट में, शाहिद कपूर और करीना कपूर अभिनय के साथ उन्होंने करीना की सहायक चरित्र अभिनेत्री की भूमिका को निभाई। उन्होंने तीन सत्रों के लिए 'एल जी मलिका-ए-किचन' भी आयोजित की।

प्रारंभिक जीवन

सौम्या टंडन का जन्म 03 नवंबर 1984 को भोपाल, मध्य प्रदेश में हुआ था। वह उज्जैन में बड़ी हुई, जहाँँ इन्होंने स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी की।

व्यक्तिगत जीवन

टंडन अपने निजी जीवन के बारे में बात करने में बहुत अनिच्छुक है। 2016 में उन्होंने अपने प्रेमी सौरभ देवेंद्र सिंह से विवाह किया। शादी से पहले, उसने 10 साल तक उसे दिनांकित किया। वह अक्षय कुमार द्वारा उनकी फिटनेस के लिए प्रेरित है। जब उनकी ट्रोल की जाती है और नकारात्मक टिप्पणियाँँ पोस्ट करने वालों को अवरुद्ध करने की इच्छा होती है तो वह बहुत सख्त होती है। वह विभिन्न प्रकार के कपड़े पहनना पसंद करती है। उन्होंने कहा:

हम टीवी पर देखते हैं कि अभिनेत्री एक ही तरह की साड़ी पहनती हैं, लेकिन रंग बदलते रहते हैं। ऐसा लगता है कि वे एक विनिर्माण इकाई में हैं। हालाँकि, मैंने अपने संगठनों को एक-दूसरे से काफी अलग रखा है। ड्रेसिंग खत्म नहीं हुआ है ... मैं सिर्फ एक मंत्र का पालन करती हूँँ, जो 'कम है'।

2017 में टंडन ने सोनू निगम को अपने अज़ान विवाद के लिए समर्थन देने के लिए बयान दिया:

आपको यह साबित करने के लिए दूसरों को चिल्लाने और परेशान करने की आवश्यकता नहीं है कि आप कितने धार्मिक हैं। सोनू निगम से मैं सहमत हूँ।

डायना पेंटी

डायना पेंटी भारतीय मॉडल और अभिनेत्री है जो बॉलीवुड फ़िल्मों में काम करती है। उन्होनें 2005 से मॉडलिंग करनी शुरू की और जल्द ही भारत के शीर्ष डिजाइनरों में से कई के लिए रैंप पर चली और प्रमुख ब्रांडों का विज्ञापन करने के बाद उन्होनें मॉडल के रूप में सफल कैरियर की स्थापना की। 

🎂जन्म : 02 नवंबर 1985 मुम्बई

लंबाई: 1.78 मी
नामांकन: फिल्मफेयर पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ नवोदित महिला

पेंटी का जन्म 2 नवंबर 1985 को मुंबई, महाराष्ट्र में एक पारसी पिता और एक कोंकणी ईसाई मां के घर हुआ था।
वह एक पारसी परिवार से संबंध रखती हैं। फिल्मों से पहले डायना मॉडलिंग इंडस्ट्री में काफी नाम कमा चुकी थीं। उन्होंने कॉलेज के दिनों में अपनी तस्वीरें एलीट मॉडल्स इंडिया को भेजीं, जिसमें उनके काम को पसंद किया गया। एलीट ने ही डायना को मॉडलिंग असाइनमेंट करने के लिए कहा। 

हालांकि कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग में करियर बनाने को लेकर डायना कन्फ्यूज थीं इसलिए उन्होंने मॉडलिंग का काम पार्ट टाइम ही किया। डायना जब छह साल की थीं तभी उन्होंने अपना पहला फोटोशूट करवाया था। साल 2005 में डायना ने आधिकारिक तौर पर एलीट मॉडल्स इंडिया के लिए काम करना शुरू किया। कम ही समय में डायना ने मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बना ली। यही नहीं मेबलीन के एक एड के लिए डायना ने दीपिका पादुकोण को रिप्लेस किया था।
इतना ही नहीं बहुत कम ही लोग यह जानते होंगे कि रणबीर कपूर की फिल्म रॉकस्टार के लिए नरगिस फाखरी पहली पसंद नहीं थीं। इस फिल्म में पहले डायना पेंटी को फाइनल किया गया था। हालांकि, उस समय कई मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स में व्यस्त होने की वजह से वह इस फिल्म को नहीं कर पाईं।

मीता वशिष्ट

मीता वशिष्ठ
मीता वशिष्ठ एक लोकप्रिय अभिनेत्री हैं। मीता वशिष्ठ द्वारा अभिनीत नवीनतम फिल्में नियत, चल जिंदगी, गुड लक जेरी, सिद्धेश्वरी और पातालघर हैं । मीता वशिष्ठ का 

🎂जन्म 02 नवंबर 1967 

को हुआ था।

 एक भारतीय टेलीविजन और फिल्म अभिनेत्री हैं, जो मुख्य रूप से हिंदी टीवी धारावाहिक और फिल्मों में अपने काम के लिए जानी जाती हैं। अपने करियर के दौरान वशिष्ठ ने कई तरह की भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी सबसे प्रमुख में कृतियों में शामिल हैं; साइंस फिक्शन टेलीविजन श्रृंखला 'स्पेस सिटी सिग्मा' जिसका प्रसारण 1989-1991 तक हुआ, पचपन खंबे लाल दीवारें। शो स्वाभिमान में एलन के किरदार से सीरियल 'कहानी घर घर की' में तृष्णा के रूप में और ज़ी टीवी के सीरियल 'काला टीका' में जेठी मां के किरदार से लेकर हिंदी सिनेमा के कई भूमिकाओं में उन्हें उनके किरदार के रूप में पहचान मिली। 
📽️
2006 शादी से पहले 
2004 फिर मिलेंगे 
2003 पातालघर 
2002 पिता 
2002 घाव 
2001 कुछ खट्टी कुछ मीठी 
2000 ज़िन्दगी ज़िन्दाबाद 
1999 ताल 
1998 ग़ुलाम 
1998 दिल से 
1995 स्वाभिमान दूरदर्शन धारावाहिक
1994 द्रोह काल
1994 तर्पण 
1993 रुदाली 
1991 कस्बा 
1991 ईडियट 
1990 दृष्टि
1990 चाँदनी 
1989 ख्याल गाथा 
1989 चाँदनी

रोशनी चोपड़ा

रोशनी चोपड़ा हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री एवं मॉडल हैं।

🎂जन्म: 02 नवंबर 1980 नई दिल्ली
पति: सिद्धार्थ आनंद कुमार (विवा. 2006)
बच्चे: जयवीर
माता-पिता: मंजू चोपड़ा, रवि चोपड़ा
बहन: दीया चोपड़ा
चोपड़ा की छोटी बहन दीया चोपड़ा भी एक अभिनेत्री हैं। चोपड़ा ने फिल्म निर्माता सिद्धार्थ आनंद कुमार से शादी की है। उन्होंने 05 नवंबर 2012 को अपने पहले बच्चे, बेटे जयवीर को जन्म दिया। उन्होंने 18 अगस्त 2016 को अपने दूसरे बेटे रेयान को जन्म दिया।

करियर: रोशनी ने विक्रम भट्ट की फ़िल्म 'फ़िर' में अभिनय किया, जो 12 अगस्त 2011 में रिलीज़ हुई। उन्होंने 2009-10 में सोनी टीवी पर कॉमेडी सर्कस तीन का तड़का शो की मेजबानी की है, और वर्तमान में स्टार स्पोर्ट्स पर 'हीरोज - लम्हें और यादें' की एंकर हैं। उन्होंने मौत का खेल में एक डरावनी टीवी श्रृंखला में भी काम किया है, उन्होंने कलर्स पर कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में भी काम किया।

ईशा दियोल

ईशा देओल

🎂जन्म: 02 नवंबर 1981 मुम्बई
 
एक भारतीय अभिनेत्री है। वह प्रसिद्ध अदाकार धर्मेंद्र और अदाकारा हेमा मालिनी की बेटी है। उसने 2002में फ़िल्म कोई मेरे दिल सौ पूछे से बालीवुड में अपनी अदाकारी की शुरुआत की। यह फ़िल्म कामयाब नहीं हुई। उसको 2004 की फ़िल्म धूम से कामयाबी मिली। 
पति: भरत तख्तानी (विवा. 2012)
माता-पिता: हेमा मालिनी, धर्मेन्द्र
भाई: अहाना देओल, बॉबी देओल, सनी देओल, अजीता देओल, विजेता देओल
कज़न: अभय देयोल
बेटियां- 2
🎂• राध्या (20 अक्टूबर 2017 को जन्म)
🎂• मिराया (10 जून 2019 को जन्म)
विजेता देओल (सौतेली बहनें)
• अजीता देओल (सौतेली बहनें)

गृहनगर साहनेवाल, लुधियाना, पंजाब
स्कूल/विद्यालय जमनाबाई नरसी स्कूल मुंबई
कॉलेज/विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, यूके
शौक्षिक योग्यता मीडिया और कंप्यूटर प्रौद्योगिकी में परास्नातक
धर्म सिख 
जाति जाट
आहार शाकाहारी 
विवाद वर्ष 2006 में उन्होंने फिल्म 'प्यारे मोहन' की शूटिंग के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री अमृता राव को थप्पड़ मार दिया। एक साक्षात्कार में, ईशा ने कहा, हां, मैंने अमृता को थप्पड़ मारा। पैक-अप के एक दिन बाद, उसने मेरे निर्देशक इंद्र कुमार और मेरे कैमरामैन के सामने मुझे गालियां दीं और मुझे लगा कि यह बिल्कुल गलत है। अपने स्वाभिमान और मर्यादा की रक्षा के लिए मैंने उस क्षण की तपिश में उसे थप्पड़ मार दिया। मुझे कोई पछतावा नहीं है क्योंकि वह उस समय मेरे प्रति अपने व्यवहार के लिए पूरी तरह से योग्य थी। मैं सिर्फ अपने और अपनी गरिमा के लिए खड़ी हुई।” 

📽️
प्रमुख फिल्में
2007 जस्ट मैरिड 
2007 कैश
2006 मेरा दिल लेके देखो 
2005 मैं ऐसा ही हूँ 
2005 शादी नम्बर वन 
2005 इन्सान 
2005 काल 
2005 नो एन्ट्री 
2005 दस 
2004 धूम 
2004 युवा   
2003 चुरा लिया है तुमने 
2003 कुछ तो है 
2002 क्या दिल ने कहा 
2002 ना तुम जानो ना हम  
2002 कोई मेरे दिल से पूछे

बुधवार, 1 नवंबर 2023

राम मोहन


नाम राम मोहन

🎂जन्म 02 नवंबर, 1929
जन्म भूमि अंबाला
⚰️मृत्यु 06 दिसम्बर, 2015
मृत्यु स्थान मुम्बई

अभिभावक पिता- डॉक्टर साधुराम शर्मा और माता- योगमाया शर्मा
संतान तीन पुत्र और एक पुत्री
कर्म भूमि मुम्बई
कर्म-क्षेत्र सिनेमा जगत
मुख्य फ़िल्में 'हरियाली और रास्ता', 'मेरे हुज़ूर', 'तक़दीर', 'शोर', 'किताब', 'जियो तो ऐसे जियो', 'अंगूर', 'सावन को आने दो', 'शान', 'नदिया के पार', 'बंटवारा', 'ग़ुलामी', 'रंगीला' और 'कोयला'
शिक्षा बी. ए.
विद्यालय जी. एम. एन. कॉलेज, अंबाला
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी राम मोहन 4 साल 'सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन' के उपाध्यक्ष और 6 साल महासचिव पद पर रहे तथा इसके अलावा वो सिनेमा से जुड़े लोगों के हित में कार्यरत विभिन्न एसोसिएशनों में भी सक्रिय रहते थे।

हिंदी सिनेमा में खलनायक और चरित्र अभिनेता के तौर पर पहचाने जाते थे। उन्होंने 'मिर्ज़ा ग़ालिब', 'तारा', 'शतरंज', 'संसार', 'बहादुर शाह ज़फ़र', 'ये दिल्ली है' और 'महाभारत' जैसे 15 टेलिविज़न धारावाहिकों में अभिनय भी किया था।

 जीवन परिचय

राम मोहन का जन्म 02 नवंबर, 1929 को अंबाला कैंट में हुआ था। इनके पिता डॉक्टर साधुराम शर्मा मूल रूप से जगाधरी के रहने वाले थे और अंबाला में अपना चिकित्सालय चलाते थे। राम मोहन की माताजी श्रीमती योगमाया शर्मा गृहिणी थीं। ये उनकी इकलौती संतान थे, हालांकि पिता की पहली शादी से भी इनका एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन थे। राम मोहन ने अंबाला के आर्या स्कूल से मैट्रिक शिक्षा प्राप्त की।

: राम मोहन का फ़िल्मी कॅरियर

राम मोहन के एक परिचित और अंबाला के ही रहने वाले महेश उप्पल मुंबई सेंट्रल के पास ही मौजूद 'फेमस आर्ट स्टूडियो' में चित्रकार की नौकरी करते थे और रहते भी स्टूडियो में ही थे। राम मोहन ने क़रीब दो महीने महेश उप्पल के साथ रहकर गुज़ारे। राम मोहन के मुताबिक़़ वो उस दौरान रोज़ाना आसपास के इलाक़ों दादर और महालक्ष्मी में मौजूद 'रंजीत मूवीटोन' और 'फ़ेमस स्टूडियो' जैसे फ़िल्म स्टूडियोज़ के चक्कर काटते थे। कभी कभार उन स्टूडियोज़ में घुसने के लिए उन्हें दरबान को रिश्वत भी देनी पड़ती थी। दो महीने बाद उन्हें महेश उप्पल का स्टूडियो छोड़ना पड़ा तो वो रहने के लिए विले पारले चले आए।

📽️प्रमुख फ़िल्में

 राम मोहन की प्रमुख फ़िल्में
राम मोहन की फ़िल्म 'जग्गू' की कामयाबी के बाद उनके रास्ते आसान हो गये। अगले कुछ सालों में उन्होंने 'श्री चैतन्य महाप्रभु' (1953), 'पेंशनर' (1954), 'होटल', 'लाल-ए-यमन' (दोनों 1956), 'देवर भाभी', 'मिस 58', 'नाईट क्लब', 'राजसिंहासन' (सभी 1958), 'भगवान और शैतान', 'चाचा ज़िंदाबा', 'दो बहनें', 'टीपू सुल्तान' (सभी 1959), 'अंगुलिमाल', 'बहादुर लुटेरा', 'चोरों की बारात', 'काला आदमी' और 'मिस्टर सुपरमैन की वापसी' (सभी 1960) जैसी फ़िल्मों में अहम भूमिकाएं निभायीं।

टेलिविज़न धारावाहिक
राम मोहन ने 'मिर्ज़ा ग़ालिब', 'तारा', 'शतरंज', 'संसार', 'बहादुर शाह ज़फ़र', 'ये दिल्ली है' और 'महाभारत' जैसे 15 टेलिविज़न धारावाहिकों में अभिनय किया। इसके साथ ही 4 साल 'सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन' के उपाध्यक्ष और 6 साल महासचिव पद पर रहने के अलावा वो सिनेमा से जुड़े लोगों के हित में कार्यरत विभिन्न एसोसिएशनों में भी सक्रिय रहे।

निधन
राम मोहन का निधन 86 साल की उम्र में 06 दिसम्बर, 2015 को मुम्बई में हो गया।

भारत ईरान संबंध

भारत-ईरान संबंध भारत गणराज्य और ईरान इस्लामी गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध हैं । स्वतंत्र भारत और ईरान ने 15 मार्च 1950 को राजनयिक संबंध ...